भारतीय जन नाट्य संघ का तीन दिवसीय दसवां राज्य सम्मेलन सम्पन्न, सदाचार के तावीज़ से परसाई के गूंजे बोल

भारतीय जन नाट्य संघ का तीन दिवसीय दसवां राज्य सम्मेलन सम्पन्न, सदाचार के तावीज़ से परसाई के गूंजे बोल

*अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने जनकवि धूमिल की कविता "पटकथा" का एकल का सफल मंचन*


अनूपपुर

वैचारिक रूप से जनप्रतिबद्ध कला और जन संस्कृति का संरक्षक और संवाहक भारतीय जन नाट्य संघ का मध्य प्रदेश का दसवां राज्य सम्मेलन छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट स्थित अनूपपुर के बलराज साहनी सभागृह में संपन्न हुआ। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आये कलाकारों ने, देश-दुनिया के मौजूदा हालात पर गंभीरता से चिंतन-मनन किया और नाट्य विधा की विभिन्न प्रस्तुतियाँ पेश कीं। आयोजन में इप्टा इंदौर इकाई द्वारा हरिशंकर परसाई की कहानी पर आधारित "सदाचार का तावीज़" की नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को ठहाके लगाने के साथ-साथ सोचने पर विवश कर दिया। यही परसाईजी की लेखनी की विशेषता भी थी। 

सम्मेलन में अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने जनकवि धूमिल की कविता "पटकथा" का एकल मंचन किया। प्रयागराज (इलाहाबाद) की समानांतर संस्था ने "असमंजस बाबू", इप्टा लखनऊ के कलाकारों ने स्वतंत्रता संग्राम के 100 वर्षों की अवधि को समेटे हुए क्रांतिकारी अशफाक उल्ला की "दास्तान-ए-अशफाक" को किस्सागोई से तथा विवेचना इप्टा जबलपुर ने "72 मील" नाटक के माध्यम से हमारे समाज की विसंगतियों पर चोट की और दर्शकों का मन मोह लिया।


राज्य सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी और इप्टा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश वेदा (लखनऊ) ने कहा कि वर्तमान समय विश्व के लिए उलझन भरा है। लेखक, रंगकर्मी, पेंटर अपने-अपने माध्यमों से इसे अभिव्यक्त कर रहे हैं। 

प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य सचिव सत्यम पांडे (भोपाल) ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद यह सम्मेलन एक उपलब्धि है। धर्म के नाम पर राजनीति विस्तारित हो रही है। खगोल विज्ञानी अमिताभ पांडे के अनुसार संस्कृति, प्रकृति और समाज के संबंधों को निर्धारित करती है। मनुष्य ब्रह्मांड में अपनी औक़ात नहीं समझ पा रहा है, यह उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है। सम्मेलन में प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न प्रस्ताव रखे गए, जिन्हें सर्वानुमति से पारित किया गया। सम्मेलन के संगठन सत्र में महासचिव शिवेंद्र शुक्ला ने अपने कार्यकाल की रिपोर्ट पेश की। उस रिपोर्ट पर विभिन्न इकाइयों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। 


आगामी वर्षों के लिए कार्यकारिणी का सर्वानुमति से गठन किया गया। संरक्षक मंडल में हिमांशु राय, डॉक्टर विद्या प्रकाश, विजय नामदेव, अध्यक्ष मंडल में विनीत तिवारी, अनिल दुबे, सीमा राजोरिया, हरनाम सिंह, पंकज दीक्षित, विजेंद्र सोनी, अध्यक्ष हरिओम राजोरिया, महासचिव शिवेंद्र शुक्ला, कोषाध्यक्ष नीरज खरे, सचिव मंडल में अभिषेक अंशु, सारिका श्रीवास्तव, हूरबानो सैफी, गुलरेज़ खान, आयुष सोनी, कार्यकारिणी में रामदुलारी शर्मा, पल्लविका पटेल, आदित्य रुसिया, अफरोज़ ख़ान, प्रमोद बागड़ी, मुकेश बिजौले, अशोक दुबे, सचिन वर्मा, बद्रीश पांडे, योगेश कुशवाहा को निर्वाचित घोषित किया गया। सम्मेलन में कलाकारों ने विभिन्न अवसरों पर जनगीतों की प्रस्तुति दी।  कार्टून और पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। 

सम्मेलन के प्रारंभ में आयोजन समिति की अध्यक्ष पल्लविका पटेल, महासचिव लक्ष्मी खेड़िया ने अतिथियों का स्वागत किया। श्रम संगठन एटक के एस.एस. मौर्य के शुभकामना संदेशों का वाचन कोषाध्यक्ष श्रद्धा सोनी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजेंद्र सोनी, गिरीश पटेल, आयुष सोनी, बेथल हायर सेकेंडरी विद्यालय के संचालक नोवेल की सहभागिता विशेष रूप से रही।

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