नगर परिषद की जेसीबी से उपाध्यक्ष करा रहा है कॉलरी के खदान से अवैध मिट्टी का अवैध खनन, परिवहन
रेलवे स्टेशन में 10 लाख का है ठेका, पार्षदो व स्थानीय लोगो ने जताया विरोध, कार्यवाही की मांग*
अनूपपुर
जिले के अमलाई क्षेत्र में एक बार फिर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि कोल इंडिया की खदानों से अवैध रूप से ओवरबर्डन (ऊपरी परत की मिट्टी) निकालकर अमलाई रेलवे स्टेशन में बन रहे प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य में डाली जा रही थी। यह काम पिछले दो दिनों से लगातार चल रहा था। इस पूरे मामले में नगर परिषद बरगवां-अमलाई की जेसीबी मशीन लगाए जाने की भी बात सामने आई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कोल इंडिया की खदानों से बिना अनुमति मिट्टी की निकासी कर उसे ट्रैक्टर और मेटाडोर के माध्यम से रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन में मिट्टी भराई का करीब 8 से 10 लाख रुपए का ठेका लिया गया है और उसी के तहत यह काम कराया जा रहा था। आरोप है कि यह पूरा कार्य नगर परिषद बरगवां-अमलाई के उपाध्यक्ष राज तिवारी के इशारे पर कराया जा रहा था। जिस पर पार्षद और भाजपा नेता पवन चीनी समेत अन्य भाजपा पार्षदों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। पार्षदों का आरोप है कि कोल इंडिया की खदान से चोरी-छिपे ओवरबर्डन मिट्टी निकालकर रेलवे के निर्माण कार्य में डाली जा रही थी, जो पूरी तरह अवैध है।
मौके पर मौजूद जेसीबी चालक राशिद खान पिता मोहम्मद रफीक ने बताया कि उसे जेसीबी लेकर आने और मिट्टी निकालने के लिए कहा गया था। उसने यह भी कहा कि नगर परिषद में इस काम की कोई विधिवत एंट्री नहीं है और न ही अवैध उत्खनन के लिए मशीन दी जाती है। चालक के अनुसार नगर परिषद के उपाध्यक्ष राज तिवारी पहले भी कई बार इसी तरह के काम अनाधिकृत रूप से कराते रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कोल इंडिया के एरिया सुरक्षा अधिकारी अमित सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ सोहागपुर एरिया के अन्य सुरक्षा अधिकारी भी पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद सर्वे विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया, जिन्होंने बताया कि यह पूरा क्षेत्र सुहागपुर एरिया के अंतर्गत आता है, जहां से मिट्टी का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। नगर परिषद बरगवां-अमलाई के मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने इस मामले में कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यों की निगरानी इंजीनियर के माध्यम से होती है और संभव है कि मशीन उसी के द्वारा भेजी गई हो।
वहीं रेलवे विभाग की ओर से निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले आईओडब्ल्यू के प्रभारी अरविंद ने भी कहा कि उन्हें इस प्रकार की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई ठेकेदार चोरी-छिपे अवैध रूप से कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ठेका भी निरस्त किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस काम में दो ट्रैक्टर और एक मेटाडोर भी लगाए गए थे, जो खदान से मिट्टी निकालकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।
फिलहाल कोल इंडिया के अधिकारियों द्वारा देवहरा पुलिस थाना में अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। अब इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई का दारोमदार देवहरा पुलिस पर टिका हुआ है कि वह स्वयं मामला दर्ज करती है या फिर इसे खनिज विभाग को जांच के लिए भेजा जाता है। फिलहाल अवैध उत्खनन के इस मामले ने क्षेत्र में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
