रेलवे स्टेशन से पुलिस ने पकड़ा 2 लाख का 10 किलो गांजा, ट्रेन का का सुपरवाईजर व अटेंडर गिरफ्तार
*शहडोल जीआरपी ने किया गिरफ्तार*
शहडोल
जीआरपी पुलिस ने शहडोल रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दो ऐसे तस्करों को रंगे हाथों पकड़ लिया, जो हीराकुंड एक्सप्रेस से जुड़े कर्मचारी ही निकले। लेकिन असली चुनौती उस नेटवर्क को ध्वस्त करना है जो रेल सेवाओं की आड़ में फल-फूल रहा है।
शहडोल जीआरपी उप निरीक्षक आरएम झरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी मृणाल कांत महतो और झारखंड निवासी दीपेश महतो शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर एक संदिग्ध बैग के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जीआरपी पुलिस की नजर उन पर पड़ी। जैसे ही पुलिस उनके पास पहुंची, दोनों आरोपी बैग लेकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया, तलाशी के दौरान बैग से 10 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी मृणाल कांत महतो हीराकुंड एक्सप्रेस में अटेंडरों का सुपरवाइजर है, जबकि उसका साथी दीपेश महतो उसी ट्रेन में बेडरोल अटेंडर के रूप में कार्यरत है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों आरोपी अपने पद का फायदा उठाकर ट्रेनों के माध्यम से गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। जीआरपी पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित लिंक और गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
इस कार्रवाई से साफ है कि पुलिस नशे के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है, लेकिन तस्कर भी नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। शहडोल जीआरपी उप निरीक्षक आरएम झरिया ने बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी मृणाल कांत महतो और झारखंड निवासी दीपेश महतो शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर एक संदिग्ध बैग के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रूटीन चेकिंग के दौरान उनको पकड़ कर उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से गांजा मिला। गांजा जब्त कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
