समाचार 01 फ़ोटो 01

पसान की नल-जल योजना बनी अभिशाप, सात साल बाद भी अधूरा काम—जनता त्रस्त, जिम्मेदार मौन

*गड्ढे में गिरकर कई लोग हो चुके हैं घायल, गड्ढो केकारण पैदल चलना भी हुआ मुश्किल*

अनूपपुर

नगर पालिका परिषद पसान में करोड़ों रुपये की लागत से संचालित शहरी नल-जल योजना अब नागरिकों के लिए राहत नहीं बल्कि अभिशाप बन चुकी है। सात वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी है। हालात यह हैं कि लोगों को पानी तो नहीं मिल रहा, लेकिन टूटी सड़कों, खुले गड्ढों और धूल-कीचड़ की समस्या जरूर झेलनी पड़ रही है।

यह योजना प्रारंभ में सेंट्रल इंडिया इंजीनियरिंग, नागपुर को दी गई थी, जिसे आगे पेटी कांट्रैक्ट के रूप में अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड, भोपाल को सौंप दिया गया। दोनों एजेंसियों की लापरवाही, MPUDC अधिकारियों की उदासीनता और कथित मिलीभगत के कारण यह योजना अब भारी अव्यवस्था का शिकार हो गई है।

नगर के अधिकांश वार्डों में सीसी और बीटी सड़कों को बिना किसी ठोस योजना के जगह-जगह काट दिया गया। कई स्थानों पर पाइपलाइन डालकर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। चेंबर बिना ढक्कन के खुले पड़े हैं, पाइपलाइनें जमीन से बाहर दिखाई दे रही हैं और कई नई सड़कें भी जगह-जगह धंस चुकी हैं।

स्थिति यह है कि कई मार्ग महीनों से गहरे गड्ढों में तब्दील हैं। वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए यह रास्ते बेहद खतरनाक बन चुके हैं। कई लोग इन गड्ढों में गिरकर घायल भी हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सबसे गंभीर लापरवाही केवई नदी पर पानी रोकने के लिए बनाए गए डैम के मामले में सामने आई। यह डैम पहली ही बारिश में बह गया, लेकिन आज तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस डैम के सहारे पूरी पेयजल योजना संचालित होनी थी, वही बह जाने के बाद भी किसी एजेंसी या MPUDC अधिकारी ने इसकी जिम्मेदारी तय करने की कोशिश नहीं की। डैम आज भी उसी स्थिति में पड़ा हुआ है। पसान के वार्डों में रहने वाले लोगों का कहना है कि पूरा कस्बा धूल, कीचड़ और खुदाई से पटी सड़कों में बदल गया है और आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पूरे प्रोजेक्ट में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। क्षेत्र में पलाश श्रीवास्तव नामक व्यक्ति पर भी स्थानीय स्तर पर कथित रूप से अनियमितताओं को बढ़ावा देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। कलेक्टर के आदेश के बाद भी न सड़कों की मरम्मत हुई, न गड्ढे भरे गए, न ही डैम का पुनर्निर्माण हुआ और न ही पाइपलाइन से जल आपूर्ति शुरू हो सकी।

नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी एजेंसियों तथा अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि अधूरे और कमजोर गुणवत्ता वाले कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा कराया जा सके।

इनका कहना है।

कार्य पूरी तरह बंद नहीं है। कुछ स्थानों पर काम चल रहा है और कुछ जगहों पर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा कार्य रुकवाया गया था। उन्होंने बताया कि केवई नदी पर बह चुके डैम का पुनः निर्माण किया जाएगा, लेकिन वर्तमान में नदी में पानी होने के कारण कार्य कर पाना संभव नहीं है।

*विजय सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, एमपीयूडीसी, शहडोल*

समाचार 02 फ़ोटो 02

धुरवासिन फिटर कोटमी के उपभोक्ता बिजली कटौती से त्रस्त, गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए हुए मोहताज

अनूपपुर

जिले के कोतमा विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाले धुरवासिन फिटर कोटमी इलाके में बिजली की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। यहां बिजली की आपूर्ति आए दिन कई-कई घंटों तक बाधित रहती है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि आज सुबह लगभग 10 बजे से क्षेत्र की बिजली गुल है, जो शाम 4 बजे तक भी बहाल नहीं हो पाई थी। यानी लगातार करीब 7 घंटे से अधिक समय से उपभोक्ता अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए यह समस्या और भी विकट हो गई है।

बिजली न होने के कारण लोग न तो पंखे, कूलर जैसे उपकरण चला पा रहे हैं और न ही समरशियल मोटर पंप (सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाला पंप) चल पा रहा है। इसका सीधा असर खेती-किसानी और पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, वहीं ग्रामीण पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं।

उपभोक्ताओं ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि यह समस्या नित्य की हो गई है। लाइन में आ रही इस नियमित खराबी (गोल रहना) के कारण उन्हें प्रतिदिन घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

गर्मी से बेहाल ग्रामीणों ने कोतमा विद्युत केंद्र के अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेते हुए लाइन की मरम्मत कराने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

समाचार 03 फ़ोटो 03

तीन दिवसीय ‘रोटरी राहत’ नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का होगा आयोजन, उपमुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ, 

*11 मार्च को लगेगा रक्तदान शिविर* 

शहडोल

जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 13, 14 और 15 मार्च को शासकीय आईटीआई, रीवा रोड में ‘रोटरी राहत नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर’ आयोजित किया जाएगा। शिविर का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल करेंगे। शिविर में देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सक विभिन्न बीमारियों की जांच, परामर्श और जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन भी नि:शुल्क करेंगे।

यह शिविर राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा के प्रयासों से रोटरी क्लब शहडोल, मण्डला मैकल व जबलपुर, राजकृष्ण तन्खा फाउंडेशन, चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल तथा लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। रोटरी क्लब अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि शिविर को लेकर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की निगरानी में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

शिविर में मेदांता मेडिसिटी गुरुग्राम, बॉम्बे हॉस्पिटल और लीलावती हॉस्पिटल मुंबई, मणिपाल हॉस्पिटल नोएडा सहित कई बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं देंगे। मेडिसिन, कैंसर, हड्डी, स्त्री एवं शिशु रोग, हृदय, नेत्र, त्वचा, मानसिक, दंत और ईएनटी सहित कई विभागों के विशेषज्ञ मरीजों की जांच करेंगे। एक्स-रे, सोनोग्राफी, ईसीजी, ईको, डायबिटीज और फेफड़ों की जांच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

ऑपरेशन के दौरान रक्त की जरूरत को देखते हुए 11 मार्च को जिला चिकित्सालय में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा, जिससे जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया जा सके।

आयोजकों ने समाजसेवियों और युवाओं से वालेंटियर के रूप में जुड़ने की अपील की है। व्यवस्था में सहयोग करने वालों को आईडी कार्ड भी जारी किए जाएंगे। आयोजकों ने आम नागरिकों से शिविर में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से नि:शुल्क परामर्श और उपचार का लाभ लेने का आग्रह किया है। आयोजकों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से नि:शुल्क परामर्श और उपचार का लाभ उठाएं।

समाचार 04 फ़ोटो 04

आदिवासी बालक आश्रम के समीप बन रही पानी की टंकी से दूर होगी जल समस्या, ग्रामीणों और छात्रों को मिलेगा लाभ

अनूपपुर

जिले के कोतमा बुरहानपुर क्षेत्र के आदिवासी बालक आश्रम के पास जल संकट के स्थाई समाधान के लिए पानी की टंकी का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल आश्रम के छात्रों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा, बल्कि पूरे गांव की जल आपूर्ति व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

पिछले लंबे समय से आदिवासी बालक आश्रम के बच्चों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा था। आश्रम के ठीक बगल में बन रही इस विशाल पानी की टंकी से अब छात्रों को दैनिक कार्यों के लिए भरपूर पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

निर्माण कार्य को गति देने के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री को सुरक्षित रखने हेतु आश्रम परिसर के अंदर स्थित एक भवन का उपयोग किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह भवन ग्राम पंचायत के अधीन है और परिसर के भीतर स्थित है। निर्माण सामग्री को यहां रखने का मुख्य उद्देश्य कार्य में सुगमता लाना है।

चूंकि यह पूरी परियोजना सार्वजनिक हित और गांव के विकास से जुड़ी है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और समाजसेवियों का मानना है कि सामग्री भंडारण को लेकर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह निर्माण कार्य न केवल बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी है, बल्कि पूरे गांव की प्यास बुझाने का एक महत्वपूर्ण जरिया बनेगा। ग्रामीणों में इस नई पहल को लेकर उत्साह है और वे जल्द से जल्द काम पूरा होने की उम्मीद कर रहे हैं।

समाचार 05 फ़ोटो 05

संघर्ष, शिक्षा की अद्भुत मिसाल, स्वीपर से बैंक की सहायक महाप्रबंधक तक पहुँचीं प्रतीक्षा प्रमोद टोंडवलकर 

अनूपपुर

विश्व महिला दिवस के अवसर पर ऐसी महिलाओं की जीवनगाथा प्रेरणा देती है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने साहस, परिश्रम और संकल्प से असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कीं। ऐसी ही प्रेरक शख्सियत हैं श्रीमती प्रतीक्षा प्रमोद टोंडवलकर, जिन्होंने जीवन के अनेक उतार-चढ़ाव के बीच संघर्ष करते हुए भारतीय स्टेट बैंक में स्वीपर से सहायक महाप्रबंधक (Assistant General Manager) तक का लंबा सफर तय किया।

महाराष्ट्र के पुणे में जन्मी श्रीमती टोंडवलकर साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता श्री गंगाराम केवड़े (85 वर्ष) जूता-चप्पल की छोटी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे, जबकि माता श्रीमती गंगूबाई केवड़े (79 वर्ष) गृहिणी रहीं। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली श्रीमती टोंडलकर की प्रारंभिक शिक्षा सातवीं कक्षा तक ही हो पाई थी।

सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में स्वीपर के पद पर अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम शुरू किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके मन में शिक्षा प्राप्त करने की प्रबल इच्छा थी। उन्होंने नौकरी करते हुए स्वाध्यायी परीक्षार्थी के रूप में पढ़ाई जारी रखी और दसवीं कक्षा 60% अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद कॉमर्स विषय लेकर हायर सेकेंडरी परीक्षा 52% अंकों से उत्तीर्ण की। दिन में बैंक की नौकरी और रात में पढ़ाई—यह क्रम वर्षों तक चलता रहा। 31 मई 2024 को उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्ति प्राप्त की। 

सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने आध्यात्मिक जीवन की ओर भी कदम बढ़ाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पवित्र पुण्य सलिला मां नर्मदा के बारे में सुना था कि उनकी परिक्रमा अत्यंत पुण्यदायी होती है और श्रद्धा से करने पर मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इसी भावना से उन्होंने ओंकारेश्वर से मां नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ की और लगभग 111 दिनों की कठिन पैदल यात्रा करते हुए प्रतिदिन लगभग 25 से 30 किलोमीटर चलकर 28 फरवरी 2026 को अपनी परिक्रमा पूर्ण की। नर्मदा परिक्रमा के दौरान वे पवित्र नगरी अमरकंटक भी पहुँचीं, जहाँ तट परिवर्तन एवं जल परिवर्तन की परंपरा निभाई। इस पूरी यात्रा में उनकी हमउम्र सहेली सुनीता गायकवाड भी उनके साथ रहीं।

समाचार 06 फ़ोटो 06

रंग गुलाल के साथ महिलाओं ने धूमधाम से मनाया रंगों का त्यौहार होली

शहडोल

रंग और गुलाल से सरोवर कर एक दूसरे के गले से क्यों मिटाने वाला होली का त्यौहार अपने आप में सचमुच से अनूठा होता है और देश के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे हर कोई मनाना चाहता है और ऐसे में शहडोल जिले की जागरूक महिलाओं ने भी आपसी एक जुटता का परिचय देते हुए होलिकोत्सव के त्यौहार को काफी धूमधाम से मनाया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए दीपिका निगम ने बताया कि हम महिलाओं ने आप ही सद्भावना का परिचय देते हुए यह होली मिलन का कार्यक्रम शहडोल जिले के होटल आशियाना में आयोजित किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से होली के अवसर पर गया जाने वाला फगुआ गीत, सामूहिक नृत्य के साथ-साथ काफी मनोरंजन गेम खेलें साथ ही लजीज व्यंजनों का आनंद लेकर अपने ही अंदाज में हम महिलाओं ने इस उत्सव को मनाया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शहडोल जिले के कान्वेंट स्कूल की सभी महिला टीचरों के आ जाने से कार्यक्रम की रौनक काफी बढ़ गई थी और कॉन्वेंट स्कूल की सभी शिक्षकों ने आयोजकों का धन्यवाद देते हुए कहा कि काफी अच्छा कार्यक्रम था तथा हमने मिलकर काफी एंजॉय किया।

कार्यक्रम का आयोजन शहडोल जिले की महिला टीम जिनमें प्रमुख रूप दीपिका निगम, नूतन सिंह, गौरी सिंह, स्नेहा अग्रवाल, श्वेताजली पाठक, सहित काफी महिलाओं ने हिस्सा लिया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी महिलाओं का दीपिका निगम और नूतन सिंह चौहान ने टीका लगाकर स्वागत किया तथा पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

समाचार 07 फ़ोटो 07

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति मैराथन का आयोजन कर सशक्तिकरण का दिया संदेश

उमरिया

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पाली पुलिस ,नगर पालिका परिषद व युवा टीम उमरिया द्वारा नारी शक्ति मैराथन का आयोजन मां बिरासिनी क्रिकेट स्टेडियम पाली में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पाली एसडीओपी शिवचरण बोहित, वार्ड नंबर 12 पार्षद अंजू पटेल,  पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा, बिरासनी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट संस्थापक पवन सम्भर की उपस्थिति में  दीप प्रज्वलित कर नारी शक्ति मैराथन का आयोजन किया गया। अतिथियों द्वारा मैराथन को हरी झंडी दिखाई गई। मैराथन के प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा लेकर लगाई दौड़ दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश। कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिमांशु तिवारी ने महिलाओं के हितार्थ चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।

पार्षद अंजू पटेल व वर्षा गुप्ता  ने प्रतिभागियों उत्साह बढ़ाते हुए कहा के आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां हासिल कर रही हैं उन्होंने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।महिला दिवस सिर्फ एक दिन की सराहना नहीं है। यह पूरे साल महिला अधिकारों और समानता के लिए काम करने का प्रतीक है।

पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा व इंस्टिट्यूट संस्थापक पवन सम्भर ने कहा कि नारी शक्ति मैराथन केवल दौड़ नहीं सशक्तिकरण का संदेश है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों, योगदान को याद कर लोगों तक पहुंचाना, लैंगिक समानता व महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में समाज के बीच जागरूकता बढ़ाना है।

टीम संयोजक हिमांशु तिवारी ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष 8 मार्च को विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्रेम प्रकट करते हुए, महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की सापेक्षता के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि एक प्रगतिशील समाज की पहचान भी है। 

समाचार 08

 पुलिस की पहल से गुम हुए 14 मोबाइल बरामद

अनूपपुर

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के आदेशानुसार थाना बिजुरी पुलिस द्वारा गुम हुए मोबाइलों की तलाश हेतु विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान थाना बिजुरी पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए 14 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए, जिससे मोबाइल मालिकों के चेहरे पर खुशी लौट आई। 14 बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 257,200/ रु है।

समाचार 09

भूकंप आपदा 5 दिवसीय प्रशिक्षण 10 मार्च से

उमरिया

कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि भूकंप आपदा जोखिम प्रबंधन एवं ध्वस्त संरचना, खोज एवं बचाव अंतर्गत जिला स्तर पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण  10 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक जिला पंचायत उमरिया के बांधवगढ़ सभागार में आयोजित किया जाना है। कलेक्टर ने प्रशिक्षण के संचालन हेतु राहुल कुमार साहू प्लाटून कमाण्डर, होमगार्ड उमरिया को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया  है।

समाचार 10

आयोग की सचिव की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

उमरिया

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन आयोग की सचिव सीमा सोनी (अपर संचालक) द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार मे अनु. जा. एवं अनु.ज.जा. आयोग में लंबित शिकायतों के संबंध में समीक्षा की गई।  शिकायतों में पुलिस विभाग, राजस्व विभाग,शिक्षा,कृषि आदि विभागों से संबंधित शिकायतो पर विस्तार से अधिकारियों से चर्चा की गई। बैठक में सचिव द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अनु. जाति व अनु.ज.जा.वर्ग के व्यक्तियों के प्रकरणों में तत्परता व संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि समयावधि में आयोग से प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया जा सके।






Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget