फर्जी डॉक्टर विशेषज्ञ बनकर दे रहा है सेवाए, सिविल सर्जन व सीएमएचओ आंख में बंधी पट्टी, वाह रे जिला अस्पताल

फर्जी डॉक्टर विशेषज्ञ बनकर दे रहा है सेवाए, सिविल सर्जन व सीएमएचओ के आंख में बंधी पट्टी, वाह रे जिला अस्पताल

*बीएएमएस बना हड्डी रोग विशेषज्ञ, 4 वर्ष से दे रहा है सेवाएं, मूक, बहरी व अंधा हुआ सिस्टम*


अनूपपुर

भ्रष्टाचार की राज में राजनीति की बैसाखी के सहारे पर चल रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों का गुंडाराज, वाह रे जिला चिकित्सालय जिले के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी व जिम्मेदारों जिले के भोली भाली जनता के साथ खुलेआम स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सिविल सर्जन व सीएमएचओ आंख पर काली पट्टी बांधकर बैठे है। जब जिला चिकित्सालय में यह हाल है तो बाकी जगह कैसा होगा यह बताने की जरूरत नही है।

देखे *इलाज करते फर्जी डॉक्टर का वीडियो👇👇👇*


जिला चिकित्सालय अनूपपुर में गजब तो तब हो गया जब जिला चिकित्सालय के कमरा नंबर 05 पर सुबह से 1:00 बजे तक उपचार कर रहे फर्जी डॉक्टर बलराम विश्वकर्मा से जब पत्रकारों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह आज 110 से 120 मरीजों को देख चुका हूँ।डॉ. बलराम विश्वकर्मा ने खुद को मेडिकल ऑफिसर बताते हुए मीडिया पर दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन जब पत्रकारो ने डॉक्टर से नियुक्ति पत्र के बारे में पूछा तो डॉक्टर ने हड़बड़ाकर कहा कि सिविल सर्जन के द्वारा सेवा देने हेतु हमें नियुक्ति पत्र दिया गया है, उसे वक्त शायद उसे डॉक्टर को मालूम नहीं था कि पत्रकारों ने बकायदे सिविल सर्जन से फोन पर बातचीत कर रिकॉर्डिंग करते हुए पुष्टि कर ली गई है। फिर फर्जी डॉक्टर बलराम विश्वकर्मा दूसरा झूठ बोलते हुए डॉक्टर राजकुमार के कहने पर जिला चिकित्सालय के कमरा नंबर पांच पर सेवा दे रहा हूँ।

डॉक्टर से जब पूछा गया की आपकी डिग्री क्या है तो अपने आप को बीएएमएस  और इलेक्ट्रो होम्योपैथी की डिग्री हैं, चार वर्षो से जिला चिकित्सालय में सेवा दे रहा हूँ, बात सच निकली जिला अस्पताल में हड्डी रोग व अन्य बीमारी का इलाज करते हुए पाया गया, जबकि जानकारों के मुताबिक इलेक्ट्रो होम्योपैथी की डिग्रीधारी को चिकित्सा सेवा देने के साथ बिना नियुक्ति पत्र के जिला चिकित्सालय में सेवा देने का बिल्कुल ही अधिकार नहीं है।

*फर्जी डॉक्टर की लिखी पर्ची👇👇👇*


जिला चिकित्सालय अनूपपुर में जिले भर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की भोली भाली जनता उपचार के लिए आती है, जो डॉक्टर की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को डॉक्टर मानकर ही अपनी समस्या बताते हैं, उन्हें क्या मालूम की यहां बैठा व्यक्ति सफाई कर्मी है, या डॉक्टर एमबीबीएस है, या इलेक्ट्राहोम्योपैथी असली है या नकली यह जवाबदारी तो जिला अस्पताल प्रबंधन के मुखिया सिविल सर्जन डॉक्टर एस आर परस्ते की बनती है, की जिला चिकित्सालय में मरीजो का उपचार कौन कर रहा है। 

जिम्मेदारों पर सवाल तो उस वक्त खड़ा होता है जब जिला चिकित्सालय में सेवा देते हुए डॉक्टर बलराम विश्वकर्मा के बारे में मालूम था कि डॉक्टर राजकुमार के निर्देशन में डॉक्टर बलराम विश्वकर्मा सेवा दे रहा है, ,उस वक्त क्या सिविल सर्जन ने लिखित रूप से बलराम विश्वकर्मा की सेवा लेने एवं फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने का अब तक ठोस कदम आखिर क्यों नहीं उठाया। इससे यह साबित होता है की इस मामले में डॉ. राजकुमार, सिविल सर्जन एस आर परस्ते व सीएमएचओ अलका तिवारी की पूरी तरह मिलीभगत साफ-साफ दिख रही है, जो पुरी तरह आंख पर पट्टी बांधकर, कान बंद करके, मुँह बंद करके जिला अस्पताल व पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था वेल्टीनेटर में लाना चाहते हैं। वाह रे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और जिला प्रशासन।

लोगो ने मांग की है की फर्जी डॉक्टर बलराम विश्वकर्मा के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए प्रकरण पंजीबद्ध कराया जाना चाहिए, जिससे जिले की जनता का स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

इनका कहना है।

मुझे डॉक्टर एस आर परस्ते सिविल सर्जन के द्वारा उपचार किए जाने हेतु नियुक्ति पत्र दिया गया है, मैं डॉक्टर राजकुमार हड्डी रोग विशेषज्ञ के निर्देशन पर जिला चिकित्सालय में सेवा दे रहा हूं।

*डॉ बलराम विश्वकर्मा, जिला चिकित्सालय, अनूपपुर*

मेरे द्वारा डॉक्टर बलराम विश्वकर्मा को सेवा देने के लिए किसी तरह का निर्देश नहीं दिया गया है, अगर उसके द्वारा मेरी कुर्सी पर बैठकर जबरदस्ती सेवा दिया जा रहा तो सिविल सर्जन के द्वारा उपरोक्त डॉक्टर के विरुद्ध कार्यवाही आखिर क्यों नहीं की जा रही।

*डॉ राजकुमार* हड्डी रोग विशेषज्ञ, अनूपपुर*/

मेरे द्वारा बलराम विश्वकर्मा को किसी तरह का नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है, वह डॉक्टर राजकुमार के साथ जबरदस्ती जिला चिकित्सालय के कमरा नंबर पांच में बैठकर सेवा दे रहा है, मैं भी देखा हूं, कलेक्टर ने जांच कराए जाने के लिए मुझे निर्देशित किया है, मैं अभी सीएमएचओ कार्यालय में काम पर व्यस्त हूं, थोड़ी देर बाद कोतवाली पहुंचकर उस फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध लिखित रूप से शिकायत कर एफआईआर कराऊंगा।

*डॉ एसआर परस्ते, सिविल सर्जन, अनूपपुर*

जिले की जनता के साथ बहुत बड़ा घोर अन्याय है प्रथम दृश्टया मामले को गंभीरता से लेते हुए एवं जनहित के साथ स्वास्थ्य विभाग की मर्यादा एवं सम्मान मैं सिविल सर्जन के द्वारा कड़ी कार्यवाही किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

*डॉ. एससी रॉय, जिला स्वास्थ्य अधिकारी अनूपपुर*

आपके द्वारा हमें जानकारी मिली है यह जवाबदारी सिविल सर्जन की होती है, अगर फर्जी डॉक्टर के द्वारा जिला चिकित्सालय में इतने दिनों से सेवा दिया जा रहा था तो अभी तक एफआईआर की कार्यवाही क्यों नहीं कराई गई।

*डॉ अलका तिवारी, सीएमएचओ, अनूपपुर*

यह बहुत ही बड़ा अन्याय है, आप मुझे वीडियो फोटो व्हाट्सएप करें मैं तत्काल एफआईआर कराये जाने के लिए के लिए निर्देशित करता हूँ।

*हर्षल पंचोली, कलेक्टर, अनूपपुर*

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