रेलवे स्टेशन पर नियमों की उड़ाई जा रही खुलेआम धज्जियां, बिना अनुमति तोड़ी गई रेलवे की सुरक्षा दीवार
*घटिया सामग्री से प्लेटफॉर्म विस्तार का आरोप*
अनूपपुर
जिले के कोतमा रेलवे स्टेशन में प्लेटफॉर्म विस्तार निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। नगरवासी एवं यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से कार्य कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म विस्तार के नाम पर रेलवे की सुरक्षा के लिए बनाई गई संपत्ति दीवार को बिना किसी लिखित अनुमति के तोड़ दिया गया, जो सीधे तौर पर रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा रेलवे द्वारा स्वीकृत एस्टीमेट और गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल सरकारी धन की खुली लूट हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। आरोप यह भी है कि निर्माण स्थल पर पारदर्शिता के लिए आवश्यक सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिसमें निर्माण एजेंसी का नाम, लागत, संबंधित विभाग और समय-सीमा का उल्लेख होना चाहिए था।
ग्रामीणों ने बताया कि जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो आईओडब्ल्यू (इंजीनियरिंग विभाग) सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि अधिकारी जवाबदेह होते, तो इस तरह खुलेआम नियमों की अनदेखी नहीं होती।
इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने बिलासपुर रेलवे डिवीजन को भी सूचित किया है और मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, गुणवत्तायुक्त निर्माण कराया जाए तथा रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वहीं इस मामले में रेलवे स्टेशन अधीक्षक पी एन रजक का कहना है कि रेलवे की संपत्ति यानी सुरक्षा दीवार को निर्माण एजेंसी/ठेकेदार द्वारा तोड़ा गया है और इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो नगर वासियों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
