ग्राम पंचायतों में नाली और पुलिया निर्माण की गुणवत्ता उठे सवाल, अधिकारी की चुप्पी गंभीर सवाल
अनूपपुर
जनपद पंचायत अनूपपुर में विकास कार्यों की हकीकत सरकारी दावों से कोसों दूर है। यहाँ निगरानी का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों की नाक के नीचे सरकारी खजाने की जमकर लूट हो रही है। विशेषकर रवि ग्वाल, जिनके कंधों पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जाँचने और सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का दायित्व है, उनकी भूमिका अब संदेह के घेरे में आ गई है।
जनपद पंचायत की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हो रहे निर्माण कार्यों में रवि ग्वाल की निगरानी केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है। जमीनी हकीकत यह है कि ठेकेदार और संबंधित एजेंसी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं, और रवि ग्वाल मूकदर्शक बने हुए हैं। जनता का आरोप है कि निगरानी अधिकारी का काम साइट पर जाकर गड़बड़ियों को रोकना है, लेकिन यहाँ रवि ग्वाल की अनदेखी के चलते भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। लेकिन रवि ग्वाल की लचर कार्यप्रणाली के कारण इस राशि का सही उपयोग होने के बजाय बंदरबांट हो रहा है। निर्माण कार्यों में निर्धारित मापदंडों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
सबसे बुरा हाल नाली और पुलिया निर्माण का है। कई पंचायतों में बन रही नालियों और पुलियों में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीमेंट और रेत के अनुपात में गड़बड़ी साफ दिखाई देती है। कायदे से रवि ग्वाल को इन कार्यों की गुणवत्ता करनी चाहिए थी, लेकिन उनके द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न करना यह दर्शाता है कि शायद यह सब उनकी मूक सहमति से हो रहा है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है की सभी निर्माण कार्यों, सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इनका कहना है।
इस संबंध में जब जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी के मोबाइल नंबर 91310 74485 पर संपर्क किया गया तो घंटी बजती रही लेकिन उन्होंने फोन उठाया।
