ओरिएंट पेपर मिल में भर्ती या सौदेबाज़ी, कथित सेटिंग से बढ़ती धांधली, युवाओं में आक्रोश
शहडोल
जिले के ओरिएंट पेपर मिल में चल रही भर्ती प्रक्रिया इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि भर्ती में पारदर्शिता का अभाव है और कथित तौर पर “सेटिंग” व सिफारिश के आधार पर लोगों को नौकरी दी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों — रवि, रवि शर्म और अरविंद — के नाम कथित तौर पर सामने आ रहे हैं, जिन पर अपने करीबी और पसंदीदा लोगों को नियमों को दरकिनार कर मिल में प्रवेश दिलाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन, इंटरव्यू और अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। योग्य और मेहनती उम्मीदवारों को बार-बार मिल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि जिनके पास “पहचान” या सिफारिश है, उन्हें आसानी से अवसर मिल रहा है।
इस कथित प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के युवाओं में भारी रोष देखा जा रहा है। युवाओं का कहना है कि यदि भर्ती निष्पक्ष और नियमों के अनुसार हो, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात संदेह पैदा कर रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि— क्या ओरिएंट पेपर मिल में भर्ती योग्यता के आधार पर हो रही है या रसूख के दम पर? क्या इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी?
फिलहाल इस मामले में ओरिएंट पेपर मिल प्रबंधन या आरोपों से जुड़े लोगों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।
