शीतलहर का प्रकोप, प्रकृति ने ओढ़ी सफेद चादर, जमी बर्फ, तापमान शून्य के करीब, नजारा शिमला–मनाली जैसा
अनूपपुर
मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में शीतलहर का ऐसा प्रकोप देखने को मिल रहा है कि प्रकृति ने आज एक बार फिर जमी बर्फ के रूप में मैदानों पर सफेद चादर सी ओढ़ ली है। चार दिनों के अंतराल के बाद आज 5 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह होते ही ओस की शबनमी बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं और यत्र-तत्र-सर्वत्र बर्फ ही बर्फ नजर आने लगी।
घास-फूस, पत्तियां, छानी-छप्पर, तिरपाल, टीन की छतें तथा चौपहिया वाहनों की छत और कांच पर बर्फ की मोटी परत जम गई। पवित्र नगरी अमरकंटक एक बार फिर शीतलहर के आगोश में आ गई है। मौसम के जानकारों के अनुसार आज न्यूनतम तापमान पुनः शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जबकि बीते चार दिनों तक तापमान 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था।
नववर्ष के बाद लगातार तीन दिनों तक आसमान में घने और गहरे काले बादल छाए रहने से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन जैसे ही बादल छटे, ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। इसका परिणाम यह रहा कि एक बार फिर अमरकंटक में बर्फ जम गई और पूरा क्षेत्र सफेद चादर में ढक गया।
आज सुबह मैदानों, घास और पत्तियों में रुई की तरह जमी बर्फ ने अमरकंटक को शिमला, कुल्लू और मनाली जैसा दृश्य प्रदान किया। वाहनों के कांच और छतों पर जमी बर्फ ठंड की तीव्रता को बयां कर रही थी। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। बड़ी संख्या में पर्यटक, तीर्थ यात्री एवं श्रद्धालु ठंड की परवाह किए बिना मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाते हुए स्नान और दर्शन करते रहे।
