पुलिस ने पीकप से 12 अवैध मवेशी को किया जप्त, पुत्र ने पिता को मारी लात, हुई मौत
अनूपपुर
जिले के जैतहरी थाना अंतर्गत पीकप वाहन मे कई पशु क्रूरता पूर्वक बांधकर पेंड्रा रोड तरफ से जैतहरी - अनूपपुर तरफ परिवहन कर ले जा रहे थे, सूचना को गम्भीरता से लेते हुये थाना जैतहरी पुलिस द्वारा ग्राम लपटा मे घेराबंदी की गई जो कुछ देर बाद एक पीकप वाहन बिना नम्बर पेंड्रा रोड तरफ से आते हुआ दिखा, जिसे थाना जैतहरी पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किया तो पीकअप चालक पुलिस को देखकर पीकप को लपटा गांव अंदर के सतखण्डा जंगल तरफ वाहन को बडी तेजी से भगाते हुये ले गया, पुलिस ने पीछा किया तो पीकप का चालक वाहन को लपटा के सतखण्डा जंगल मे छोड़कर वाहन का चालक जंगल एवं अंधेरा का फायदा उठाकर छिपते हुए भाग गया। बिना नम्बर की पीकप के अंदर कुल 06 मवेशी भैसे किमती लगभग 1,05,000/-रू क्रूरता पूर्वक बंधे हुये है एंव पिकअप कीमती करीबन 05 लाख रुपये कुल मसरुका 6,0,5000/- रुपये को जप्त किया। कर कब्जे पुलिस लिया गया। अज्ञात चालक के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। दूसरे मामले में पीकप वाहन रजिस्ट्रेशन नम्बर UP 12 CT 1746 मे पडवा (मवेशी) ठूस ठूस कर भरे हुये है, जिनको गौरेला पेण्ड्रा तरफ से परिवहन कर लाया जा रहा है, सूचना उपरांत चौकी वेंकटनगर के सामने घेराबंदी कर पीकअप का इंतजार किया जैसे ही वाहन चौकी सामने पहुचा जिसको रूकवाने पर नही रूका जिसका तत्काल पीछा किया जो पीकअप वाहन को लपटा के जरेली जंगल तरफ वाहन को बडी तेजी से भगाते हुये ले गये जिसका पीछा किया तो चालक उक्त पीकप वाहन को जंगल मे छोड़कर कर भाग गया। उक्त पीकअप को वेंकटनगर पुलिस बिना नम्बर की पीकअप के अंदर 06 नग पडवा कीमत लगभग 03 लाख रू के रस्सी से ठूंश ठूस कर क्रूरता पूर्वक बंधे हुये थे एंव पीकप कीमत करीबन 07 लाख रुपये जप्त कर कब्जे लिया गया। चालक के विरुद्ध का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया ।
*पुत्र ने पिता को मारी लात, हुई मौत*
शहडोल जिले के सिंहपुर थाना अंतर्गत बेटे ने अपने ही पिता को ऐसी लात मारी की पिता की मौत हो गई। मामूली से मेहनताने की मांग पर उपजे विवाद ने एक पिता की जिंदगी छीन ली और पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। यह दिल दहला देने वाली घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुदवार खुर्द की है।
जानकारी के अनुसार सिंहपुर थाना क्षेत्र के कुदवार के रहने वाले पुत्र दयाराम अपने पिता ददनू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ 31 दिसंबर की रात नाइट पार्टी मना रहा थे। पार्टी के दौरान सभी लोग शराब के नशे में धुत थे, इसी बीच पिता ददनू ने खेत में काम करने के एवज में अपने बेटे दयाराम से 300 रुपये मेहनताना मांगा, पिता का कहना था कि उसे भी खर्चों के लिए पैसों की जरूरत है।
बताया जा रहा है कि बेटे ने पहले तो मजदूरी बाद में देने की बात कहकर पिता को टाल दिया, लेकिन पिता के बार-बार पैसे मांगने पर दयाराम आपा खो बैठा, गुस्से में आकर उसने पिता के गुप्तांग में जोरदार लात मार दी। लात लगते ही पिता जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए, इसके बाद भी आरोपी बेटे ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जाया, पिता करीब 24 घंटे तक घर में दर्द से तड़पते रहे, अगले दिन जब पिता की हालत बेहद गंभीर हो गई तो दयाराम किसी तरह वाहन का इंतजाम कर उन्हें शहडोल जिला अस्पताल ले गया, वहां उसने डॉक्टरों से यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि पिता के पेट में दर्द है और पेशाब रुक गई है। लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद ददनू को मृत घोषित कर दिया। पिता का शव घर लाने के बाद दयाराम ने घटना की पूरी कहानी अपने भाई को बताई, जिसके बाद सिंहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पूरा मामला पीएम रिपोर्ट पर टिका हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और आगे की कानूनी कार्रवाई का खुलासा हो सकेगा।

