स्कूल में छात्र लगाते रहे झाड़ू, शिक्षक चलाता रहा मोबाइल, यही है शिक्षा का अधिकार, वन्यप्राणी ने किया गाय पर हमला
शहडोल/अनूपपुर
जिले के बुढार विकासखंड के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय साबो बस्ती में सामने आए मामले ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर कर दी है। आरोप है कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षक श्री विनोद गुप्ता कुर्सी पर बैठकर आराम से मोबाइल चलाते नजर आए, जबकि छोटे–छोटे बच्चों से विद्यालय परिसर की सफाई कराई जाती रही।
यह दृश्य न सिर्फ संवेदनहीनता दिखाता है, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है। मामले पर जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी बुढार डी.के. निगम से बात की गई तो उन्होंने दो टूक कहा की बच्चों से काम लेना अपराध है। इस मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कानून की नजर में सीधा अपराध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 — धारा 3 एवं 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का काम कराना दंडनीय। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 — धारा 75 के अंतर्गत बच्चों से जबरन काम कराना या शोषण 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 — धारा 17 बच्चों के साथ मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न पूरी तरह प्रतिबंधित।
घटना के बाद क्षेत्र के अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है, हम बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, झाड़ू लगाने नहीं। अगर स्कूल में ही उनसे काम कराया जाएगा तो उनका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा।
समाचार
*हिंसक वन्यप्राणी ने किया गाय पर हमला*
अनूपपुर
जिले के जैतहरी इलाके में जहां तीन हाथियों का निरंतर विचरण हो रहा है वही रोहिलाकछार गांव में रविवार की शाम एक हिंसक वन्यप्राणी द्वारा एक गाय पर हमला कर गंभीर रूप से घायल किया एवं देर रात गांव में पहुंचकर आहार की तलाश करता रहा।
जैतहरी इलाके के ग्राम पंचायत के क्योटार के रोहिलाकछार गांव में रविवार की शाम बाबूलाल यादव पिता रामलाल यादव जो अपने चार-पांच मवेशियों को दिन मे जंगल में चराने बाद साम को वापस गांव आ रहे थे तभी गांव के आंगनवाड़ी के पास अचानक एक हिंसक वन्यप्राणी द्वारा उसके एक सफेद रंग की गाय पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया इस बीच हो-हल्ला करने पर जंगली जानवर जंगल की ओर भाग गया लेकिन रात 11 बजे के लगभग जंगली जानवर अचानक गांव के बीच बस्ती मे आहार की तलाश में छानी में चढ़ गया जिसे देख हो-हल्ला होने पर ग्रामीणों द्वारा हो हल्ला कर उसे गांव से बाहर खदेड़ दिया घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग जैतहरी के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर आसपास के वन क्षेत्र में हिंसक वन्यप्राणी के विचरण पर निगरानी रखे हुए हैं वहीं गंभीर रूप से घायल गाय का पशु चिकित्सा विभाग द्वारा उपचार किया जा गया वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को दिन के समय जंगल की ओर स्वयं एवं मवेशियों को नही ले जाने की बात कही है।
