नप अध्यक्ष उमंग गुप्ता बने हिटलर, पुत्र की गलतीं पर पिता को मारी लात, राठौर समाज ने निकाली हेकड़ी, मामला दर्ज
*पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा नेता अनिल गुप्ता पर फिर लगा दाग*
अनूपपुर
जिले के जैतहरी थाना में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा नेता अनिल गुप्ता के पुत्र नगर परिषद जैतहरी के अध्यक्ष उमंग गुप्ता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अनिल गुप्ता व उनका परिवार लगातार सुर्खियां बटोरने में लगा है। कुछ माह पहले एक ब्राम्हण महिला पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर अनिल गुप्ता की बहुत ज्यादा अपमान झेलना पड़ा था और बाद में लिखित माफी मांगने पर मामला शांत हुआ था। अनिल गुप्ता की लगातार धूमिल हो रही है, जिससे इनका राजनैतिक कैरियर लगभग खत्म होता जा रहा है। वार्ड क्रमांक 13, पुरानी बस्ती जैतहरी निवासी देवसाय राठौर (33) ने थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने एक बालक के गमले में पेशाब करने से नाराज होकर उसके पिता को लात मारी। शिकायत के अनुसार, देवसाय राठौर 31 दिसंबर को अपने चार वर्षीय बेटे श्रेयांक राठौर का बाल कटवाने चंदू नाई की दुकान पर ले गए थे।
बालक को पेशाब महसूस हुई, जिसके बाद उसने दुकान के पास लगे फूल के गमले में पेशाब कर दिया। इसी दौरान, नाई की दुकान के सामने चल रहे नगर परिषद के निर्माण कार्य स्थल पर मौजूद अध्यक्ष ने बालक को गमले में पेशाब करते देख लिया।
नगर परिषद अध्यक्ष देवसाय राठौर के पास आए और कथित तौर पर अभद्र गालियां देते हुए कहा, "अगर मैं तुम्हारे घर जाकर पेशाब कर दूं तो अच्छा लगेगा।" देवसाय ने माफी मांगते हुए गमले को पानी से धो दिया। इसके बाद, नगर परिषद अध्यक्ष ने देवसाय से उनके वार्ड के बारे में पूछा। जब देवसाय ने बताया कि वह वार्ड नंबर 13 के निवासी हैं, तो अध्यक्ष ने अचानक उनकी जांघ पर जोर से लात मार दी। इस घटना के बाद, देवसाय राठौर ने वार्ड पार्षद राज किशोर राज राठौड़ को जानकारी दी। इसके बाद समाज की बैठक आयोजित की गई, और फिर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।
थाना परिसर में गहमा-गहमी का माहौल था। राठौर समाज के लोगों ने एफआईआर दर्ज न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शाम को थाने के सामने धरना दिया और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए, पुलिस ने रात 7 बजे नगर परिषद अध्यक्ष उमंग गुप्ता के खिलाफ धारा 296 और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होने के बाद राठौर समाज के लोग अपने घरों को लौट गए।
