2 बाघ का शव मिलने से मचा हड़कंप, प्रबंधन पर उठ रहर सवाल विभाग जांच में जुटी
शहडोल
धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायपुर के कुदरी टोला में गुरुवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब खेत में बने एक पुराने कुएं में बाघ का शव देखा गया। सूचना मिलते ही जिम्मेदार पार्क अधिकारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित इस पुराने कुएं से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बाघ की मौत 48 घंटे से अधिक समय पहले हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बाघ शावक की मौत के महज 24 घंटे के भीतर एक और बाघ का शव मिलना पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।यह घटना न सिर्फ वन विभाग के लिए चुनौती बनकर सामने आई है,बल्कि वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी बेहद निराशाजनक है।जिस स्थान पर बाघ का शव मिला, वह जंगल चौकी के बेहद करीब बताया जा रहा है,ऐसे में निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।फिलहाल वन विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
*मादा बाघ शावक का शव मिलने से मचा हड़कंप*
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र ताला, कथली बीट (आर.एफ.331) में गश्त के दौरान एक मादा बाघ शावक का शव मिला।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मानक संचालन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई प्रारंभ की। मृत शावक की आयु लगभग 7–8 माह आंकी गई है और प्रारंभिक जांच में मृत्यु का संभावित कारण किसी अन्य वन्य प्राणी से संघर्ष बताया गया।घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत दी गई और वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देशानुसार सभी प्रक्रियाएं अपनाई गईं। शव का पंचनामा तैयार कर स्थल सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वॉड एवं मेटल डिटेक्टर से स्थल की जांच की गई, जिसमें कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं मिली।सक्षम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में विस्तृत पोस्टमार्टम परीक्षण कराया गया और आवश्यक नमूने संकलित कर अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। सभी वैधानिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद को शव दाह की कार्यवाही संपन्न की गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और गश्ती अभियान जारी रखा है, ताकि वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
