बरगवां मेला बना अपराधियों का गढ़, अपराधी राजू द ग्रेट संभाल रहा है मेले की कमान, नप पर उठ रहे सवाल
*मेला जाने वाले हो जाए सावधान, घूम रहे हैं राजू के गुर्गे*
अनूपपुर
जिले के बरगवां स्थित मकर संक्रांति पर्व पर लगने वाले गौरवशाली बरगवां मेला का अस्तित्व अब संकट में नजर आने लगा है, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की मार झेल रहा मेला कभी इतिहास के पन्नों में विशाल रूप से दर्ज था, लेकिन अब इसका आकार किसी हाट बाजार से अधिक नहीं है, कभी इस मेले को दूर दराज से आए व्यापारियों से वसूले गए गए अवैध राशि ने तोड़ा तो कभी वाहन स्टैंड की अवैध वसूली का मामला पहले दिन ही आ चुका है, जहाँ पर मोटरसाइकिल वालो से 10 रुपए की जगह 40 से 50 रुपये वसूल रहे हैं, अब हालात यह है कि आधे मेले पर कब्जा तो मीना बाजार का हो गया है, जिसका सही मूल्यांकन कर नगर पालिका वसूली में सक्षम नहीं जान पड़ती। चारो तरफ अव्यवस्था के पीछे कही न कही नगर परिषद अध्यक्ष सीएमओ व मेले की देखरेख में लगे कर्मचारियों का है।
*मीना बाजार में बाहरी अपराधियों का डेरा*
बरगवां के आधे मेले में कब्जा कर कान फोडू अश्लील गानों के साथ मीना बाजार प्रदर्शनी का संचालक हिस्ट्रीशीटर राजू द ग्रेट द्वारा किया जा रहा है आपको बता दें कि राजू द ग्रेट के नाम कई अपराध दर्ज हैं, कभी बाजार बाजार स्ट्राइगर नचाकर जुआ को अंजाम देने वाला तो कभी डीजल चोर गिरोह का सरगना बन कोयला खदानों के वर्कशॉप से लाखों रुपए के डीजल चोरी की घटना को अंजाम देने वाला दबंग राजू द ग्रेट के द्वारा मीना बाजार के संचालन से अनहोनी की आशंका का बनी हुई है।
मीना बाजार के संचालन हेतु जबलपुर कटनी डिंडोरी के क्षेत्र से आए हुए आडे तिरछे चेहरे वाले अपराधिक प्रवृत्ति के कर्मचारी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं जिनके यहां लगभग 15 दिनों पूर्व से डेरा है और मेला खत्म होने के 10 दिन बाद तक रहेगा जिनका कोई भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं किया गया है और ना ही संबंधित थाने में मुसाफिर दर्ज है, 24 घंटे नशे की हालत में टुल्ल इन अपराधियों को टिकट चेक करने तथा एंट्री गेट पर महिलाओं को गलत इरादे से टच करते देखा जा सकता है
*नहीं हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम*
मीना बाजार में अगर आप जा रहे हैं तो सोच समझ कर कदम रखने की जरूरत है, क्यू की वहाँ पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नही है, कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। मीना बाजार मे लगे विशाल झूलों की श्रृंखला में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं पूरी तरह से नियम कायदों को दरकिनार करते हुए 100 से 150 फीट तक की ऊंचाई के झूलो का संचालन धड़ल्ले से से किया जा रहा है जिसके ब्रेकडाउन होने तथा किसी अनहोनी की स्थिति में किसी भी प्रकार की कोई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं इसलिए मेले में पहुंचे आगंतुक अपनी स्वयं की जवाब देही पर झूला झूलते देखे जा सकते हैं वही स्थानीय पुलिस बल भी अपने सिविल में मूकदर्शक बना बैठा कार्रवाई के नाम पर बेबस नजर आ रहा है। राजू द ग्रेट के मीना बाजार में यदि आप घूमने या फिर झूलो का लुफ्त का मन बना रहे हैं तो हो जाएं सावधान अपनी जान जोखिम में डालकर आनंद उठाना कहीं आप पर भी भारी पड़ सकता है।
*स्थानीय मचिया झूले को दे प्राथमिकता*
वर्ष भर मकर संक्रांति पर्व की राह देखते यहां के स्थानीय ग्रामीण रोजगार की आस लिए माचिया झूला लेकर मेले में आते हैं और सुरक्षित तरीके से उचित मूल्य के साथ झूला उपलब्ध कराते हैं, लेकिन राजू के गुर्गे दादागिरी करके उनके झूले नही लगने देते, अगर ज्यादातर मचिया झूला लगता है तो निश्चित ही आप सुरक्षित तरीके से झूले के लुप्त उठा सकते हैं और साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की आमदनी मे थोड़ा सहयोग भी हो सकता है।
