कोयला चोरी में नीरज, मनीष व आशीष गिरफ्तार, एरिया सेल्स मैनेजर अमित कोई कार्रवाई नहीं हुई
अनूपपुर
कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अंतर्गत आने वाली जगरन्नाथपुर ओपन कास्ट खदान से कोयला चोरी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने खदान से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 43 टन कोयला तथा दो ट्रक-ट्राला जब्त करते हुए नीरज यादव, मनीष यादव और आशीष यादव को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई खड़गवां पुलिस द्वारा खदान प्रबंधन की रिपोर्ट के आधार पर की गई
जांच के दौरान यह सामने आया कि सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर कोयला लोड ट्रक-ट्रालों को खदान के मुख्य द्वार से बाहर निकाला जा रहा था। मामले के उजागर होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इसी प्रकरण में भटगांव क्षेत्र के एरिया सेल्स मैनेजर अमित सिंह की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं
सूत्रों और प्रकाशित समाचारों के अनुसार, कोयला डिस्पैच, रोड सेल और परिवहन से जुड़े अहम नियंत्रण एरिया सेल्स मैनेजर के अधीन होते हैं। इसके बावजूद अब तक न तो अमित सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई की गई है। इससे पूरे मामले की जांच प्रक्रिया पर निष्पक्षता को लेकर प्रश्नचिह्न लग गया है
विशेष रूप से उल्लेखनीय तथ्य यह है कि एरिया सेल्स मैनेजर का पद संवेदनशील पद माना जाता है, जहाँ सामान्यतः किसी अधिकारी को तीन वर्ष से अधिक एक ही स्थान पर पदस्थ नहीं रखा जा सकता। इसके विपरीत, अमित सिंह लगभग 15 वर्षों से एक ही एरिया में पदस्थ बताए जा रहे हैं। इतने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में बने रहने के कारण कोयला माफियाओं से सांठ-गांठ की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, ऐसा स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि केवल ट्रक चालकों और निचले स्तर के लोगों की गिरफ्तारी कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि यदि निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो तो बड़े और प्रभावशाली चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं
जनता और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि इस पूरे कोयला चोरी प्रकरण की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा एरिया सेल्स मैनेजर अमित सिंह सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके
