गंदे पानी से बरगवां अमलाई के वार्डो में मंडरा रहा खतरा, अध्यक्ष, सीएमओ, पार्षद मौन
अनूपपुर
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से 16 लोगों की मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा केवल एक क्षेत्र की लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश की बदहाल पेयजल व्यवस्था की गंभीर तस्वीर को उजागर करता है। कई इलाकों में साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में पीने का पानी ही बीमारी का कारण बनता जा रहा है।इसी तरह की चिंताजनक स्थिति अनूपपुर जिले के बरगवां अमलाई वार्ड क्रमांक-1 में भी सामने आ रही है। यहां सरकारी स्कूल पानी टंकी के पास पीने वाली पाइप लाइन के चैंबर में, पास से गुजर रही अधूरी और अव्यवस्थित सीवेज नाली का गंदा पानी लगातार पहुंच रहा है। नाली का समुचित चैनलाइजेशन न होने के कारण पूरा सीवेज सड़क किनारे बहते हुए सीधे चैंबर में चला जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर का कार्य तो कराया गया, लेकिन वह भी आधा-अधूरा है। चैंबर पर प्रॉपर तरीके से ढक्कन नहीं लगाए गए हैं और अधिकांश चैंबर खुले पड़े हैं, जिससे न केवल दूषित पानी सीधे अंदर जा रहा है, बल्कि हादसों की आशंका भी बनी रहती है। चैंबर नाली की सतह से नीचे होने के कारण पूरा गंदा पानी उसमें भर जाता है और वही पानी सप्लाई लाइन के संपर्क में आ जाता है। इस मामले में अभी तक अध्यक्ष सीएमओ व पार्षद पूरी तरह मौन नजर आ रहे हैं। कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
इस दूषित वातावरण में सप्लाई हो रहे पानी से बच्चों और आम नागरिकों के बीमार पड़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार सफाई कर्मियों और संबंधित कर्मचारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कभी-कभार अस्थायी सफाई कर दी जाती है, जबकि मूल समस्या जस की तस बनी हुई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीवेज नाली को व्यवस्थित और बंद कराया जाए, चैंबर का निर्माण पूर्ण कर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा पेयजल की समय-समय पर जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो असमय बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
