वेयर हाऊस में धर्म कांटा में हुई छेडछाडी, शार्ट धान का जिम्मेदार कौन, खरीदी केन्दो को लगा लाखों का चूना

वेयर हाऊस में धर्म कांटा में हुई छेडछाडी, शार्ट धान का जिम्मेदार कौन, खरीदी केन्दो को लगा लाखों का चूना

*पूजा वेयर हाऊस में पकड मे आया मामला*


उमरिया

जिले के वेयर हाऊसो में खरीदी केंद्र से पहुचने वाली धान जो धर्म कांटा से तौल कर ली जाती है, धर्म कांटा में छेड़छाड़ करके आने वाली धान को कम आमद बता कर खरीदी केन्दो को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। ऐसी ही सनसनीखेज वारदात  जिले के पाली में स्थित पूजा वेयर हाऊस में पकड मे आयी है। बताया जाता है कि घुनघुटी स्थित केशव वेयर हाऊस में भी इसी तरह की आंशकाये प्रबल है। धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक के सूझबूझ से मामले का राजफास हुआ है। बताया जाता है कि केशव वेयर हाऊस में कम आंकी गयी धान जब पहली बार पूजा वेयर हाऊस गयी, तब समिति के तौल के मुताबिक सही उतरी, लेकिन दुसरे दिन केशव वेयर का एक नामी कार्यकर्ता ने पूजा वेयर हाऊस में भी पहुँच कर पूजा धर्म कांटा में हेराफेरी कर दी जिससे पूजा वेयर हाऊस में हर परिवहन वाहक में तीन क्विंटल धान शार्ट होने लगी। यही स्थित केशव वेयर हाऊस में बतायी जा रही है। मामले का खुलासा जब हुआ जब पूजा वेयर हाऊस में धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक ने गलत नाप के सत्यापन के लिए पूजा वेयर हाऊस पहुँच कर अपने तौल कांटा से तौल कर उनके धर्म कांटा में तौलने पर अंतर पकड मे आया, जिस पर धान परिहन वाहन को अन्य धर्म कांटा भेजकर तौल कराया गया, जिस पर धान खरीदी केन्द्र की तौल सही पायी गयी है। इस तरह पूजा वेयर हाऊस के धर्म कांटा में छेड़छाड़ करके अतिरिक्त धान लिया जाना साबित हो गया। इस तरह देखा जाये तो जिले के वेयर हाऊसो में धर्म कांटा से छेड़छाड़ करके धान शार्ट करने के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जबकि के के वेयर हाऊस के धर्म कांटा को नाप तौल निरपत कीर ने समितियों की आंख बचाकर सत्यापन कर क्लीन चिट दे दी गयी है। बताया जाता है कि के के वेयर हाऊस भरौंला  की नाप तौल में गडबडी के आरोप में  इसके पहले क ई बार वेयर हाऊस सील की जा चुकी है , बताया जाता है कि एक बार इनके विरूद्ध दो करोड़ की रिकवरी निकाली गई थी,जिसमें भी गोल माल कर मामले को रफा दफा किया जा चुका है। हाऊसो में चल रही इस धांधली के उजागर होने के बाद भी  बाद भी प्रशासन अब तक वेयर हाऊसो के विरुद्ध किसी तरह की कोई कार्यवाही  न कर बेशर्मी की चादर ओढ़ कर दुबका हुआ है, जिससे वेयर हाऊसो की मनमानी बढी हुई है। धर्म कांटो में हुई इस छेडछानी से धान शार्ट होकर जिले की समितियों में करोड़ों रूपयों की जो रिकवरी निकाली गई है उसके भरपाई के लिए आखिर कार कौन जिम्मेदार होगा यह सवाल हर एक समिति के मन में सता रहा है।वेयर हाऊसो में धान का रख रखाव समिति वार अलग अलग रखा जाना चाहिए ताकि उनका भौतिक सत्यापन किया जा सकें, लेकिन इस तरह सभी समितियों का धान मिला जुला कर  गडबड रख दिया जाता है की समिति वार समीक्षा नहीं की जा सकती है। इस तरह वेयर हाऊसो की इस काली कमाई की भरपाई समितियों से किया जाना कहा तक उचित माना जाता है। इस संवेदनशील मामले में जिला प्रशासन आखिर कार किस नतीजे पर पहुचंता है  यह अभी भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।

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