बरगंवा मेले में अवैध वसूली, अध्यक्ष सीएमओ की मूक सहमति, इंजीनियर व एकाउंटेंट का मिला संरक्षण
अनूपपुर
जिले के बरगंवा मेले में अनुभवहीन इंजीनियर और अकाउंटेंट मेले की व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी तो ले ली है, लेकिन प्रथम दिवस इनके द्वारा बनाए गए ठेकेदार वाहन स्टैंड को अवैध रूप से वसूली करने की छूट दी गई है। मेले में आने वाली भीड़ को देखने से पहले ही चकमका उठे नगर परिषद के इंजीनियर और अकाउंटेंट जिनके द्वारा वाहन स्टैंड की नीलामी नियम और शर्तों के अनुरूप किए जाने के बावजूद भी अपनी लापरवाही पूर्ण आचरण और कार्य कुशलता में निपुण ना होने का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए अपनी पूरी कृपा वाहन स्टैंड की नीलामी के दौरान दिखाते हुए वाहन स्टैंड ठेकेदार को अवैध वसूली करने की खुली छूट दी गई है, इस प्रकार शासन प्रशासन और उच्च अधिकारियों का किसी प्रकार से भाई ना होना इस और इंगित करता इस प्रकार अवैध वसूली और अवैध वसूली पर्ची प्रकाशित कर नियम विरुद्ध किए जा रहे अवैध वसूली पर अंकुश ना लगाना कहीं ना कहीं इंजीनियर और अकाउंटेंट की मिलीभगत और संरक्षण की ओर इशारा करता है। जबकि इस मामले में नगर परिषद व सीएमओ की मूक सहमति साफ-साफ दिखाई दे रही है।
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर लगने वाला पांच दिवसीय ऐतिहासिक मेला के प्रथम दिवस शुरू हो गया अवैध वसूली का तांडव कोई माई बाप नहीं इनकी अवैध वसूली पर लगाम लगाने वाला विवादों के साए में आयोजित होने जा रहा है पांच दिवसीय मेला जिसकी शुरुआत नगर परिषद के द्वारा वाहन स्टैंड नीलामी ठेकेदार के द्वारा शुरुआत कर दी गई है।नगर परिषद के द्वारा बनाई गई नियम औरशर्तों को दर किनार करते हुए वाहन स्टैंड वसूली का ठेका लेने वाले ठेकेदार के द्वारा स्वयं के द्वारा वसूली पर्ची प्रकाशित कराकर नगर परिषद द्वारा निर्धारित रेट सूची के आधार पर वसूली न करते हुए नियम और शर्तों के आधार पर साइकिल की वसूली ₹5 और टू व्हीलर वाहन की वसूली₹10 निर्धारित की गई है किंतु वाहन स्टैंड के ठेकेदार के द्वारा टू व्हीलर वाहन चालकों से₹40 की अवैध वसूली की जा रही है। मेला क्षेत्र में जितने भी बड़े-बड़े झूले लगाए गए हैं, वहाँ पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नही किये गए हैं, कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है।
