बाणगंगा मेला में आस्था व संस्कृति के साथ खिलवाड़, भोजपुरी गानों से फूहड़ डांस, फैलाई अश्लीलता

बाणगंगा मेला में आस्था व संस्कृति के साथ खिलवाड़, भोजपुरी गानों से फूहड़ डांस, फैलाई अश्लीलता


शहडोल

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यही मेला फूहड़ता और अश्लीलता का मंच बन गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील बॉलीवुड और भोजपुरी गानों पर लगे ठुमकों ने न सिर्फ मर्यादा तोड़ी, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए। 

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित होने वाला शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बजाय फूहड़ता और अश्लीलता को लेकर विवादों में आ गया है। सात दिवसीय इस मेले का आयोजन नगर पालिका प्रशासन द्वारा सोहागपुर थाना क्षेत्र के बाणगंगा मैदान में किया गया था, जहां रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर खुलेआम अश्लील और फूहड़ डांस कराया गया। कार्यक्रम के दौरान पैसा फेंक तमाशा देख, नाचेगी पिंकी फुल टू लेट और आज टूटेगा कांवरिया, कान की टूट जाए राजा जी बलम जैसे अश्लील भोजपुरी गानों पर महिला डांसरों द्वारा आपत्तिजनक ठुमके लगाए गए। मंच पर चल रहे इस फूहड़ प्रदर्शन को देखकर मेले में मौजूद कई वृद्धजनों और जागरूक नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि जिस मेले की पहचान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी रही है, वहां इस तरह का प्रदर्शन समाज को गलत संदेश देता है।

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस अश्लील डांस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें छोटी बच्चियां भी शामिल थीं। वहीं मंच पर कार्यक्रम के दौरान कुछ अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे, लेकिन किसी ने भी कार्यक्रम को रोकने की जहमत नहीं उठाई। इससे प्रशासनिक जिम्मेदारी और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर इस तरह की अश्लीलता ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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