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मंत्री व जिलाध्यक्ष का खास, कोतमा विधानसभा का भाजपा कार्यकर्ता अनूपपुर मंडल अध्यक्ष की कर रहा है दावेदारी
अनूपपुर
सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर भाजपा सरकार ने देश और प्रदेश में नि:संदेह कई आयाम स्थापित किए हैं, लेकिन संगठन को लेकर वर्तमान की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के भारतीय जनता पार्टी संगठन के इस मनभावन स्लोगन के विपरीत ही नजारा देखने को मिल रहा है। पार्टी संगठन ने जहां एक और जिले के 16 मंडलों में से 15 मंडलों का गठन कर गंगा नहा लेने जैसा कार्य किया है, कुछ में पुराने तो कुछ में नए सेनापतियों को कमान सौंप गई है, वही सबसे महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय अनूपपुर शहर मंडल की घोषणा विशेष होने कारण शेष है। अनूपपुर शहरी मंडल में अध्यक्ष पद हेतु दावेदारी कर रहे दिग्गज नेताओं की करगुजारियों पर यदि एक नजर डाली जाए तो निश्चित संगठन के कार्यकर्ताओं की तस्वीर साफ हो जाएगी, मंडल अध्यक्ष बनने की होड़ में अनूपपुर से भोपाल तक दौड़ लगा रहे हैं दिग्गज नेताओं में राजा से लेकर रंक तक कई बाहुबलियों के नाम शुमार है, इसी क्रम में कोतमा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपराहा निवासी भाजपा कार्यकर्ता बृजेश चतुर्वेदी की भी प्रबल दावेदारी मानी जा रही है, गौरतलब है कि नेताजी कोतमा विधानसभा के मूल निवासी हैं तथा अनूपपुर में कार पार्लर का व्यवसाय करते हैं, अब सवाल यह उठता है कि अनूपपुर मंडल से अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे बृजेश चतुर्वेदी की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है और कोतमा विधानसभा क्षेत्र का होने के बावजूद विधानसभा अनूपपुर मंडल में दावेदारी का क्या औचित्य है, क्या अनूपपुर शहर नेता तथा नेतृत्व विहीन है, क्या मंडल अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को संभालने की क्षमता अनूपपुर के किसी भी नेता में नहीं है या फिर यह माना जाए की पार्टी हाई कमान और मंत्री जी की जी हजूरी करने वाले पिछलग्गू नेताओं को ही हर बार की तरह इस बार भी मौका देकर उनकी चापलूसी का फल दे दिया जाएगा और पार्टी संगठन को एक बार फिर से गर्त में धकेलना का काम किया जाएगा। कोतमा विधानसभा क्षेत्र के छोटा सा कार्यकर्ता अनूपपुर मंडल में जमीनी नेताओ को टक्कर देने की कोशिश कर रहा है। बृजेश चतुर्वेदी भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम व मंत्री दिलीप जैसवाल का खास होने के कारण अनूपपुर मंडल का ताज देने की कोशिश की जा रही है। अगर ऐसा होता है तो भाजपा अनूपपुर के बड़े नेता पार्टी से बगावत की राह अपनाकर भाजपा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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सुलगते सवाल, सत्ता का मद या जनता की प्यास? मंत्री दिलीप जायसवाल के बिगड़े बोलों से बढ़ा विवाद
अनूपपुर
नगरपालिका परिषद बिजुरी में दूषित पेयजल की समस्या अब केवल स्थानीय असुविधा नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन चुकी है। काला पानी सप्लाई होने की शिकायतों के बीच जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। इसी दौरान राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल की पत्रकारों के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी ने मामले को और तूल दे दिया है। जनता जहां पीने के साफ पानी की मांग कर रही है, वहीं इस मुद्दे पर दिए गए मंत्री के बयान को लेकर जनमानस और मीडिया जगत में नाराज़गी देखी जा रही है।
नगरवासियों का आरोप है कि बिजुरी में फिल्टर प्लांट और टैंकरों के माध्यम से जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह साफ पेयजल की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा। कई वार्डों में गंदे, बदरंग पानी की शिकायतें सामने आई हैं। अनेक बोरवेल वर्षों से महज कुछ समय तक ही सुचारू रूप से पानी देकर बंद पड़ जाते हैं, जबकी लोग पूरी तरह नगरपालिका सप्लाई पर निर्भर हैं। पानी की गुणवत्ता को लेकर नियमित जांच और पारदर्शिता का अभाव है। कुछ नागरिकों ने पेट और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका जताई है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
जब इस विषय पर मंत्री दिलीप जायसवाल से सवाल किया गया, तो उनके बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उपस्थित पत्रकारों के अनुसार, मंत्री ने कथित रूप से यह टिप्पणी की कि यह पानी बर्तन धोने या सब्जी-भाजी सींचने के उपयोग का है। यह बयान सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है? यदि पानी पीने योग्य नहीं है, तो वैकल्पिक व्यवस्था क्या है — इस पर स्पष्टता अब तक नहीं मिल पाई है।
मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि सवाल पूछने पर मंत्री का रवैया असहज और आक्रामक था। इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद की स्वस्थ परंपरा के विपरीत बताया जा रहा है। लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, और जनसमस्याओं को सामने लाना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की ओर से संयमित और जवाबदेह व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
बिजुरी में पेयजल संकट और मंत्री के बयान के बाद अब कई बुनियादी प्रश्न चर्चा में हैं क्या क्षेत्र में पेयजल गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी? यदि पानी पीने योग्य नहीं, तो सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था कब तक? क्या जनप्रतिनिधियों द्वारा मीडिया के प्रति कथित असम्मानजनक व्यवहार पर कोई स्पष्टीकरण आएगा?
दशकों से एक ही राजनीतिक दल के प्रतिनिधित्व के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव क्या प्रशासनिक विफलता नहीं दर्शाता। बड़ी आबादी नगरपालिका सप्लाई पर निर्भर है, वहां पानी केवल सुविधा नहीं, जीवन का प्रश्न है।राजनीतिक बयानबाज़ी से इतर, लोग ठोस समाधान चाहते हैं — साफ पानी, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही।
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एसडीपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट का रोमांचक समापन, सुपर स्ट्राइकर किंग बनी विजेता
अनूपपुर
स्वर्गीय शैलेन्द्र सिंह (टुन्ना) की स्मृति में आयोजित SDPL क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला शुक्रवार को खेला गया, जिसमें सुपर स्ट्राइकर किंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए संदेश इलेवन को पराजित कर खिताब अपने नाम किया टूर्नामेंट की शुरुआत से लेकर फाइनल तक दर्शकों को लगातार रोमांचक मुकाबले देखने को मिले।
फाइनल मैच 12–12 ओवरों का खेला गया। टॉस जीतकर संदेश इलेवन ने पहले फील्डिंग करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सुपर स्ट्राइकर किंग की टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में 7 विकेट खोकर 78 रन बनाए और संदेश इलेवन को जीत के लिए 69 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी संदेश इलेवन की टीम जबरदस्त गेंदबाजी के दबाव में मात्र 60 रन पर ऑलआउट हो गई। इस प्रकार सुपर स्ट्राइकर किंग को विजेता घोषित किया गया। कम स्कोर वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों के गेंदबाजों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे अंत तक मैच में रोमांच बना रहा। विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर राम अवध सिंह ने कहा की स्वर्गीय शैलेन्द्र सिंह (टुन्ना) की स्मृति में आयोजित यह टूर्नामेंट न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देता है, बल्कि युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नगर पालिका परिषद द्वारा स्वर्गीय शैलेन्द्र सिंह (टुन्ना) के नाम पर एक भवन का निर्माण किया जाएगा, ताकि उनकी स्मृति को स्थायी रूप से संजोया जा सके फाइनल मुकाबले के साथ ही SDPL क्रिकेट टूर्नामेंट का सफल एवं गरिमामय समापन हुआ, जिसे खेल प्रेमियों ने लंबे समय तक यादगार बताया।
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शहादत दिवस को मनाया संकल्प दिवस के रूप में, देश भर में कई तरह के हुए आयोजन
अनूपपुर
सर्व सेवा संघ युवा प्रकोष्ठ ,सहित मध्य प्रदेश गांधी स्मारक निधि ,मध्य प्रदेश सर्वोदय मंडल, गांधी भवन न्यास, राष्ट्रीय युवा संगठन के अलावा गांधी विचार को मानने वाले प्रदेश घर में अलग-अलग जगह शहादत दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। गोष्ठी परिचर्चा स्कूल कॉलेज में बच्चों के बीच जाकर गांधी विचार के विषय में परीक्षाओं का आयोजन कर, प्रार्थना सभा, स्वच्छता अभियान, रैली जैसे विभिन्न प्रकार से आयोजन किया गया। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय अनूपपुर में युवा प्रकोष्ठ सर्व सेवा संघ बैनर तले संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्व प्रथम जय जगत,जय जगत गीत एवं प्रार्थना से हुआ, श्रेया भूपेश भूषण, विवेक यादव द्वारा किया गया, श्रद्धांजलि सभा सहित संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से शहर के गांधी विचार को मानने वाले प्रमुख सर्वोदय कार्यकर्ता एवं प्रगतिशील इकाई अनूपपुर के साथियों विद्यार्थियों की उपस्थिति रही सभी प्रमुखों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सत्य,अहिंसा, सत्याग्रह, और आज भी गांधी विचार जिंदा है और रहेगा, जिसकी जरूरत भी है। आज वर्तमान समय में गांधी प्रासंगिक हैं उसके सिवाए कोई रास्ता नहीं है बात रखने वालों में मुख रूप से सर्वोदय कार्यकर्ताओ ने विचार व्यक्त किए।
मंडला जिले के दुरांचल बिछिया जहां से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी निकले थे, कुछ समय विश्राम किए, वहां पहुंचे सर्वोदय कार्यकर्ता, वहाँ पर 1952 से गांधी मेला का आयोजन किया जाता है, सभी धर्मों के लोगों द्वारा अपने अपने धर्मों के ग्रंथों के विशेषताओ के बारे में देश दुनियां के भलाई के बारे में चर्चा किया गया, मुख्य रूप से संतोष कुमार द्विवेदी राष्ट्रीय संयोजक सर्वोदय समाज भूपेश भूषण राष्ट्रीय संयोजक युवा प्रकोष्ठ सर्व सेवा संघ की विशेष भागीदारी रही, बिछिया के सामाजिक कार्यकर्ता विवेक भाई, बिछिया विधान सभा क्षेत्र के विधायक नारायण पट्टा, विवेक अवस्थी, अध्यक्ष जिला पंचायत मंडला, जनपद पंचायत अध्यक्ष बिछिया जनपद सदस्य चंद्रकुमार तिवारी इस्ताक शहडोल सहित गांधी मेला में दूरदराज से हजारों के संख्या में लोग मौजूद रहे।
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शांति सिंह का स्वर्णिम प्रदर्शन, राज्य स्तरीय खेलो एमपी यूथ गेम्स में एक दिन में दो पदक जीतकर रचा इतिहास
*राष्ट्रीय चैंपियनशिप इवेंट में करेंगी प्रदेश का प्रतिनिधित्व*
उमरिया
उमरिया की प्रतिभाशाली धावक शांति सिंह ने दोहरी सफलता अर्जित कर अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश और शहर का नाम रोशन किया है।
मध्य प्रदेश शासन द्वारा आयोजित खेलो एमपी यूथ गेम्स, भोपाल में 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक और 400 दौड़ में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया। साथ ही यह अत्यंत गर्व का विषय है कि आगामी राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026, के 800 मीटर इवेंट में वे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रदेश शासन खेल और युवा कल्याण विभाग के द्वारा आयोजित खेलो एम पी यूथ गेम्स 2025 का आयोजन सम्पूर्ण प्रदेश में ब्लाक स्तर से जिला और संभाग स्तर से राज्य स्तर तक लगभग 9 संभागों में आयोजित किया जा रहा हैं जिसका उद्घाटन प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा विभिन्न मंत्रियों की उपस्थिति में टी टी नगर स्टेडियम भोपाल में प्रखर गायक कैलाश खेर की उपस्थिति में किया गया था।
खेलो एम पी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता भोपाल के 800 मीटर दौड़ में उमरिया जिला विकासखंड मानपुर ग्राम बारहुत पिपरहा टोला निवासी शांति सिंह जिन्होंने स्वर्ण पदक जीत कर जिले को गौरवान्वित किया है। शांति ने एक साथ दो पदक अर्जित किए हैं 400 मीटर दौड़ में रजत पदक प्राप्त कर जिले की पहली बालिका एथलीट बनी, जिसने राज्य स्तर पर एक ही दिन में दो पदक प्राप्त किए हैं। शांति के पिता मोल सिंह कृषक और माता सुमित्रा बाई गृहणी का कार्य करती हैं शांति सिंह वर्तमान में मध्य प्रदेश राज्य एथलेटिक अकादमी भोपाल की छात्रा हैं जो राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। खेल और युवा कल्याण विभाग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर शांति सिंह ने राज्य स्तर की पात्रता प्राप्त की थी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम से मुलाकात कर जिले को राज्य स्तर पर पदक दिलाने का भरोसा दिया था। जिले की होनहार बेटी की उपलब्धि पर लोगो ने शांति को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है, वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश व उमरिया का गौरव बढ़ाएँ।
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हाइवे पर लूट कारित करने वाले 5 आरोपियो को सश्रम कारावास*
उमरिया
दुर्गेश यादव, सोनेलाल यादव के वाहन अर्टिगा क्रमांक एम0पी054 सीए-5220 का ड्रायवर है, जो 1 फरवरी 2025 कि सुबह लगभग 10.30 बजे वाहन मालिक सोनेलाल ने फरियादी दुर्गेश को फोन किया और बोला कि एक बुकिंग है गाडी लेकर कटनी जाना है । फरियादी को सवारी का मोबाईल नम्बर दिया था, तो फरियादी दुर्गेश यादव सिंगल टोला से गाडी लेकर समय करीब 11.15 बजे उक्त मोबाईल नम्बर पर फोन करके बोला कि वह भरौला आ गया है तब (आरोपी) सवारी ने कहा कि सिद्ध बाबा मंदिर के पास आओ तब वह सिद्ध बाबा मंदिर के पास पहुंचा जहां उसे दो सवारी खडी मिली थी उसने दोनों को गाडी में बैठा लिया था।
गाडी में बैठने के बाद एक लम्बा सा लडका सांवले रंग का उम्र करीब 20-25 वर्ष उसने पेचकस निकाल लिया और फरियादी से बोला कि गाडी दूसरे लडके को चलाने दे नहीं तो जान से मार देगा, दूसरा लडका जो कि नाबालिग था को फरियादी ने गाडी चलाने के लिये दे दी थी। दोनों फरियादी से गाडी लेकर और उसे साथ बिठाकर जोगिन के जंगल तरफ गाडी लेकर गये और उसे उतारकर हाथ मुक्के से मारपीट किये तथा जान से मारने का भय देकर उससे उक्त वाहन कमांक एम0पी054 सीए-5220 कीमती करीब 10 लाख रूपये, उसका वीवो कम्पनी का मोबाईल , जिसकी कीमत लगभग 9,000 रूपये एवं फरियादी का लाल गुलाबी रंग का पर्स जिसमें आधार कार्ड और 40 रूपये थे. इस प्रकार कुल कीमत 10,09,040/- रूपये की लूट की गई।
सूचना पर अभियुक्त शिवम के विरुद्ध पुलिस थाना कोतवाली उमरिया में अपराध कमांक 48/202 अंतर्गत धारा 309 (6), 127 (2) एवं 61 (2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। प्रकरण विवेचना में लिया गया, घटनास्थल का नक्शा मौका बनाया गया, जप्ती कार्यवाही की गई, फरियादी का मेडिकल परीक्षण कराया गया एवं सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त शिवम उर्फ शिब्बू के विरूद्ध उक्त धाराओं के अधीन दंडनीय अपराध में अभियोग पत्र निराकरण हेतु न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में विवेचना सिविल लॉईन चौकी प्रभारीश्री बृजकिशोर गर्ग उप निरीक्षक उमरिया द्वारा की गयी। आरोपी शिवम उर्फ शिब्बू यादव पिता रामरतन यादव को 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया और बीएनएस 2023 की धारा 127 (2) में एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
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मरम्मत की अनदेखी से बदहाल तहसील भवन, कर्मचारियों व आमजन की सुरक्षा पर संकट
अनूपपुर
नगर के वार्ड क्रमांक 10 में स्थित तहसील कार्यालय का शासकीय भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने के कारण भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। दीवारों में जगह-जगह गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, सीलिंग की परतें उखड़ रही हैं और बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण कार्यालय के कमरों में पानी भर जाता है। इससे शासकीय दस्तावेजों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
जानकारी के अनुसार तहसील भवन का निर्माण लगभग 40 वर्ष पूर्व कराया गया था। लंबे समय से इसकी समुचित मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे भवन अब पूरी तरह कमजोर हो चुका है। पूर्व में सीलिंग का एक हिस्सा गिरने से एक कर्मचारी के घायल होने की घटना भी सामने आई थी, इसके बावजूद भवन की स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
बताया गया है कि तहसील क्षेत्र के अंतर्गत करीब 153 गांव आते हैं, जिनकी आबादी लगभग दो लाख के आसपास है। इन गांवों के लोग नामांतरण, पंजीयन, खसरा-नक्शा, सीमांकन, राजस्व प्रकरणों सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन तहसील कार्यालय पहुंचते हैं। जर्जर भवन में बैठकर काम करना कर्मचारियों के लिए जोखिम भरा हो गया है, वहीं आमजन भी भय के माहौल में अपने कार्य कराने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कभी-कभार अस्थायी मरम्मत जरूर कराई जाती है, लेकिन घटिया सामग्री और निगरानी के अभाव में कुछ ही समय में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। नागरिकों और कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तहसील भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थायी मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले हालात पर नियंत्रण पाया जा सके।