प्रशासन का दबदबा खत्म, पुलिस का मिला संरक्षण, सरेआम चल रहा रेत माफियाओं का गुंडाराज

प्रशासन का दबदबा खत्म, पुलिस का मिला संरक्षण, सरेआम चल रहा रेत माफियाओं का गुंडाराज 

*कार्यवाही नही हुई तो थाना व एसपी कार्यालय का करेंगे घेराव*


अनूपपुर

बीते कुछ दिन पहले 13 जनवरी को वन परिक्षेत्र बिजुरी के कर्मचारियों द्वारा अवैध रेत उत्खनन करने और परिवहन के दौरान दो ट्रैक्टर को पकड़ा, वन विभाग अमला बिजुरी ने बताया कि कार्यवाही करने के विरोध में रेत माफियाओं द्वारा वन परिक्षेत्र कार्यालय बिजुरी के सामने मुख्य गेट बंद कर जाम कर गेट पर ही धरना दिया जा रहा है, इन सब के बावजूद रेत माफियाओं द्वारा वन अमला बिजुरी के साथ उनके परिवार से भी अभद्रता किया गया। 

उक्त तथ्यों के संबंध में जब पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया तो उनके द्वारा किसी तरह से कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वन अमले को बहुत आहत हुई है।उक्त घटना घटित होने के बाद मध्य प्रदेश वन कर्मचारी संघ (शासन से मान्यता प्राप्त शाखा) जिला अनूपपुर के सदस्यों ने संघ के अध्यक्ष दादूराम कुशवाहा के मार्गदर्शन में वन मंडल अधिकारी अनूपपुर को ज्ञापन सौंपते हुए, उक्त घटना को संज्ञान में लाते हुए अपराधियों के विरुद्ध जल्दी ही कार्यवाही करने की मांग की है यदि उन पर कार्यवाही नहीं की जाती है तो वन कर्मचारी के हितों एवं सुरक्षा को ध्यान रखते हुए पहले वन मंडल एवं संभाग के समस्त वन कर्मचारी एवं अधिकारियों द्वारा साथ मिलकर थाना बिजुरी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय अनूपपुर का घेराव कर कलम बंद विरोध प्रदर्शन किए जाने की बात कही है। इस पर डीएफओ अनूपपुर ने जल्द ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों और पुलिस विभाग के अधिकारियों से बात कर कार्यवाही की बात कही है।

*पुलिस विभाग पर खड़े हो रहे सवालिया निशान*

पुलिस विभाग द्वारा वन अमले के शिकायत करने के बावजूद कार्यवाही न करने पर बहुत से सवाल सामने खड़े नजर आ रहे हैं, इससे पहले भी बिजुरी के नागरिकों द्वारा पुलिस विभाग के कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किया जा चुका है, और पुनः वह सवाल के कटघरे में फिर से खड़े हो चले हैं, जानकार बताते हैं कि पुलिस विभाग द्वारा ही रेत माफियाओं को सुरक्षा प्रदान किया जा रहा है, जिसका जीता जागता सबूत आज प्रशासनिक अमले पर ही ऐसी घटना घटित होते सामने नजर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर वन विभाग के अमले को पुलिस प्रशासन का साथ न मिल पाने से पुलिस विभाग पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। 

*प्रशासन का दबदबा खत्म, मिला संरक्षण*

रेत माफियाओं द्वारा जिस तरह से घटना घटित की गई है, उससे यही सिद्ध होता है कि अब रेत माफिया का गुंडागर्दी राज अपने चरम पर है, और प्रशासन का कोई दबदबा नहीं रहा इसका जीता जागता सबूत बिजुरी में हुई घटना से आकलन लगाया जा सकता है। यदि इसे जल्द ही नहीं रोका गया तो शासन प्रशासन पर नागरिकों का भरोसा उठ जाएगा और इससे बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है या वास्तव में ही बड़ी अनहोनी होने की संभावना है। बिजुरी के इस घटना के बाद पुलिस विभाग के वन विभाग को साथ न मिलने से गलियारों में जोर से यह चर्चा चल रही है और लोगों का कहना है कि रेत माफियाओं को पुलिस ही अपने संरक्षण में कार्य कर रही है।

इनका कहना है।

मेरे साथ जो घटना घटित हुई है ऐसी घटना किसी के साथ ना हो पुलिस विभाग के साथ न देने से मैं बहुत आहत हूं और इस संबंध में वन विभाग के उच्च अधिकारियों से संगठन के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए के  कार्यवाही की मांग कर रहा हूं।

*सतीश कुमार बैगा, पीड़ित वन अमला बिजुरी*

बिजुरी में जो घटना घटित हुई है इसके संबंध में हमने वन मंडल अधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से इस बात को संज्ञान में डालते हुए कार्यवाही की मांग की है, यदि कार्यवाही नहीं होती है तो हम भी आंदोलन के लिए बाधित होंगे।

*दादूराम कुशवाहा, अध्यक्ष, वन कर्मचारी संघ, अनूपपुर*

हमने जांच के लिए अधिकारियों से बात की है जांच में दोषी पाए जाने वाले आरोपियों पर उचित कार्यवाही होगी, इस संबंध में मैंने अधिकारियों से बात की है और पुलिस विभाग के अधिकारियों से भी बात की है जल्द ही उचित कार्यवाही की जाएगी।

*वेंकटराव चनाप, वन मंडल मंडलाधिकारी, वन मंडल, अनूपपुर*

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