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कालरी वर्कशॉप में घुस कर चोरी का प्रयास करने वाले 05 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अनूपपुर 

अवधेश कुमार यादव पिता राम संजीवन यादव सुरक्षा प्रहरी कोतमा कालरी भालूमाडा का 02 नवंबर 2025 को थाना उपस्थित होकर रिर्पोट दर्ज कराया की दिनांक 30-31 नवंबर 2025 को मै अपनी ड्यूटी पर था, तभी  रात्रि करीब 03.00 बजे बाउण्ड्री की दीवाल कूद कर 10 चोर घुस आये और वर्कशाप के अन्दर घुस गये और वहाँ रखे लोहा चुराने का प्रयास करने लगे तब मै तथा मेरा साथी मानसाय और देवेन्द्र यादव तीनो पकडने के लिए दौडे, तब वे भगने लगे तो मै लाईट के प्रकाश में कुछ चोंरों को पहचान लिया, जिसमें भूपेन्द्र पटेल निवासी भालूमाडा, गोलू पटेल निवासी भालूमाडा, शंकर सरदार निवासी भालूमाडा, मंजा निवासी लहसुई कोतमा, सूरज पटेल निवासी भालूमाडा के थे तथा पांच इन्ही के अन्य साथी जो कपड़ा से मुंह बांधे थे, सभी चोर बाउण्ड्री कूद कर भाग गये।  रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 476/2025 धारा 331(4), 112, 62 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपीगणों की पता तलास किया गया।

भालूमाडा पुलिस टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए दबिश देकर पांच आरोपी शंकर सिह उर्फ जागीर सिंह पिता बलवीर सिंह उम्र 32 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 11, नमो नारायण सिंह पिता हनुमान सिंह उम्र 42 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 13, घनश्याम पटेल पिता प्रहलाद पटेल उम्र 32 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 13, अविनाश उर्फ सूरज पिता आत्माराम पटेल उम्र 26 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 12 एवं मो. समसुद्दीन उर्फ मंजा पिता इस्लामुद्दीन उम्र 28 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 15 लहसुई कैम्प कोतमा दस्तयाब हुए जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है, तथा अन्य पांच आरोपी फरार हो गए जिनकी शीघ्र गिरफ्तारी हेतु टीम गठित किया गया है।

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बिना डॉक्टर के चल रहा है स्वास्थ्य केंद्र, चरमराई व्यवस्था, ग्रामीणों के सेहत के साथ खिलवाड़

अनूपपुर

जिले के ग्राम बेलिया बड़ी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की हालत इन दिनों चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की लंबे समय से न होने के कारण और कर्मचारियों की लापरवाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्वास्थ्य केंद्र अब एक 'भूतिया इमारत' बन चुका है, जहाँ न तो डॉक्टर मौजूद हैं और न ही कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी पर आते हैं। जो कर्मचारी आते भी हैं, वह समय से पहले चले भी जाते हैं वे अधिकांश समय केवल कुछ ही कर्मचारी केंद्र पर मौजूद रहते हैं। इस स्थिति के चलते गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन मरीजों को इलाज के लिए दूर अनूपपुर कोतमा या अन्य जिलों के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ को लेकर सुविधाओं को लेकर कई बार लापरवाही देखी गई लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई

ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था महज कागजों तक सीमित रह गई है। जमीनी हकीकत यह है कि अस्पताल में न तो डॉक्टर हैं और न ही पर्याप्त कर्मचारी। केंद्र पर मौजूद अधिकांश कर्मचारी गैर-हाजिर रहते हैं, जिससे दवा वितरण और बुनियादी जांच जैसी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने इस समस्या की शिकायत जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कई बार की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद न तो डॉक्टर की तैनाती की गई है और न ही कर्मचारियों की अनियमितता पर अंकुश लगाया गया है।     

 *इनका कहना है*                   

अस्पताल में कर्मचारियों के न होने के संबंध में जब हमने बात की तो कहा गया कि मैं अभी गया था तो सभी कर्मचारी थे बाकी कल दिखवा लेता हूं।                        

*के एल दीवान, बीएमओ, कोतमा*

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 युवती की नौकरी लगवाने के नाम पर साइबर ठगों ने की, 35 हजार की धोखाधड़ी

अनूपपुर

जिले में साईबर ठगी के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, लगातार लोग धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं, पुलिस भी ज्यादा कुछ नही कर पा रही है। ऐसे ही एक मामला जिले से आया है। जनक नन्दनी उम्र 19 वर्ष पिता थलेश कुमार निवासी ग्राम गोधन थाना तहसील जैतहरी, जिला-अनूपपुर को 25 अक्टूबर 2025 को मोबाइल के व्हाट्सएप नं. 7489345870 पर अज्ञात व्हाट्सएप नं. 7209790489 से भारत एयस्टोलन लिमिटेड में नौकरी ऑफर का मैसेज आया था और चैट के माध्याम से जानकारी लेने चैट से ही आधार कार्ड, पेन कार्ड, अंक सूची अपने व्हाट्एप मे सेंड करने को कहा गया, फिर मोबाइल नम्बर 8292384918 से से पीड़िता के मोबाईल नम्बर पर 7489345870 पर काल कर अपना नाम रमेश बताया और एयरटेल कम्पनी में नौकरी दिलाने के लिए 35 हजार रुपये यह कहकर ले लिया कि नौकरी लगने के बाद पैसा वापस हो जायेगा, तब पीड़िता ने अपने फोन पे 7489345870 उसके द्वारा दिये गये अलग-अलग क्यूआर कोड के माध्यम से पीड़िता ने 35 हजार रुपये भुगतान कर दी तथा दोबारा बात करने पर नौकरी देने से मना करते हुए पैसा वापस करने की बात करने लगा, लेकिन आज तक प्रार्थी का पैसा वापस नहीं किया है। पीड़िता ने थाना जैतहरी में लिखित आवेदन देकर धोखाधड़ी करने वाले पर मामला दर्ज कर धोखाधड़ी से जो 35 हजार अज्ञात व्यक्ति ने ले लिए है, रुपये वापस करवाने की मांग की है।                

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कांग्रेस कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों का थाना प्रभारी के खिलाफ धरना, प्रदर्शन, महिला के बदसलूकी का आरोप 

अनूपपुर

जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में नवागत थाना प्रभारी विपुल शुक्ला के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने बड़ा प्रदर्शन करते हुए कड़ा धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी विपुल शुक्ला पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने दोहपर लगभग 2 बजे के आसपास में एक अकेली महिला के घर में घुसकर उसके साथ बदसलूकी की है।

इस घटना ने पूरे इलाके में तहलका मचा दिया है और लोगों में गुस्सा फैल गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में एक जनसमूह थाना परिसर के सामने जमा हुआ और नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग करने लगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा इस तरह की कथित हरकत पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर एक सवालिया निशान है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल विपुल शुक्ला को निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, इस घटना ने जनता और पुलिस के बीच तनाव पैदा कर दिया है। स्थानीय नागरिक इस मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी अधिकारी को सजा दिलाने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। देखना यह है कि इस गंभीर आरोप पर प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और जनता को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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साल बोरर पर बीमारी प्रकोप, साल के वृक्ष सूखे, पर्यावरणीय संतुलन पर मंडराया संकट, जलस्रोतों पर पड़ेगा असर

अनूपपुर

माँ नर्मदा की पवित्र उद्गम स्थली अमरकंटक एक बार फिर सघन वनों से आच्छादित इस क्षेत्र में साल बोरर नामक कीट रोग का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण हजारों साल वृक्ष सूखकर गिरने लगे हैं। यह स्थिति न केवल वनों के लिए, बल्कि पूरे अमरकंटक के पारिस्थितिक संतुलन के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है। कीट वृक्ष की आंतरिक परत को नष्ट कर देता है, जिससे उसमें से बुरादा (पाउडर जैसा कण) निकलने लगता है। यह संकेत है कि वृक्ष अंदर से खोखला हो चुका है। प्रभावित साल वृक्ष कुछ ही सप्ताहों में सूखकर गिर जाता है, और बीमारी तेजी से आसपास के वृक्षों में फैल जाती है।

अमरकंटक क्षेत्र में साल वृक्षों का विस्तार लाखों की संख्या में फैला हुआ है। यह वृक्ष न केवल क्षेत्र की हरियाली और सौंदर्य का प्रतीक हैं, बल्कि स्थानीय जलवायु को नियंत्रित करने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। साल वृक्षों की पत्तियाँ और छाया वायुमंडल में नमी बनाए रखती हैं, मिट्टी को कटाव से बचाती हैं, और वर्षा के जल को धरातल में समाहित कर भूजल स्तर को बढ़ाने में सहायक होती हैं। पर्यावरणविदों के अनुसार, साल वृक्षों के कारण अमरकंटक की जलवायु सामान्यतः शीतल और संतुलित रहती है। यहाँ की यही हरियाली नर्मदा, सोन और जोहिला जैसी नदियों के उद्गम स्रोतों की जीवनरेखा बनी हुई है।

करीब 18-20 वर्ष पूर्व भी अमरकंटक और उसके आसपास के क्षेत्रों में साल बोरर रोग का भारी प्रकोप देखा गया था। उस समय वन विभाग को लाखों संक्रमित साल वृक्षों को काटना पड़ा था ताकि संक्रमण आगे न फैले। परिणामस्वरूप क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ गया, नमी घट गई और कई स्थानों पर छोटे-छोटे जलस्रोत सूखने लगे थे। अब वही स्थिति फिर से सिर उठाती दिखाई दे रही है। शांति कुटी आश्रम के प्रमुख एवं संत मंडल अमरकंटक के अध्यक्ष रामभूषण दास महाराज ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त की है। 

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अज्ञात बीमार विक्षिप्त युवक का मिला शव, पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी

अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 स्थित गणेश धूना आश्रम,मंदिर के समीप 35 से 40 वर्ष के एक अज्ञात विक्षिप्त नवयुवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत युवक बीते कुछ दिनों से अमरकंटक नगर में इधर-उधर घूमता देखा जा रहा था। बताया जाता है कि वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था। उसके हाथ-पैर में सूजन रहती थी और वह हमेशा शाल ओढ़े रहता था। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि युवक लीवर या किडनी संबंधी बीमारी से ग्रसित रहा होगा, जिससे उसकी हालत दिनोंदिन बिगड़ती चली गई। ऐसा अनुमान है कि युवक की मृत्यु दो दिन पूर्व ही हो चुकी थी।

सुबह आश्रम के पास युवक को मृत अवस्था में देखकर किसी श्रद्धालु ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस थाना अमरकंटक को दी। सूचना मिलते ही नगर निरीक्षक लाल बहादुर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस दल मौके पर पहुंचा। सहायक उप निरीक्षक ईश्वर यादव ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया। मृतक की पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज या सामग्री उसके पास नहीं मिली। पोस्टमार्टम के उपरांत शव को दफनाने की प्रक्रिया पुलिस द्वारा नियमानुसार की जा रही है। थाना अमरकंटक में मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया है।

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डाकघर में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर बंद, पर्यटकों व तीर्थयात्रियों को जाना पेंड्रा रोड या अनूपपुर

अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थस्थल पवित्र नगरी अमरकंटक के उप डाकघर में संचालित रेलवे रिजर्वेशन काउंटर को अब स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। डाकघर परिसर से संबंधित बैनर और बोर्ड भी हटा दिए गए हैं। इस निर्णय से स्थानीय नागरिकों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को अब रेलवे आरक्षण के लिए पेंड्रा रोड या अनूपपुर तक जाना पड़ेगा। इससे यात्रियों को न केवल अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना होगा, बल्कि टिकट बुकिंग के लिए लंबी कतारों में लगना और समय से पहले पहुँचना भी आवश्यक होगा।

अब तक अमरकंटक डाकघर में रेलवे आरक्षण सुविधा के माध्यम से स्थानीय लोग और तीर्थयात्री आसानी से टिकट बुक करा लेते थे। परंतु वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद यह सेवा बंद कर दी गई है।अमरकंटक उप डाकघर के डाकपाल महेश सिंह परस्ते ने बताया कि वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त आदेश के अनुसार डाकघर में रेलवे आरक्षण सुविधा तत्काल प्रभाव से बंद की गई है। यह विभागीय आदेश है, इसमें हमारा कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं है।

गौरतलब है कि अमरकंटक में रेलवे आरक्षण केंद्र का शुभारंभ तत्कालीन शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद राजेश नंदिनी सिंह के विशेष प्रयासों से हुआ था। उन्होंने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए तत्कालीन रेल मंत्री से इस केंद्र की स्वीकृति दिलवाई थी। परंतु अब इस सुविधा के बंद होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी और निराशा का माहौल है। लोगों का कहना है कि इससे उन्हें टिकट बुकिंग के लिए बाहर भटकना पड़ेगा और संभवतः दलालों के माध्यम से आरक्षण कराने की मजबूरी बढ़ेगी, जिससे अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ेगी।

अमरकंटक के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस विषय पर शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि अमरकंटक का रेलवे आरक्षण कार्यालय पुनः पूर्ववत संचालित किया जाए।

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नगर परिषद जैतहरी में भेदभाव के खिलाफ पार्षदों का विरोध कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

अनूपपुर

नगर परिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद राजकिशोर राठौर ने पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह एवं अन्य नागरिकों के साथ मिलकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें नगर परिषद प्रशासन पर भेदभावपूर्ण व्यवहार और मनमानी कार्यशैली के आरोप लगाए गए हैं।

पार्षद राठौर ने आरोप लगाया कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी जैतहरी द्वारा विपक्षी पार्षदों के आवेदनों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। हाल ही में वार्ड क्रमांक 13, 14 और 15 में स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य के भूमि पूजन कार्यक्रम में वार्ड 13 के पार्षद राजकिशोर राठौर और वार्ड 14 की पार्षद भूरी बाई भैना को सूचित तक नहीं किया गया, जिससे दोनों जनप्रतिनिधियों का सार्वजनिक रूप से अपमान हुआ।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वार्ड में चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य को अतिक्रमण हटाए बिना प्रारंभ किया गया है, जिससे मार्ग का निर्माण अव्यवस्थित ढंग से हो रहा है। पार्षदों और वार्डवासियों द्वारा विरोध दर्ज करने पर नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा दहशत का माहौल बनाया जा रहा है तथा सफाई कर्मचारियों से पार्षद के साथ मारपीट करवाने की कोशिश की जा रही है।ज्ञापन के माध्यम से पार्षदों ने मांग की है कि नगर परिषद प्रशासन में व्याप्त भेदभाव को समाप्त किया जाए तथा वार्ड क्रमांक 13, 14 और 15 में अतिक्रमण मुक्त कराकर सुव्यवस्थित सीसी मार्ग निर्माण कराया जाए। साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा बनाए जा रहे भय और दहशत के वातावरण को नियंत्रित करने की कार्यवाही की जाए।

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सोन नदी में नहाने गया बालक तेज बहाव में बहा, तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

शहडोल

सोन नदी में नहाने के दौरान एक दस साल का बालक नदी के तेज बहाव में बह गया और लापता हो गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर रेस्क्यू के लिए बुला लिया है। रेस्क्यू टीम के 8 सदस्यीय लोग लापता बालक की तलाश नदी में कर रहे है। घटना गोहपारू थाना क्षेत्र के रुपौला घाट की है।

गोहपारू थाना क्षेत्र के रूपैला गांव का रहने वाला बालक अनुज सिंह रविवार शाम अपने दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने गया था,तभी नहाते नहाते अनुज गहरे पानी में चला गया, और वह डूब गया, उसके साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन वह कोशिश नाकाम रही। इसके बाद अनुज के दोस्तों ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी और परिजनों को भी घटना के बारे में बताया गया। 

परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी, पुलिस ने कहा कि घटना की जानकारी के बाद मौके पर टीम पहुंची थी, लेकिन काफी अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू शुरू नहीं हो पाया था। सोमवार की सुबह पुलिस के साथ एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची है और लापता बालक की तलाश कर रही है।

मौके पर परिजनों के साथ गांव के लोग इकट्ठा हैं,परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, परिजनों के अनुसार अनुज छठवीं कक्षा का छात्र था, और वह अपने दोस्तों के साथ घर के पास स्थित सोन नदी रूपौला घाट नहाने गया था, और यह हादसा हो गया। टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक कोमल सिंह ने बताया कि हमारी टीम के आठ सदस्य रेस्क्यू कार्य में लगे हैं।सूचना मिलते ही हमने ऑपरेशन शुरू किया है, सोमवार सुबह से रेस्क्यू किया जा रहा है, अभी तक लापता बालक का पता नहीं लग पाया है।

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