बिना नंबर के दौड़ रहे ट्रेक्टरों से प्रशासन बेखबर, रेत चोरों ने कार्यवाही से बचने खोजा आसान तरीका

बिना नंबर के दौड़ रहे ट्रेक्टरों से प्रशासन बेखबर, रेत चोरों ने कार्यवाही से बचने खोजा आसान तरीका 

*रेत माफिया बेकाबू, प्रशासन मौन, कभी भी हो सकती है दुर्घटना*


उमरिया

जिले में अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त कारोबारियों ने कार्यवाही से बचने के लिए तरह -तरह के तरीके इजाद करते रहते हैं । इन दिनों रेत चोरी के कारोबार में संलिप्त अधिकांश ट्रेक्टर और टालिया बिना नंबर लिखायें ही सरपट दौड़ रही है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कभी ध्यान ही नहीं देते , जिससे  रेत चोर आजाद होकर इस काले व्यवसाय को खुले रूप से अंजाम दे रहे हैं । 

विदित हो की उमरिया जिले में रेत उत्खनन पर शासन व्दारा रायल्टी पर पूर्ण रूप से 15 जून से रोक लगाते हुए रायल्टी पर पाबंदी लगा दी गयी है । तब से रेत माफिया के हौसले और ही ज्यादा बुलंद हो गये और वह कभी भी कहीं भी रेत चोरी करने के लिए आमदा हों गये है । उमरिया जिले के कोने-कोने से रेत चोरी की खबरें हर दिन की प्रमुख खबरों में प्रकाश में आती है , लेकिन उमरिया जिले के आलाकमान अधिकारियों ने कभी भी इन खबरों को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में नहीं लिया ।

उल्लेखनीय है की बिना रजिस्ट्रेशन या नंबर प्लेट के गाड़ियों के चलाने पर भारत देश में मोटर वाहन अधिनियम 1988  की धारा 192 के तहत कार्यवाही होती है ,जो की धारा 39 का उल्लंघन है । इस अपराध के लिए पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार तक का जुर्माना और वाहन को जब्त किया जा सकता है, और अगर संबंधित जन के व्दारा बार बार गलती पाये जाने पर दस हजार का जुर्माना और एक साल की सजा हो सकती है ।मोटर वाहन अधिनियम 192 कहती हैं की जो भी व्यक्ति बिना वैध पंजीकरण या नंबर प्लेट के वाहन चलाता है वह दण्डनीय अपराध है,इन वाहनों में दो पहिया से लेकर चार पहिया हों या व्यावसायिक वाहन शामिल हैं ।इसी तरह धारा 39 के अनुसार बिना नंबर प्लेट के कोई भी वाहन सार्वजनिक सड़कों पर नहीं चलाये जा सकते हैं , लेकिन आजकल रेत चोरी में बिना नंबर प्लेट के ही पीकप और ट्रेक्टर दौड़ाये जा रहें हैं , ताकि वाहन मालिकों को सहजता से पकड़ा न जा सके । ध्यान देने योग्य है कि पिछले दिनों एक प्रशासनिक अधिकारी ने रेत उत्खनन के मामले में चार ट्रेक्टरों को पकड़ा था , और चोरों ने अंधेरे का लाभ उठा कर भाग निकलने में कामयाब हो गए ,उन ट्रेक्टरों की फोटो प्रशासनिक अधिकारी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, लेकिन किसी भी वाहन में नंबर प्लेट न होने के कारण कार्यवाही नहीं की जा सकी ।

इस तरह के बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर कार्यवाही करने का अधिकार पुलिस, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के पास सुरक्षित रहता है और उनकी जिम्मेदारी बनती है की ऐसे वाहनों पर समय-समय पर कार्यवाही करते रहे , लेकिन उमरिया जिला प्रशासन की कार्यशैली के बारे में कुछ कहना, लिखना बेमानी बन गया है की आखिर कार उनकी नजरों में इस तरह की गड़बड़ियां दिखाई क्यों नहीं देती और इस तरह से क्षेत्र में चोर, उचक्कों ने माफिया राज कायम कर रखा है ।

माफिया राज के मकड़जाल को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन को अपनी आंख -कान खोलकर काम करने की जरूरत है , ताकि किसी बडी अप्रिय घटना घटित न हो सकें।

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