ट्रांसफार्मर के नींचे लग रही हैं दुकाने, कभी भी हो सकता हैं बड़ा हादसा, जिम्मेदार मौन

ट्रांसफार्मर के नींचे लग रही हैं दुकाने, कभी भी हो सकता हैं बड़ा हादसा, जिम्मेदार मौन


अनूपपुर 

जिले के कोतमा नगर में जगह जगह लगाए गए बिजली के ट्रांसफॉर्मर के नीचे  दुकाने लगाई जा रही है, खाने-पीने सहित कपड़े एवं सब्जी ठेले की दुकाने किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। लोगों द्वारा मोल लिए जा रहे खतरे के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं है। अगर ऐसे किसी भी ट्रांसफॉर्मर में स्पार्किंग हो गई तो कितना जान-माल का नुकसान होगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होगा। गर्मियों में ट्रांसफॉर्मर पर लोड ज्यादा रहता है, इसके कारण स्पार्किंग होने की संभावना अधिक रहती है। नगर में शायद कोई ऐसा ट्रांसफॉर्मर बाकी हो जिसके नीचे दुकान न लग रही हो। गांधी चौक पर तो दुकानदार हद पार कर दिए हैं।  

ट्रांसफॉर्मर के नीचे सटाकर दुकान सजाई जा रही हैं। गर्मी का मौसम होने के कारण कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। खास बात तो यह है कि इसके लिए न तो किसी की मंजूरी ली जाती है और न ही किसी हादसे से निपटने के लिए कोई व्यवस्था होती है। नगर की अधिकांश मेन रोड सहित बाजार एरिया पर लगे बिजली के तार और उनके खुले डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। कई ऐसे ट्रांसफॉर्मर है, जिनकी कंडीशन काफी खराब है। इसकी तारें भी खुली हैं। अगर समय रहते इनको नहीं बदला गया तो से ट्रांसफॉर्मर कभी भी फट सकता है। कई ट्रांसफार्मरों की फैसिग नहीं होने से ये खतरनाक बने हुए हैं। इतना ही नहीं बिजली विभाग के नियमानुसार ट्रांसफार्मर के पास चेतावनी बोर्ड होने चाहिए, लेकिन नगर के अधिकतर ट्रांसफॉर्मर ऐसे है. जहां चेतावनी बोर्ड नहीं है।

 ट्रांसफॉर्मरी की उचाई जमीन से कम से कम 10 फीट ऊंची होनी चाहिए। अगर चबूतरे में ट्रांसफॉर्मर रखा हो तो उसके आसपास घेराबंदी को जाए। भीड़ वाले इलाके में ट्रांसफॉर्मर के पास चेतावनी लिखा बोर्ड जरूर लगाना चाहिए। ट्रांसफॉर्मर के नीचे और सटकर दुकान, मकान, रेहड़ी फड़ लगाने पर प्रतिबंध होना चाहिए।

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