दीदी कैफे के भोजन मामले में एसडीएम की जांच में नही पाया गया फूड प्वाईजनिंग

दीदी कैफे के भोजन मामले में एसडीएम की जांच में नही पाया गया फूड प्वाईजनिंग


अनूपपुर/पुष्पराजगढ़

आजीविका मिशन अंतर्गत पुष्पराजगढ़ में स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित दीदी कैफे द्वारा 4 फरवरी को कन्या शिक्षा परिसर पुष्पराजगढ़ में प्रदाय किए गए भोजन से कुछ छात्राओं का स्वास्थ्य बिगडऩे से संबंधित मामले का संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने पूरे मामले की जांच के आदेश पुष्पराजगढ़ एसडीएम को दिए थे। जहां मामले में एसडीएम दीपक पांडेय द्वारा की गई जांच में पाया गया कि उक्त दिनांक को छात्रावास की छात्राओं द्वारा एक समान भोजन किया था। जिसमें से 5 छात्राओं को पेट दर्द की शिकायत हुई थी, जो पूर्व से ही उन्हें बनी रही। जिस पर उन छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुष्पराजगढ़ में उपचार हेतु ले जाया गया। 

मुख्य खंड चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्राओं को स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान किसी तरह का फूड प्वाईजनिंग का केस नही पाया गया है। जो छात्राएं अस्पताल आई थीं, उनका स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार देकर उन्हें वापस हॉस्टल भेज दिया गया था। पूरे मामले की जांच से स्पष्ट हुआ कि पुष्पराजगढ़ में संचालित दीदी कैफे से प्रदाय किए गए भोजन में कोई दोष नही था। शासकीय कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास पुष्पराजगढ़ की अधीक्षिका ने कथन में बताया कि छात्रावासी कुछ छात्राओं को पेट दर्द की शिकायत बनी रहती है, कुछ बच्चों को तत्समय बुखार व मुंह के छाले की शिकायत थी, जिन्हें उपचार हेतु राजेन्द्रग्राम अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी की शाम को दीदी कैफे से जो खाना आया था उसमें दाल, चावल, पूड़ी और आलू गोभी की सब्जी थी। किसी भी बच्चे द्वारा खाने की शिकायत नही की गई थी। पूरे मामले में की गई जांच से स्पष्ट हुआ कि दीदी कैफे पुष्पराजगढ़ को बदनाम करने की साजिश रची गई थी। इस मामले में छात्रावास स्टॉफ की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने के साथ अन्य पहलुओं से संबंधित जांच भी संदिग्ध के दायरे में है। 

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