महाशिवरात्रि पर्व पर अमरकंटक में आयोजित 5 दिवसीय मेला का सांसद ने किया शुभारंभ
*मां नर्मदा व भगवान शंकर की भक्तों ने की उपासना, मेले में विभिन्न विभागों ने लगाई प्रदर्शनी*
अनूपपुर
मां नर्मदा के उद्गम क्षेत्र पवित्र नगरी अमरकंटक में महाशिवरात्रि के अवसर पर सर्किट हाउस ग्राउंड अमरकंटक में आयोजित किए गए पांच दिवसीय मेला का शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया। अमरकंटक में आयोजित महाशिवरात्रि मेला स्थल पर शासकीय विभागों पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल, कृषि विभाग, जनजाति कार्य विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अतुल्य भारत पर केन्द्रित प्रदर्शनी आयोजित की गई है। जिसका सांसद हिमाद्री सिंह, कलेक्टर आशीष वशिष्ठ सहित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों व नागरिकों ने अवलोकन किया। सांसद हिमाद्री सिंह ने नागरिकों तथा बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दी।
*मां नर्मदा की श्रृद्धालुओं ने की उपासना*
महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर पवित्र नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा उद्गम मंदिर में मां नर्मदा व भगवान शिव शंकर की भक्ति में लीन श्रृद्धालू उपासना करते देखे गए। बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने बम-बम भोले, हर-हर नर्मदे, ओम नमः शिवाय का जप किया। देवालयों में लोग पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक व जप करते देखे गए। मां नर्मदा उद्गम मंदिर में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने उद्गम मंदिर में मां नर्मदा व भगवान शंकर के देवालयों में मत्था टेका तथा भक्ति में लीन नजर आये। नर्मदा तट में श्रद्धालुओं ने स्नान किया तथा भोलेनाथ की पिंडी में जल का अर्पण किया। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर अमरकंटक में स्थित आश्रमों ने भंडारा तथा जगह-जगह भक्तों ने प्रसाद का वितरण किया।
*महाशिवरात्रि का महत्व*
मां नर्मदा को शंकरी अर्थात भगवान शंकर की पुत्री कहा जाता है। अन्य नदियों से विपरीत नर्मदा से निकले हुए पत्थरों को शिव का रूप माना जाता है, ये स्वयं प्राण प्रतिष्ठित होते हैं अर्थात् नर्मदा के पत्थरों को प्राण प्रतिष्ठित करने की आवश्यकता नहीं होती है, इसी कारण देश में ही नही विदेशों में भी नर्मदा से निकले हुए पत्थरों की शिवलिंग के रुप में सर्वाधित मान्यता है, जिसके कारण अमरकंटक में महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व है।
*शिवलहरा में आयोजित किया गया मेला*
जिले के जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम पंचायत दारसागर के समीप केवई नदी पर स्थित शिवलहरा धाम में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मेला का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शिवलहरा की गुफाएं पाण्डवकालीन गुफाएं मानी जाती हैं। शिवलहरा की गुफाएं केवई नदी के बहती धाराओं के ऊपर खूबसूरती और प्राकृतिक मनोरम दृश्यों को समेटे मनोरम नजर आती हैं। यहां प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें दूरदराज से पहुंचकर बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव की आराधना करते हैं व पूजा-अर्चना के साथ मेले का आनंद लेते हैं।
