कृषि उपज मंडी में अनाधिकृत लोगो का कब्जा, लापरवाही, अनदेखी से बदहाली के आंसू बहा रहा मंडी

कृषि उपज मंडी में अनाधिकृत लोगो का कब्जा, लापरवाही, अनदेखी से बदहाली के आंसू बहा रहा मंडी


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा नगरपालिका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 01 पर स्थित पुरानी चावल मंडी की स्थिति दयनीय हो चली है। बदहाल हालत में कृषि उपज मंडी अपनी अव्यवस्था के आंसू रो रही है। मंडी के गोदामों में कर्मचारियों के सह पर कबाड़ और घर निर्माण के सामान रखे जा रहे हैं। कहने को तो चावल मंडी है लेकिन किसानों को चावल मंडी में जगह ना देते हुए प्राइवेट और पहुंच वाले लोगों को मंडी के भवन और भूमि दे दिया जाता है। किसानों की सुविधाओं के लिए चावल मंडी के भवन और चावल विक्रय हेतु चावल मंडी की भूमि दी जाती है जिसमें वह बाजार के दिन किसान उत्पादित किए हुए चावल को बिक्री के लिए लाते हैं। पर प्रशासन की मंशा के विपरीत कृषि उपज मंडी में किसानों का नहीं माफियाओं का कब्जा बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर कृषि उपज मंडी पर कार्य करने वाले कर्मचारी और ऑपरेटर की दादागिरी चरम पर है कमीशन खोरी के चक्कर में किसानों के हक पर डाका डालते हुए कृषि उपज मंडी को विभिन्न लोगों को देखकर किसानों के अधिकार पर डाका डालने का प्रयास कर रहे हैं। कृषि उपज मंडी को किसानों के उपयोग हेतु बनाया जाता है लेकिन किसानों के उपयोग ना आकर कृषि उपज मंडी इन दिनों नेताओं और व्यापारियों के प्राइवेट गोदाम का काम कर रही है जिसका सबसे बड़ा कारण गोदाम में बैठे हुए कर्मचारी शरद और कंप्यूटर ऑपरेटर हैं जिनके सह कृषि उपज मंडी पर अधिकृत तरीके से कब्जा किया जा रहा है

*कृषि उपज मंडी की भूमि पर अनाधिकृत कब्जा*

कोतमा कृषि उपज मंडी की भूमि पर अनाधिकृत तरीके से कब्जा कर बड़ी बड़ी दुकान है और मकानों का निर्माण कर लिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कृषि उपज मंडी पर सफेदपोश नेता व्यापारी और कर्मचारियों के सफर भूमि पर कब्जा कर बड़ी-बड़ी दुकानों का निर्माण कर कृषि उपज मंडी को निश्चित क्षेत्र में सिकुड़ जाने पर विवश कर दिया है। सरस्वती स्कूल के आसपास स्थित भूमि पर अनाधिकृत के तरीके से व्यापारियों द्वारा कब्जा कर मंडी की भूमि को पूरी तरह से खत्म कर दिया है बताया जाता है कि आसपास के क्षेत्र में किराने की दुकान, गल्ले की दुकान, ब्यूटी पार्लर मकान और ऐसे ही विभिन्न प्रकार के भवनों का निर्माण कर मंडी की भूमि को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। 

*बदहाली के आंसू रो रही कृषि उपज मंडी का भवन*

दोबारा कर्मचारी की मनमानी और दादागिरी के कारण कृषि उपज मंडी बदहाली के आंसू रो रहा है किसानों को मिलने वाली सुविधाएं नेताओं और आसपास के व्यापारियों को मिल रही है। कृषि उपज मंडी में कृषक को और किसान व्यापारियों के लिए कृषि उपज मंडी की भूमि उपयोग में लाई जानी चाहिए पर अधिकारी कर्मचारियों के सेट पर व्यापारियों के प्राइवेट गोदाम का काम कृषि उपज मंडी द्वारा किया जा रहा है जिस पर कोतमा एसडीएम की उदासीनता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतमा एसडीएम की अनदेखी के कारण कृषि उपज मंडी लगातार उपेक्षा का शिकार हो रही है अगर ऐसा ही चलता रहा तो जल्द ही कृषि उपज मंडी की भूमि पर अनाधिकृत तरीके से व्यापारियों का कब्जा हो जाएगा।

*इनका कहना है*

निर्माण सामग्री रखने के लिए हमने कोई पैसे नहीं लिए हैं बार-बार सामग्री रखने की मिन्नत कर रहे थे इसलिए खाली जगह होने पर रखने की इजाजत दिए थे अगर कर्मचारी का बर्ताव अच्छा नहीं था उसके लिए माफी चाहते हैं ।

*दीपू रावत, कृषि उपज मंडी सचिव*


मैं चेक करवाता हूँ मामले को दिखवाता हूँ।

*मायाराम कोल, अध्यक्ष कृषि उपज मंडी, एसडीएम कोतमा*

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