पिछड़ा वर्ग में शामिल करने केसरवानी समाज ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
अनूपपुर
केसरवानी समाज की ओर से अन्य पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित कराने को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा हैं। जिसमें उन्होंने कहा है कि केसरवानी समाज आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से अन्य जातियों की तुलना में काफी पिछड़ा है। उन्होंने मांग की है कि केसरवानी समाज को पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित किया जाए।
उन्होंने कहा की मध्यप्रदेश में केशवानी जाति के लोग केशरवानी खरे, खरिया, गुप्ता सहित अन्य उपनामों (सरनेम) से रीवा, सीधी, सतना, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर सहित अन्य जिले में बहुसंख्यक रूप से व पन्ना, भोपाल, इंदौर जिले में भी सैकड़ों की तादात में सपरिवार निवासरत है। मध्यप्रदेश में निवासरत केशवानी जाति आर्थिक, शैक्षिणिक, राजनीतिक व सामाजिक रूप से अन्य जातियों की तुलना में काफी पिछड़ा है।
राज्य विभाजन के बाद झारखण्ड राज्य सरकार द्वारा 2012 में "केशरवानी जाति को अन्य अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण लागू किया था। समाज का 80 से 90 प्रतिशत परिवार जीविका उपार्जन के लिए हाथ ठेला, पान दुकान, सब्जी चाट, फटटा, छोटी मोटी किराना दुकान, सहित 'दैनिक मजदूरी करने के विवश है और शासकीय सेवाओं में भी केशरवानी समाज की सहभागिता नगण्य है। इसलिए मध्यप्रदेश में केशरवानी जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित किए जाए।
