करोड़ों का मटेरियल सप्लायर बना चपरासी, सचिव की पॉवर के आगे नतमस्तक अधिकारी
*ग्राम पंचायत ऊरा के दस्तावेजों में भ्रष्टाचार प्रमाणित फिर भी अधिकारियो ने जाँच में कर दी लीपापोती , अधिकारियो की संदेहास्पद जाँच की आखिरकार कब होगी जाँच*
अनूपपुर/कोतमा
अनूपपुर जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें बड़ी गहरी होती जा रही है,भ्रष्टाचार के इस खेल में कुछ शासकीय नौकरशाह ग्राम पंचायतों के कुर्सी पर विराजमान होकर दीमक की तरह लग कर पंचायत के शासकीय खजाने को अन्दर ही अन्दर खोखला किया जा रहा है। एक ओर सरकार ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े कदम उठा रही है वही भ्रष्ट आचरण के बैठे नौकरशाह अपने निजी स्वार्थ सिद्धि के खातिर विकास पर ग्रहण लगा रहे हैं ,शासकीय राशि की हेराफेरी करने के नए-नए तौर तरीके खोजे जा रहे हैं। ग्राम पंचायत के विकास उन्नति के पथ पर भ्रष्टाचारी नौकरशाह सबसे बड़े बाधक बनते जा रहे हैं, ग्राम पंचायतों में जारी भ्रष्टाचार से न केवल जनता का शोषण हो रहा अपितु शासन की नींव को हिला कर रख दिया गया है,भ्रष्टाचारी रुपी राक्षस को समय रहते खत्म नहीं किया गया तो निश्चित तौर पर जिले का संपूर्ण विकास होना अब संभव नहीं। पूर्व सचिव ग्राम पंचायत ऊरा एवं वर्तमान बेलियाबड़ी का भ्रष्टाचारी खेल ऊरा ग्राम पंचायत के दस्तावेजों में प्रमाणित होने के बाद भी, जिले के जिम्मेदार आला अफसर भ्रष्ट आचरण के सचिव पर नकेल कसने के बजाय,जांच में अभय दान देकर ग्राम पंचायत में धांधली बाजी करने की दी खुली छूट।
*सचिव के आगे नतमस्तक जांच अधिकारी*
जिला पंचायत अनूपपुर मुख्यालय बदरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊरा के पूर्व सचिव अंबिका शुक्ला पर पूर्व उपसरपंच वर्तमान पंच नागेन्द्र सिंह द्वारा अपने लेटर पैड पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर को 25 मार्च 2020 को 7 बिंदुओं पर लिखित शिकायत करते हुए सचिव अंबिका शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाए गए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई दिनाँक 28/02/2020 को ई.पी.आ. नंबर 23, 28, 44 पंच परमेश्वर मद से 35383 पशु चिकित्सा एवं औषधालय योजना के तहत शीलभद्र जोशी मैटेरियल सप्लायर के नाम पर फर्जी बिल भुगतान कर उक्त राशि का आहरण कर लिया गया था जिसकी शिकायत उपरांत आनन-फानन में भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह अंबिका शुक्ला ने निकाली गई राशि का निर्माण कार्य शुरू किया गया 2020 वही 10 दिन 2020 ई पी ओ नंबर 2341579 के ब्याज की राशि ₹18000 का आहरण कर अपने चहेते मैटेरियल सप्लायर शीलभद्र जोशी को थमाने का ग्रामीणो ने आरोप लगाया था । वही आरसीसी पुलिया निर्माण मंटोलिया से नवाटोला ग्रेवल मार्ग पर रामदयाल केवट के खेत के पास 6 लाख रूपए 14 वे वित्त की राशि का प्राक्कलन की धज्जी उडाते हुए मनमानी तरीके से उक्त कार्य को अंजाम दिया गया , लंबाई, चौडाई, उचाई का एस्टीमेट के आधार पर काम का पता नही धरातल मे निर्माण कार्य पर लीपापोती कर भुगतान कर निर्माण कार्य को गुणवत्ता की भेंट चढा दिया गया जो जाँच का विषय बना हुआ है ।सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रधानाध्यापक कक्ष की राशि संपूर्ण आहरित कर ली गई किंतु कार्य शिकायत दिनाँक निर्माण कार्य आधा अधूरा छोड दिया गया वही पंचो द्वारा बताया गया शिकायत दिनाँक तक पंचो का मानदेय वेतन की राशि का भुगतान नही किया गया।
*करोडो का मटेरियल सप्लायर बना चपरासी*
जिले के ग्राम पंचायतो मे भ्रष्टाचारी अंगद की तरह पाव जमाए बैठे है , विकास कार्यो की उल्टी गंगा पंचायतो मे बह रही है आज जो जितना भ्रष्टाचार करेगा उसे उतनी ग्राम पंचायतो का प्रभार देकर पदोन्नती की जा रही है , आज अंधेर नगरी चौपट राजा जैसा हाल चल रहा है ग्राम पंचायत ऊरा के पूर्व सचिव एवं वर्तमान बेलियाबडी सचिव अंबिका शुक्ला कथरी ओढ कर पनीर व घी खा रहा है कारण मात्र राजनीतिक पहुँच पकड , पैसे के दम पर भ्रष्टाचार की शिकायते संबंधित विभाग के अधिकारियो के दफ्तर मे दफन हो जाती है कारण पैसो की चढोत्तरी , सचिव अंबिका शुक्ला के भ्रष्टाचार के कारनामे किसी से छुपा नही है ,सचिव महाशय ने आँख मूँदकर पंचायत नियमो की धज्जिया उडाते हुए दर्जनों है ग्राम पंचायतों में करोड़ों के मटेरियल सप्लायर को आनन-फानन में ऊरा का चपरासी बनाकर शीलभद्र जोशी निवासी चपानी के खाते में 34500 रूपये की राशि का भुगतान कर गलत तरीके से बंदरबाट कर गबन कर लिया गया , सचिव के भ्रष्टाचार प्रमाणित होने के बाद भी अधिकारी भ्रष्टाचारी सचिव को बचाने का खेल खेलते रहे जिसकी शिकायत जिला कलेक्टर से भी की गई किंतु अधिकारियो की जाँच खुद संदेह के घेरे मे है।
*कहना है*
पूर्व सरपंच व पंचों द्वारा की गई शिकायत के उपरांत सचिव अंबिका शुक्ला द्वारा पशु चिकित्सालय औषधालय के कार्य को कराया गया , और अन्य बिंदुओं के शिकायत की जांच के विषय में मुझे विशेष जानकारी नहीं है
*राम प्रमोद केवट सचिव ग्राम पंचायत ऊरा*
उपरोक्त मामले की जाँच हुई थी जिसमे मुझे दोषमुक्त पाया गया एवं चपरासी का भुगतान सुशील भद्र जोशी के नाम त्रुटिवश हो गया था आप कहा है विज्ञापन की राशि ले जाए।
*अंबिका शुक्ला पूर्व सचिव ग्राम पंचायत ऊरा व वर्तमान सचिव बेलियाबडी*
