जनप्रतिनिधियों का अमर्यादित आचरण नाकाबिले बर्दास्त- भूपेश शर्मा

जनप्रतिनिधियों का अमर्यादित आचरण नाकाबिले बर्दास्त- भूपेश शर्मा


अनूपपुर

असंसदीय, असंवैधानिक और अमर्यादित आचरण की छूट किसी को नही है । ऐसा व्यवहार सर्वथा निंदनीय और अस्वीकार्य है। जनप्रतिनिधि इसके पहरुआ होते हैं, उनकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वे समाज में संसदीय, संवैधानिक और मर्यादित आचरण की परंपरा विकसित करें और उसके खिलने-फैलने का वातावरण बनाएं । लेकिन जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी जबाबदेही से मुंह मोड़कर जब खुद ही अमर्यादित आचरण करने लगें तो समाज को उन्हें आईना दिखाने के लिए आगे आना ही चाहिए ।* 

यह विचार गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता भूपेश भूषण ने व्यक्त किये । उन्होंने कहा कि वे कोतमा विधायक के वायरल वीडियो से हतप्रभ हैं । आपने कहा कि शाहीन बाग आंदोलन के समय केंद्र में सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने दिल्ली में रिवाल्वर लहराते हुए समुदाय विशेष के विरुद्ध घृणा और हिंसा का प्रदर्शन कर देश को झकझोर दिया था। तब भी हमने उसकी निंदा की थी और इस घटना की भी हम निंदा करते हैं। हम यद्यपि वायरल वीडियो की सच्चाई का दावा नही करते लेकिन हम यह जरूर चाहते हैं कि राज्य सरकार मामले का स्वतः संज्ञान लेकर उसकी विधिवत जांच कराए और यदि उसमें सच्चाई पाई जाए तो उस पर कानूनी कार्यवाही करे ।  

हर्ष और उल्लास व्यक्त करने का यह कोई तरीका नही हो सकता। हिंसा और हिंसक साधनों का प्रदर्शन किसी भी सभ्य समाज के लिए नाकाबिले बर्दास्त होना चाहिए। गांधी विचार के संगठन मध्यप्रदेश सर्वोदय मंडल से जुड़े भूपेश भूषण ने कहा कि कोतमा विधायक को इस घटना के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए ।

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