भय दिखाकर P- 6 खोलने की तैयारी, प्रबंधन रहा नाकाम, किसान धरने बैठे, प्रशासन वापस लौटा

भय दिखाकर P- 6 खोलने की तैयारी, प्रबंधन रहा नाकाम, किसान धरने बैठे, प्रशासन वापस लौटा


अनूपपुर/कोतमा

कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड का जमुना कोतमा क्षेत्र की बहुचर्चित खदान आमाडांड ओ सी एम उप क्षेत्रीय प्रबंधक की हठधर्मिता एवं तानाशाही पूर्वक रवैया के कारण चलती खदान बंद हो गई जिसके कारण आमाडाड का उत्पादन 9000 से घटकर 800 टन में आ गई और पी 6 पेंच आगे नहीं बढ़ सकी जिसके कारण अब महाप्रबंधक जमुना कोतमा को पी 6 पेज चालू करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

*महाप्रबंधक की युक्ति ना आई काम*

नवागत महाप्रबंधक हरिजीत सिंह मदान अपने कुशल सूझ बूझ एवं कठिन परिश्रम से लगातार प्रशासन नेता एवं दमदार किसानों से मिलकर आज 21 दिसंबर 2022 को  प्रयास किया। कॉलरी प्रबंधन छोटे एवं आदिवासी किसानों को प्रशासन का भय दिखाकर पी सिक्स पॉइंट पर मशीन लगाकर उत्खनन का कार्य करने के लिए युक्ति बनाई और आज सुबह से ही जिले की पुलिस बल को बुलाकर पी सिक्स पॉइंट को पुलिस छावनी के रूप में तब्दील करवा दिया गया । किंतु आदिवासी किसानों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलकर शांति पूर्वक धरने पर बैठ गए जिससे प्रशासन को झुकना पड़ा और आगे की कार्यवाही के लिए समय देकर यहां से जिला प्रशासन वापस जाना पड़ा।

*प्रभावित किसानों से मिलकर महाप्रबंधक  किए चर्चा*

आदिवासी किसानों के धरने पर बैठने से जिला प्रशासन ने कॉलरी के महाप्रबंधक को सलाह दिए कि वह स्वयं जाकर किसानों से मिले और इनकी समस्याओं का निराकरण कर पी सिक्स पॉइंट को चालू करवाएं जिसके कारण एच एस मदान ( महाप्रबंधक ), वेद प्रकाश (एरिया पर्सनल ऑफिसर) डी के रघुवंशी, उप महाप्रबंधक जी पी अग्रवाल (एस ओ सिविल) एवं एफएम मैडम की उपस्थिति में किसानों की समस्याओं से रूबरू हुए एवं शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया गया । जिसमें किसानों में भी खदान खोलने के लिए सहमति व्यक्त की किंतु अपनी समस्याओं को भी पूरी करने की मांग रखी।

*कॉलरी ने किया लाखों  खर्चा परिणाम रहा शून्य*

कलरी प्रबंधन के जल्दबाजी में लिया गया फैसला जिसका परिणाम आज पूरी तरह से शून्य रहा जबकि पुलिस बल बुलाने नेताओं को मैनेज करने खाना-पीना आदि में लाखों रुपए खर्च किए गए उसके बाद भी परिणाम संतोषजनक नहीं रहा अब देखना यह है कि कॉलरी प्रबंधन द्वारा अगला क्या कदम उठाया जाता है जिससे क्षेत्र की जीवनदायिनी कहे जाने वाले यह खदान पुनः चालू हो सके।

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