ट्रैक्टर की चपेट में आकर युवक की मौत, परिजन घटनास्थल पर ही बैठे धरने पर, मुआवजे की मांग
अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छुल्हा मैं मंगलवार की दोपहर रेत का परिवहन कर रहे ट्रैक्टर वाहन ने दो पहिया वाहन से स्टेशन की ओर जा रहे तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी. जिससे मौके पर ही बाइक चालक की मौत हो गई वहीं दो अन्य को भी हल्की चोट आई है. जिसके पश्चात मृतक के परिजनों के द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर शव को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए. दोपहर 2:00 बजे से रात्रि के 7:00 बजे तक परिजनों के साथ ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण तथा जनप्रतिनिधि भी पीड़ित परिजनों को मुआवजा तथा न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे।
*यह है मामला*
कोतमा थाना क्षेत्र के ग्राम छुल्हा मैं मंगलवार की दोपहर 1:30 बजे छुल्हा निवासी राजकुमार अगरिया पिता रामदीन 40 वर्ष जोकि रायपुर मजदूरी रोजगार के लिए कोतमा रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था. वाहन को राजकुमार ही चला रहा था वही पीछे गांव के ही राम प्रमोद तथा लेखन बैठे हुए थे. जैसे ही दो पहिया वाहन छुल्हा मोड़ के पास पहुंचा तभी सामने की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी. जिससे मौके पर ही राजकुमार अगरिया की सर में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई।
*घटनास्थल पर ही धरने पर बैठे परिजन एवं स्थानीय ग्रामीण तथा जनप्रतिनिधि*
मामले की सूचना जैसे ही मृतक के परिजनों को लगी उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. और वह सभी घटनास्थल पर धरने पर बैठ गए. मृतक अपने परिवार का अकेला कमाने वाला था जिसके पीछे उसकी पत्नी तथा दो बेटे तथा दो बेटियां हैं. जिनके भरण-पोषण के लिए ही वह रायपुर रोजगार की तलाश में जा रहा था. तभी उसकी मौत हो गई दोपहर 2:00 बजे से शाम के 7:00 बजे तक सड़क पर सब रखकर धरना प्रदर्शन जारी रहा. परिजनों के साथ ही स्थानीय ग्रामीण एवं जिला पंचायत सदस्य राम जी रिंकू मिश्रा तथा जनपद पंचायत कोतमा के उपाध्यक्ष कुंवर अभिषेक सिंह भी धरने पर बैठे रहे।
*तहसीलदार सहित कई थानों के थाना प्रभारी पहुंचे मौके पर*
मामले की सूचना जैसे ही थाना प्रभारी अजय बैगा को लगी वह मौके पर जा पहुंचे लेकिन रेप ठेका कंपनी के विरुद्ध लोगों का आक्रोश बढ़ता ही गया जिसको देखते हुए स्थिति को संभालने के लिए कई थानों के थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे. इसके साथ ही तहसीलदार ईश्वर प्रधान भी घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन परिजनों के द्वारा रेत ठेका कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग के साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग पर प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले पाया. जिसके कारण देर शाम तक परिजन धरने पर ही बैठे रहे।
