40 दिन की अवधि समाप्त फिर भी डटे है डीपीओ सहायक डीपीओ ने संचालनालय को लिखा पत्र
अनूपपुर।
लोक अभियोजन संचालनालय भोपाल द्वारा विगत माह पूर्व जिला अभियोजन अधिकारी अनूपपुर रामनरेश गिरी का स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर पुलिस मुख्यालय अजाक भोपाल किया गया था। किन्तु जिला अभियोजन अधिकारी ने उक्त आदेश के विरूध्द उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट पिटीशन दाखिल कर उच्च न्यायालय जबलपुर से 28.10. 2022 को 40 दिवस तक अनूपपुर डीपीओ के रूप में पदस्थ रहने का आदेश प्राप्त कर, वापस जिला अनूपपुर में बतौर जिला लोक अभियोजन अधिकारी के रूप में कार्य किया जा रहा था। किन्तु 07 दिसम्बर को उच्च न्यायालय द्वारा दी गयी अवधि समाप्त होने के बाद भी, श्रीगिरी द्वारा अनूपपुर में अब तक जिला अभियोजन अधिकारी के रूप में कार्य किया जा रहा है। जो कि उच्च न्यायालय के आदेश कि पूर्णतः अवहेलना है। जिस पर सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नारेन्द्र दास महरा ने लोक अभियोजन संचालनालय भोपाल को पत्राचार कर, उक्त पूरे मामले से अवगत कराते हुऐ कार्यवाई का मांग किया गया है। सहा. अभियोजन अधिकारी ने उक्त पत्र में पूरा वृतांत लिखते हुऐ यह भी उल्लेख किया है कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुऐ जिला एवं सत्र न्यायधीश अनूपपुर द्वारा 40 दिन कि अवधि समाप्त होने पर प्रकरणों में पैरवी करने के लिऐ श्रीगिरी को निषेधित कर दिया गया है। बावजूद इसके श्रीगिरी द्वारा जिले में डीपीओ के रूप में पदस्थ ना होते हुऐ भी उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के विपरीत कार्य किया जा रहा है। साथ ही उनका यह कृत्य म.प्र. शासन अभियोजन संचालनालय भोपाल के आदेश के भी विपरीत है। जिस पर उचित कार्यवाई आवश्यक है।
गौरतलब है कि- जिला अभियोजन अधिकारी लम्बे समय से अनूपपुर में पदस्थ रहे हैं। जिनका प्रशासनिक अधिकारियों से तालमेल ठीक नही बैठ पाने के कारण अक्सर विवादों से इनका नाता रहा है। लेकिन सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा की गयी पत्राचार के बाद कयी सवालों ने जन्म ले लिया है। कि आखिरकार क्या वजह है कि जिला अभियोजन अधिकारी उच्च न्यायालय द्वारा दी गयी अवधि समाप्त होने के बाद भी अनूपपुर से कहीं और स्थानांतरण नही चाहते। सवाल उठता है की जब अदालती फरमानों को लोक अभियोजन के जिम्मेदार जिला अधिकारी ही ठेंगा दिखाने लग जाऐं। तो न्यायपालिका कि महत्वता कितनी बरकरार रहेगी।
