संविधान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक ने किया कार्यक्रम

संविधान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक ने किया कार्यक्रम


शहडोल

शासकीय नेहरू डिग्री महाविद्यालय बुढ़ार जिला शहडोल के राष्ट्रीय सेवा योजना  संयुक्त इकाई / स्वयंसेवक एवं छात्र छात्राएं के द्वारा धूमधाम से बनाया गया संविधान दिवस कार्यक्रम इसमें स्वयंसेविका छात्र-छात्राएं बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया अपनी प्रतिभा का मार्गदर्शन मिला छात्र-छात्राएं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना परिवार की ओर से सविधान दिवस हार्दिक शुभकामनाएं एवं ढेर सारी बधाई दिया गया इस अवसर पर सविधान  (कानून ) के विस्तार पूर्वक जानकारी शिक्षक के माध्यम से दिया गया प्राध्यापक  गणों एवं शिक्षक सविधान दिवस के विस्तार बौद्धिक परिचर्चा किया गया।

किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संविधान को विश्व का सबसे  लम्बा लिखित विधान होने का गौरव प्राप्त है। भारतीय संविधान हमारे देश की आत्मा है। इसका देश से वही संबंध है, जो आत्मा का शरीर से होता है। भारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर पूर्ण हुआ था। चूंकि डॉ. भीमराव अंबेडकर संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, इसलिए भारत सरकार द्वारा उनकी 125वीं जयंती वर्ष के रूप में 26 नवंबर 2015 को प्रथम बार संविधान दिवस संपूर्ण देश में मनाया गया। उसके पश्चात 26 नवंबर को प्रत्येक वर्ष संविधान दिवस मनाया जाने लगा। इससे पूर्व इसे राष्ट्रीय विधि दिवस के रूप में मनाया जाता था। संविधान सभा द्वारा देश के संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में पूर्ण किया गया था। इस पर 114 दिन तक चर्चा हुई तथा 12 अधिवेशन आयोजित किए गए।

 जिसमें उपस्थिति प्राध्यापक गणों में आई के बेक सर, एसएन प्रजापति सर, दिनेश वर्मा सर, मनोज कुजूर सर, दीपक पटेल सर, कमलेश प्रजापति सर एवम एनएसएस के स्वयंसेवक / स्वयंसेविका छात्र-छात्राएं आदि इसी के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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