यह पार्टी का कार्यालय, स्टोर रूम है या सरकारी दफ्तर, क्या अब कर्मचारी बांधेंगे पार्टी का झंडा?
अनूपपुर/पसान
अनूपपुर जिले के पसान नगर पालिका हमेशा राजनैतिक दाव पेंच में हमेशा आगे रहती है अभी हाल में ही चुनाव हुए हैं जिसमें भाजपा के लोगो को सत्ता मिल गयी है यहाँ के भ्रष्टाचार की कहानी किसी से छुपी नही है नए पुराने कुर्सी संभालने वाले लोग एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप हमेशा लगाते चले आ रहे हैं। कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस की बल्ले बल्ले रहती हैं।वर्तमान स्थित देखकर यह लगता हैं कि यह नगर पालिका नही रह गयी है बल्कि किसी पार्टी का कार्यालय बनकर रह गया है पार्टी की सारी रणनीति व सारे कार्य यही से संचालित हो रहे हैं। विकास के नाम पर लॉलीपॉप जैसे सपने दिखाए जा रहे हैंआम जनता का कार्य रामभरोसे ही हो रहा हैं जबकि यहाँ पर पार्टी के नेताओ का जमघट लगा रहता है।
नगरपालिका सरकारी दफ्तर या भाजपा का स्टोर रूम ??
नगरपालिका पसान के कार्यालय में उपयंत्री एवं लेखापाल के चेंबर के ठीक बाहर वाले हॉल में सत्तारूढ़ राजनैतिक दल "भारतीय जनता पार्टी" के करीब पांच सौ झंडे ऐसे अंदाज में रखे मिले जैसे यह एक सरकारी कार्यालय न होकर भाजपा का स्टोर रूम या कार्यालय हो, भाजपा के लोग सत्ता में आते ही पार्टी से मिलने वाला दायित्व पूरा करने के लिए नगरपालिका को ही भाजपा पार्टी का कार्यालय बना लिए है यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत होता हैं कि पार्टी के जीते हुए जनप्रतिनिधि पार्टी का झंडा उठाकर चलने और बांधने के लिए मजबूर हैं उसके साथ ही कार्यालय के कर्मचारी भी अब पार्टी के लिए झंडा बांधने का कार्य करने वाले हैं जिससे पूरे क्षेत्र में विकास ही विकास नजर आने वाला है। सूत्र बताते हैं कि कुछ लोगो के रसूख के आगे कर्मचारी भी नतमस्तक है यहाँ रहना है तो इस तरह का काम करना ही पड़ेगा।
क्या अन्य राजनीतिक दलों का भी सहयोग करेगी निकाय ??
एक राजनैतिक दल के चुनाव चिन्ह मुद्रित झंडों का एक सरकारी निकाय में थोक के थोक मिलना अनुशासन और कायदे कानून पर सेंध लगना सिद्ध करता है, और पूरे नियम कानून अपनी जेब मे रखने जैसा लग रहा है मगर यह तो सदियों से चलता आ रहा है कि जिसकी लाठी उसकी भैस, सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का, सवाल यह उठता है कि जब भाजपा के लिए एक सरकारी नगरपालिका में स्टोर रूम बनाने की इतनी जगह है तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे अन्य दलों भी अपना झण्डा रखने के लिए मांग कर सकती है कि उन्हें भी नगर पालिका कार्यालय में पार्टी का सामान रखने की जगह दी जाए। इस तरह के कार्य से केवल पार्टी व पार्टी के लोगो का ही विकास होना है। आम जनता तो जो पहले से देखते चली आ रही है वैसे ही देखते 5 साल गुजार देगी। इसे क्या समझे भाजपा पार्टी की दादागिरी या पार्टी के लोगो की हिटलर शाही?
*इनका कहना है*
वो झंडे किसने रखे, कब रखे, मुझे आइडिया नहीं है। आपसे सूचना मिली है, तत्काल दिखवाता हूं।
*प्रदीप कुमार झारिया सीएमओ, नगरपालिका पसान*
