सीएमओ से पार्षदों के अभद्रता के विरोध में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठ सौपा ज्ञापन
22 नवंबर को मुख्य नगरपालिका अधिकारी ज्योति सिंह के साथ पीआईसी के सदस्यों की एक बैठक हुई थी। बैठक में वार्ड 9 और 11 के पार्षदों पर सीएमओ ने अभद्रता का आरोप लगाया था। इसके बाद सीएमओ ने कलेक्टर से दोनों पार्षदों को अयोग्य घोषित करने के लिए एक पत्र भी लिखा। सीएमओ ज्योति सिंह के साथ हुई अभद्रता का विरोध करते हुए बुधवार को नगर पालिका के सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए। इसके बाद शहर में सफाई की व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई। सफाईकर्मियों ने नगर पालिका के अध्यक्ष अंजूलिका शैलेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर सीएमओ के साथ हुई अभद्रता का विरोध जताया। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर सफाई कर्मियों ने अनिश्चित काल तक हड़ताल करने की बात कही हैं।
*यह है पूरा मामला*
कलेक्टर को लिखे पत्र में सीएमओ ने उल्लेख किया कि 22 नवंबर को प्रेसीडेंट इन काउंसिल की बैठक थी। बैठक में पूर्व से एजेंडा नियत था। जिसकी सूचना सदस्यों को दी गई। बैठक शुरू होते ही वार्ड 11 के पार्षद प्रवीण सिंह और वार्ड 9 के पार्षद अनिल पटेल ने अतिरिक्त एजेंडा सहायक लेखाधिकारी को निलंबित करने, कर्मचारियों के प्रभार फेरबदल के संबंध में, गजाला परवीन सहायक राजस्व निरीक्षक जिन्हें अनाधिकृत व्यक्ति राजबलि साहू से राजस्व का कार्य कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों से राशि लेने, अवैध भवन निर्माण में बढ़ावा, संपत्तिकर की राशि ज्यादा लेकर कम राशि की रसीद काटने, राजनीतिक गतिविधियों में संलग्न रहने और भवन निर्माण में अवैध रूप से मनमाने के लिए राशि लेने के आरोप में निलंबित किया था। उनका पक्ष लेकर गाली-गलौज करने लगे और टेबल ठोकने लगे। और हेमंत गौतम सफाई प्रभारी के खिलाफ बिना आरोप के सेवा समाप्त के लिए लड़ाई झगड़ा करने लगे, जिससे मुझे बैठक बीच में ही छोड़कर उठना पड़ा। सीएमओ ने कलेक्टर से अनुरोध किया कि कार्यालयीन कार्य में बाधा डालने एवं परिषद विरुद्ध कार्य करने और अशोभनीय आचरण के कारण पार्षद प्रवीण सिंह और अनिल पटेल को पार्षद पद से अयोग्य करें।
