उद्योग की फर्जी भर्ती की तिकड़ी तिल मिलाकर स्थानीय पत्रकारों को दे रहे धमकी

उद्योग की फर्जी भर्ती की तिकड़ी तिल मिलाकर स्थानीय पत्रकारों को दे रहे धमकी

*मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कर रहा गुमराह चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर*


शहडोल

सोडा कास्टिक यूनिट अंतर्गत कुछ वर्षों के अंतराल में और अभी वर्तमान में किए गए भर्ती प्रक्रिया में व्यापक तौर पर उद्योग के अधिकारियों की तिकड़ी मामले का खुलासा होने पर ऐसे तिलमिला गई है कि अपनी गलतियों को छुपाने के लिए अनाप-शनाप एवं अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप करने में लग गए हैं सबसे बड़ा कारण यह है कि इस तिकड़ी के द्वारा काफी दिनों से उद्योग के अंदर फर्जी तरीके से यहां के स्थानीय लोगों के साथ अन्याय पूर्ण व्यवहार एवं द्वेष पूर्ण भावना से प्रेरित होकर लकड़ी माफिया एवं खाद्यान्न माफिया के साथ उनके गहरे संबंध होने के कारण इन  तिकड़ी के द्वारा अपना अंदरूनी व्यवहार बनाते हुए इनके इशारों पर कई लोगों की भर्ती चोरी छुपे की गई। यही नहीं ओरिएंट पेपर मिल कागज कारखाना के उच्च अधिकारियों को उनके द्वारा किए जा रहे निरंतर फर्जी भर्ती अभियान का खुलासा होने पर उनके द्वारा इन्हें इस विषय को लेकर दिए जा रहे दिशा निर्देशों के पालन में कोताही बरतते हुए अपने आप को पाक साफ बताने का प्रयास कर यह कहा जाता है कि यह पैसा मांगते हैं और ना देने पर अनाप-शनाप प्रचार करते ऐसी स्थिति में ओरिएंट पेपर मिल कागज कारखाना अमलाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से अपेक्षा जताई जाती है कि आज दिनांक तक किए गए फर्जी भर्ती की सूक्ष्म जांच कराते हुए सत्यता का उजागर किया जा सकता है। ज्ञात हो कि इनका संबंध खाद्यान्न एवं लकड़ी माफिया के साथ होने के कारण इनके द्वारा उद्योग के बाहर बसी आबादी के लोगों को गुमराह करते हुए इनके द्वारा आयोजित सांस्कृतिक या अन्य कार्यक्रमों में इन्हें आगे की सीट पर बैठा कर जो सम्मान प्रदान किया जाता है। उसके एवज में इनके द्वारा इनके कहे अनुसार स्थानीय लोगों को धमकी देते हुए दबाव बनाने का प्रयास बदस्तूर जारी है विश्वस्त सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि यह तिकड़ी अपनी की गई फर्जी भर्तियों को छुपाने के लिए यहां के स्थानीय पत्रकार एवं अखबार के संवाददाताओं के ऊपर उन्हें डराने एवं धमकाने के नाम पर कोर्ट में केस करने की धमकी पुलिस थाने में एफ आई आर दर्ज कराने की दी जाती रही है। यह आरोप लगाया जाता है कि इनके द्वारा हमसे रुपयों की मांग की जाती है जबकि पूर्व प्रबंधन के द्वारा आज दिनांक तक स्थानीय पत्रकारों के ऊपर कभी भी इस प्रकार के आरोप नहीं लगाए गए क्योंकि सदैव औद्योगिक हित को ध्यान में रखते हुए यहां के स्थानीय पत्रकारों के द्वारा उद्योग के उत्पादन प्रबंधन संचालन एवं संरक्षण के लिए सदैव सहयोग की भावना से प्रेरित होकर कार्य किया गया किंतु जब से इस तिकड़ी के द्वारा उद्योग का कार्यभार संभाला गया है तब से इनका संबंध उद्योग विरोधी लोगों के साथ इस कदर है कि यह सही और गलत का फैसला करने में अपने आप को सक्षम नहीं मानते क्या कारण है कि सदैव उद्योग के अधिकारियों के खिलाफ कूट रचित षड्यंत्र करने वाले तथाकथित असामाजिक तत्वों के द्वारा उद्योग के गेट के बाहर एवं कुछ समय पूर्व उद्योग के अंदर साधारण रूप मैं गैस रिसाव होने की स्थिति में उद्योग के अंदर घुस कर मेन गेट एवं टाइम ऑफिस पर बैठे अधिकारियों के साथ मारपीट गाली गलौज एवं बलवा जैसे कृत्यों को अंजाम दिया जाता रहा है फिर क्या कारण है कि आज सोडा कास्टिक यूनिट के प्रबंधन वर्ग के द्वारा इन्हें शह देने का प्रयास किया जा रहा है।

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget