संगीतमय श्रीमद भागवत कथा आयोजन के पश्चात आज होगा ब्राम्हण भोज व भंडारा
भगवान का अवतार मानव समाज से अत्याचारियों के विनाश के लिए होता है - डॉ. मनमोहन दास
अनूपपुर
अनूपपुर जिले के ग्राम फुनगा में चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पुण्य अवसर पर परणागत आश्रम वृंदावन (उ. प्र.) से कथा व्यास भागवत मर्मज्ञ डॉ मदन मोहन दास जी ने प्रेरणादायी कथा का श्रवण कराते हुये कहाकि भगवान का अवतार, मानव समाज में बढ़ते हुये, अत्याचार का विनाश करना है, और सदाचारियों का संरक्षण करना है।
परमपूज्य 1008 श्री रामसुभग दास जी महराज (पट्टी बाबा) के शुभाषीर्वाद से गौतम नगर फुनगा में 11 अक्टूबर से आगामी 17 अक्टूबर तक स्व. यशोदा बाई षर्मा के वार्षिक श्राद्ध (बरसी) पर संगीतमय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है, जिसका पुण्य लाभ श्रद्धालु धर्म प्रेमी कथा स्थल पर पहुंचकर अर्जित कर रहे हैं। श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के मुख्य यजमान गणेश शर्मा (बाबूजी) श्रीमती उर्मिला शर्मा तथा मुख्य श्रोता कमलेश शर्मा रूपेश शर्मा, उमेश शर्मा, भूपेश शर्मा, नागेष शर्मा हैं जिनके द्वारा पूज्य मातुश्री स्व. यशोदा बाई शर्मा के वार्षिकश्राद्ध (बरसी) पर संगीतमय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है।
भागवत मर्मज्ञ डॉ मदन मोहन दास प्रेरणादायी कथा का श्रवण कराते हुये कहाकि भगवान श्रीकृष्ण का - जन्मावतार भी पापाचार, अनाचार के दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए हुआ, और जन्म के साथ ही अत्याचारियों का विनाश प्रारंभ हुआ, चाहे तृणावर्त हो, पूतना हो, या कंस हो, सभी का विनाश कर, अत्याचार से मानव समाज को मुक्त करायें। डॉ मदन मोहन दास महाराज ने कहाकि देव भाषा संस्कृत में श्रीमद् भागवत महापुराण की रचना वेदव्यास जी ने करके जीव व ईश्वर के बीच के अंतर को समाप्त करने का पुण्य कार्य किए, जो आज भी मानव समाज को ईष्वर का साक्षात्कार करने का माध्यम बना हुआ है, और मानव समाज को एक सनातन संस्कृति व सनातन मूल्यों का संस्कार मिल रही है। 18 अक्टूबर को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
