डीएमएस कंपनी फर्जी मस्टररोल भरकर मजदूरों का कर रही है शोषण अधीक्षण अभियंता से हुई शिकायत

डीएमएस कंपनी फर्जी मस्टररोल भरकर मजदूरों का कर रही है शोषण अधीक्षण अभियंता से हुई शिकायत


अनूपपुर/चचाई

प्रवीण भटनागर ब्लॉक अध्यक्ष श्रम प्रकोष्ठ कांग्रेस कमेटी ने अधीक्षण अभियंता सेवायें अमरकंटक ताप विद्युत गृह मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड चचाई जिला अनूपपुर को पत्र लिखकर डी०एम०एस० इंटरप्राइजेज एण्ड कंपनी द्वारा सेवाये वृत्त के सीएचपी में संचालित कार्य में श्रमिको का जमकर शोषण करने एवं फर्जी श्रमिको का नाम मस्टररोल में डालकर शासन की उत्पादन कंपनी को लाखो रुपयो का चूना लगाने की लिखित शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यादेश कमांक 001-04/ser/ 2019/ MPPGC-65872 / WO3215171 DTD 07 02-2020. के अनुसार सेवाये वृत्त के सीएचपी संभाग में स्टोन पिकिंग का कार्य डी०एम०एस० इंटरप्राइजेज एण्ड कंपनी को 1,49,22,523 /- जीएसटी / टेक्स सहित को दिया गया है। उक्त फर्म द्वारा श्रम कानूनो का लगातार उल्लंघन करते हुये श्रमिको का जमकर शोषण किया जा रहा है। साथ ही कार्यादेश में उल्लेखित शर्तों का पालन भी नही किया जा रहा।

कार्यादेश के अनुसार उक्त फर्म द्वारा प्रतिदिन 24 श्रमिको के नाम पर मात्र 6 श्रमिक ही कार्य पर लगाये जाते है। जिससे श्रमिको से 08 घंटे की जगह 12 घंटे लगातार कार्य कई वर्षों से कराया जा रहा है। जो कि नियम विरुद्ध है व दंडनिय अपराध है। उक्त फर्म द्वारा विगत कई वर्षों से मस्टररोल मे लगभग 12 से 15 फर्जी श्रमिको के नाम से लाखो रुपये का भुगतान प्रतिमाह शासन की उत्पादन कंपनी से प्राप्त किया गया है। जिसमे शासन की उत्पादन कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत है। मस्टररोल मे साइट के सुपरवाइजर डेनियल टी. संगमा के नाम से उच्च कुशल श्रमिक का वेतन का आहरण कई वर्षो से किया है। जो कि कभी साइट पर कार्य नही करता। उल्टा श्रमिको को डरा धमकाकर उनका आर्थिक शोषण करता है।

फर्म के साइट सुपरवाइजर डेनियल टी. संगमा द्वारा फर्जीवाडा करके कई ऐसे श्रमिको का गेटपास बनवाकर वेतन का भुगतान प्राप्त किया गया है। जो कई कई माह / वर्षो से चचाई में ही नही है। इसकी पुष्टि मुख्य द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे की विडियो रिकार्डिंग से की जा सकती है। फर्म मे साइट सुपरवाइजर द्वारा श्रम कानूनो का उल्लंघन कर श्रमिको को वेतन नगद दिया जाता है जो कि श्रमिको की मजदूरी का आधे से भी कम मात्र 275 रु. प्रतिदिन के हिसाब से है जो कि गंभीर अपराध की श्रेणी मे आता है। इस पर पर्दा डालने के लिये फर्म द्वारा श्रमिको का वेतन खाता चचाई से अन्यत्र बाहर की बैंक में खुलवाया हुआ है और सभी श्रमिको का बैक का पासबुक एवं एटीएम स्वयं के पास रखा हुआ है। जिससे दिखाने के लिये तो बैंक के माध्यम से श्रमिक के खाते मे वेतन जाता है लेकिन श्रमिक को स्वयं मालूम नही है कि उसका किस बैंक मे वेतन आता है और कितनी वेतन उसके खाते में जमा होती है। अतः नियमतः उक्त फर्म मे कार्यरत सभी श्रमिको का बैंक खाता बैंक आफ बडौदा चचाई मे खुलवाने के लिये आदेशित किया जाये। एवं सभी श्रमिको को बैंक की पासबुक एवं एटीएम कार्ड दिलाये जाये।

फर्म में कार्यरत सभी श्रमिको को अनिवार्यतः प्रत्येक माह वेतन पर्ची उपस्थिति पत्रक जीएल, ईएल बोनस की राशि का भुगतान कराया जाये। श्रमिको को सुरक्षा उपकरण जैसे सेफटी शू, हेलमेट डस्ट मास्क, हैण्ड ग्लोब्ज आदि दिलवाया जाये। कार्यादेश के अनुसार श्रमिको की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज कराई जाये। उक्त फर्म द्वारा विगत कई वर्षों से कूटरचित दस्तावेजो के माध्यम से किये जा रहे करोडो रुपयो के फर्जीवाडा एवं श्रमिको के साथ किये जा रहे शोषण से बचाने हेतु उच्चस्तरीय जांच कराते हुये शोषण पर रोक लगाये जिससे मजदूरों का शोषण न हो।

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