चकमा देकर 3 वर्ष से गांजा तस्करी मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

जिले की ब्यौहारी पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। वर्ष 2023 में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक इकोस्पोर्ट कार रीवा की ओर जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में गांजा रखा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन का पीछा किया, लेकिन चालक कार को जंगल के रास्ते ले गया और अंधेरे का फायदा उठाकर गांजा से भरी कार छोड़कर फरार हो गया था।

घटना के दिन पुलिस ने मौके से कार जब्त कर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान वाहन से 87 किलो गांजा बरामद किया गया था। हालांकि आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी और वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। मामले की फाइल खुली रही, लेकिन ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था।

हाल ही में थाना प्रभारी जिया उल हक ने मामले की जांच दोबारा तेज की। कार के नंबर के आधार पर वाहन की जानकारी खंगाली गई तो पता चला कि वाहन छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में पंजीकृत था। पुलिस जब वाहन मालिक तक पहुंची तो उसने बताया कि उसने घटना से पहले वर्ष 2023 में बिलासपुर स्थित एक ऑटो डीलर के माध्यम से वाहन इमरान पिता मुबारक खान को बेच दिया था। पुलिस टीम ने बिलासपुर पहुंचकर दबिश दी और आरोपी इमरान पिता मुबारक खान को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कार खरीदने के बाद गांजे की खेप लेकर जा रहा था, 

 पीसीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ठेकेदार और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप


अनूपपुर

जिले की ग्राम पंचायत सकोला में इन दिनों पीसीसी रोड का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बताया जा रहा है कि राजू भरिया के घर से मुख्य मार्ग तक बनाई जा रही इस सड़क के निर्माण में स्वीकृत एस्टीमेट (अनुमानित लागत और मानक) की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता विहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इसके जल्दी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। उनका कहना है कि न तो तय पैमाने के अनुसार सीमेंट-बालू का मिश्रण हो रहा है और न ही मोटाई का ध्यान रखा जा रहा है। इससे पूरा निर्माण कार्य संदेह के घेरे में आ गया है।

स्थानीय निवासियों ने इस घटिया निर्माण के लिए पंचायत के सचिव और सहायक यंत्री (इंजीनियर) लव श्रीवास्तव की मिलीभगत का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इंजीनियर लव श्रीवास्तव का नाम विभागीय मामलों को लेकर अक्सर चर्चा और सुर्खियों में रहता है, और अब इस निर्माण कार्य में भी उनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि वे ठेकेदार को मानकों के विपरीत निर्माण की छूट दे रहे हैं, जिससे जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है।

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल इस मामले में किसी भी अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

दो भागों में बटे तीन हाथी घर एवं फसल का कर रहे नुकसान,रात रात जाग कर खतरा मोल लेकर ग्रामीण खदेड़ते है हाथी


अनूपपुर

तीन हाथियों का समूह दो अलग-अलग हिस्सों में बट कर निरंतर 64 दिनो से अनूपपुर जिले में भ्रमण कर रहे हैं जो दिन के समय जंगल में रहकर शाम एवं रात होते ही जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर ग्रामीणों के घरो में तोड़फोड़ कर एवं खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बना रहे हैं निरंतर हाथियों के विचरण करने एवं नुकसान करने से ग्रामीण जन बेहद परेशान है ग्रामीण जन हाथियों के आने पर रात रात भर जाग कर हाथियों को अपने इलाके से खदेड़ने को मजबूर है ग्रामीणों ने जिले के जनप्रतिनिधियों,वन विभाग एवं जिला प्रशासन से हाथियों को जिले से दूर करने हेतु ठोस कदम उठाए जाने की मांग की है।

तीन हाथियों का समूह चार-पांच दिन से एक बार फिर दो एवं एक की संख्या में अलग-अलग होकर वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील जैतहरी के धनगवां बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा एवं पड़रिया के ग्रामीण अंचल से लगे जंगल में दिन में ठहरने बाद शाम एवं रात होते ही जंगल से निकल कर एक दांत वाला नर हाथी ग्राम पंचायत पड़रिया की चोई गांव अंतर्गत जुनहाटोला में कई किसानों के खेत में लगे गेहूं एवं अन्य तरह की फसलों को रात भर अपना आहार बनाया जबकि दो दो दांत वाले हाथी देर रात को रोहिलाकछार गांव से लगे जंगल में विभिन्न तरह के पेड़ों को तोड़कर आहार बनाते रहे सोमवार की सुबह दोनों हाथी बीट धनगवां के आमापानी जंगल में ठहरे रहे जबकि एक दांत वाला हाथी चोलना बीट के प्लांटेशन के जंगल में ठहरा रहा सोमवार की रात दोनों हाथी ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के किसानों के खेतों में लगे चना मटर एवं अन्य तरह की फसल को आहार बनाते हुए मंगलवार की सुबह धनगवां बीट के जंगल हुडराडोंगरी में पहुंचकर विश्राम कर रहा है वही एक दांत वाला नर हाथी सोमवार की रात चोलना बीट के प्लांटेशन जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के गढ़ईटोला निवासी जियालाल कोल,लालमन चौधरी,रामेश्वर सिंह एवं झुमुखलाल कोल के घरों में पहुंचकर घर को तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे खाने पीने की सामग्रियों को अपना आहार बनाते हुए मंगलवार की सुबह धनगवां बीट के आमापानी जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। निरंतर 64 दिनों से तीन हाथियों से ग्रामीण परेशान है।

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