प्रधानमंत्री के भूमि पूजन के बाद भी इन्दवार सिंचाई परियोजना का कार्य ठण्डे बस्ते में
प्रधानमंत्री के भूमि पूजन के बाद भी इन्दवार सिंचाई परियोजना का कार्य ठण्डे बस्ते में
*राजनैतिक प्रतिस्पर्धा से खटाई में पडी महती योजना, बजट के बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ*
उमरिया
लोक सभा चुनाव के पूर्व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उमरिया जिले के इन्दवार मध्यम सिंचाई परियोजना का भोपाल के लाल परेड मैदान से ही वर्चुअल भूमि पूजन 29 फरवरी 2024 दिन गुरूवार को करते हुए आधार शिला रखी थी, जिसके शिलालेख आज भी जनपद पंचायत मानपुर में आज भी धूल खा रहे हैं।मालुम होवे की लाल परेड मैदान में माननीय प्रधानमंत्री ने सत्तह हजार करोड़ रूपये से अधिक के भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न किये गए थे जिसमें चार सिचाई परियोजनायें शामिल थी जिनमें जन जातीय बाहुल्य जिले जबलपुर संभाग के मंडला, डिण्डौरी और शहडोल संभाग के अनूपपुर व उमरिया जिले के इन्दवार में सोन नदी में मध्यम सिंचाई परियोजना शामिल थी,जिसमें लगभग छह हजार, चार सो करोड़ रूपये की लागत से बननी थी जिसमें इन्दवार सिचाई परियोजना के लिये तीन सौ छप्पन करोड़ अडतीस लाख करोड़ रूपये स्वीकृति दी गई थी इस सिंचाई परियोजना से दो हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि की सिचाई किया जाने का अनुमान बजट में बताया गया था । इस सिचाई परियोजना के लिए वर्ष 2024 के बजट में शामिल किया गया था जिसकी अधिकृत सूचना मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट के व्दारा शामिल किये जाने की सूचना सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह संसदीय क्षेत्र शहडोल और क्षेत्रीय विधायक मानपुर सुश्री मीना सिंह को पत्र लिखकर दी गई थी। पत्र मिलते ही जिले भर में खुशी की लहर दौड़ गयी और साथ ही भारतीय जनता पार्टी की दोनों जन नेत्रियों के बीच श्रेय लेने की होढ मच गयी , दोनों के व्दारा अपने प्रयासों को जनता के बीच पहुचाने की भरसक कोशिश की गयी, जिसकी चर्चाये अपने -अपने तरह से चलती रही है इन खबरों से भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच पहले से चली आ रही प्रतिस्पर्धा यहाँ तक पहुँच गयी की यह महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना दो साल बीत जाने के बाद भी उसी हाल में पडा हुआ है। अगर इस मामले में राजनैतिक पहल की जाती तो इन दो वर्षों में परियोजना अपने मूल स्वरूप को प्राप्त करती दिखाई देती, जो की जिले के किसानों के लिए मिला वरदान साबित होती, लेकिन सरकार की यह सिंचाई परियोजना प्रधानमंत्री के भूमि पूजन के बाद भी क्षेत्रीय राजनैतिक प्रतिस्पर्धा की बलि चढ़ गयी।


