मतगणना सुनने के लिए बैठे लोगों को जान से मारने की कोशिश करने वाले आरोपियों को 10-10 वर्ष का कारावास व जुर्माना
मतगणना सुनने के लिए बैठे लोगों को जान से मारने की कोशिश करने वाले आरोपियों को 10-10 वर्ष का कारावास व जुर्माना
अनूपपुर
लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी शंकर चैधरी पिता स्व. बालकरण चैधरी उम्र 20 वर्ष एंव संतोष कुमार चैधरी पिता स्व. बालकरण चैधरी, उम्र 23 वर्ष दोनों निवासी सोन मौहरी, थाना कोतवाली अनूपपुर, जिला अनूपपुर 01 जुलाई 2022 को रात्रि करीब 09ः00 बजे पुलिस थाना अनूपपुर अन्तर्गत ग्राम सोन मौहरी में फाटक हाई स्कूल के पास वोट की गिनती सुनने के लिये बैठे हुए फरियादी कदमिया बाई एंव अन्य आह्तगण राधेश्याम चैधरी, कपसू चैधरी व सोना चैधरी को मां-बहन के अश्लील शब्द उच्चारित कर उन्हें एंव अन्य सुनने वालो को क्षोभ कारित किया एंव लाठी- डण्डा एंव टांगी/कुल्हाडी से मारकर गंभीर प्राण घातक चोेटे कारित की जिससे मृत्यु हो सकती थी तथा यदि मृत्यु होती तो हत्या के दोषी होते।
उक्त अपराध के संबंध में फरियादी ने थाना कोतवाली अनूपपुर मे आकर रिपोर्ट लिखवाई। जिसके संबंध में थाना कातवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 370/2022 धारा 294, 323, 506, 34, 307 भारतीय दण्ड संहीता में पंजीकृत किया गया। पुलिस के द्वारा विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा घटना के संबंध में आहतगण एंव अन्य साक्षियों के बयान लिया गया एंव जप्ती की कार्यवाही की जाकर जांच हेतु एफ0एस0एल0 सागर भेजा गया। मामले में पुलिस की ओर सेे न्यायालय के समक्ष संपूर्ण विवेचना के उपरांत अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल कें न्यायालय में सुनवाई की गयी जिसमें शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने 14 साक्षियों के साक्ष्य कराये और 23 दस्तावेजों को परीक्षत कराया गया। वही पर आरेापी के अधिवक्ताओ ने 4 दस्तावेज को प्रदर्शित कराया। साक्ष्य एंव विचारण उपरांत शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी शंकर चैधरी एंव संतोष कुमार चैधरी को भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 294, 323, 506, 34, 307 मेें आरोपियो को दोषी पाते हुए दोषसिद्ध ठहराया गया जिसमें आरोपी को 10-10 साल का कारावास एवं 5,000/-रू0 जुर्माना से दंडित किया गया। आरोपी को निर्णय उपरान्त न्यायायिक अभिरक्षा जिला जेल अनूपपुर में भेद दिया गया।


