रेस्क्यू के दौरान उग्र हुआ हाथी पिंजरा तोड़कर जंगल की ओर भागा, मची भगदड़, फिर चलेगा अभियान


शहडोल

शहडोल और अनूपपुर जिले में डेढ़ महीने से दहशत फैला रहे बिगड़ैल हाथी को पकड़ने की कोशिश शुक्रवार को नाकाम हो गई। रेस्क्यू के दौरान हाथी अचानक उग्र हो गया और पिंजरा पलटकर जंगल की ओर भाग निकला, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। 

जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र के बेलिया क्षेत्र में पिछले चार दिनों से बिगड़ैल हाथी को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार अभियान चला रही है। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब बिगड़ैल हाथी पिंजरा तोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। घटना के समय मौके पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बांधवगढ़ और संजय गांधी टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम मौजूद थी।

जानकारी के अनुसार चार प्रशिक्षित हाथियों की मदद से बिगड़ैल हाथी को कैंप तक लाया गया। जैसे ही उसे पिंजरे के अंदर किया गया, हाथी अचानक आक्रोशित हो गया और उसने पिंजरे को पलट दिया। हाथी के उग्र रूप को देखकर मौके पर मौजूद रेस्क्यू दल और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। करीब दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई।

वन विभाग ने हाथी को काबू करने के लिए तीन बार ट्रैंकुलाइजर डोज भी दी लेकिन प्रयास विफल रहा और हाथी जंगल की ओर भाग निकला। घटना में पिंजरा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे मरम्मत के लिए बुढार भेजा गया है।

वन विभाग के मुताबिक बिगड़ैल हाथी पिछले डेढ़ महीने से शहडोल और अनूपपुर जिले के गांवों में लगातार उत्पात मचा रहा है। हाथी के हमले में अब तक चार लोगों और आठ मवेशियों की मौत हो चुकी है, जबकि दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हुए हैं। वन संरक्षक महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान ऐसी घटनाएं सामान्य हैं। टीम दोबारा तैयारी में जुटी है और शनिवार को फिर अभियान चलाया जाएगा।

मोटरसाइकिल की टक्कर से युवक घायल, अज्ञात वाहन से टकराया जंगली सूअर हुई मौत


अनूपपुर

थाना भालूमाड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोविंदा गांव के पास बीती रात्रि लगभग 10 बजे एक सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार युवक घायल हो गया। घटना के संबंध में थाना भालूमाड़ा पुलिस द्वारा प्रकरण क्रमांक 0272/2026 विधिवत पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई तथा स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रिंस सिंह पिता रमाशंकर सिंह, उम्र 18 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 14 भालूमाड़ा, अपने दोस्त विनय साहू की होंडा एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक MP65 S 7891) से कोतमा से भालूमाड़ा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे भालूमाड़ा रोड पर पेट्रोल पंप से आगे ग्राम गोविंदा गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल, जिसे कथित रूप से तेज रफ्तार एवं लापरवाहीपूर्वक चलाया जा रहा था, ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के प्रभाव से स्कूटी सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गया।

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को संभाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। घायल युवक को उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। मोटरसाइकिल में दो व्यक्ति सवार थे, जिनमें एक का नाम मलखांन सिंह बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मोटरसाइकिल अत्यधिक तेज गति में थी, जिसके कारण चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और दुर्घटना घटित हुई। सूचना मिलने पर भालूमाड़ा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। 

*अज्ञात वाहन से टकराया जंगली सूअर हुई मौत*


जिला मुख्यालय अनूपपुर से 9 किलोमीटर दूरी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 43 भोलगढ गांव के समीप गुरुवार की साम अज्ञात बड़े वाहन की ठोकर से एक जंगली सूअर के टकराने पर सूअर स्थल पर मृत हो गया। वनविभाग द्वारा मृत जंगली सूअर के प्रकरण पर कार्रवाई की है। 

राष्ट्रीय राज्य मार्ग 43 में ग्राम भोलगढ़ के पिंजरहा धार के समीप कुरियारी जंगल की ओर से विचरण कर में सड़क पार कर रहा एक न जंगली सूअर अज्ञात वाहन से टकरा गया, जिसकी स्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना अनूपपुर से कोतमा की ओर जा रहे पत्रकार सुधाकर पयासी द्वारा वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल को दिए जाने पर शशिधर अग्रवाल द्वारा वन विभाग को सूचित करते हुए स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर भोलगढ वनरक्षक रोहित उपाध्याय एवं सुरक्षा श्रमिकों के साथ मृत जंगली सूअर के शव को वनचौकी भोलगढ़ में लाकर रखते हुए घटना की जानकारी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया। शुक्रवार के दिन डॉ. योगेश चंद्र दीक्षित पशु चिकित्सा अधिकारी अनूपपुर द्वारा पीएम की कार्यवाही किए जाने बाद वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में कफन,फूल एवं अगरबत्ती से मृत जंगली सूअर के शव का दाह संस्कार किया गया।

जहरीले कीटनाशक व रसायन युक्त पदार्थों के सेवन से 5 गौवंशों की हुई मौत, ग्रामीणों में आक्रोश, कार्यवाही की माँग


शहडोल 

जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब कटहा नाला के पास स्थित खेतों के आसपास 5 से अधिक गौवंश मृत अवस्था में मिले। आरोप है कि सब्जी फार्मिंग में उपयोग किए गए कीटनाशक और रसायन युक्त पदार्थों के सेवन से गौवंशों की मौत हुई है। घटना के बाद पशुपालकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। एक साथ 5 से अधिक गौवंशों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पशुपालकों को हुए भारी नुकसान के बीच ग्रामीण अब जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। 

जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंहपुर-बोड़री मार्ग पर कटहा नाला के पास स्थित एक खेत में दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में 5 से अधिक गौवंशों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सिंहपुर थाने का रुख किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में सब्जी फार्मिंग का कार्य करने वाले एक किसान द्वारा खेतों में भारी मात्रा में कीटनाशक एवं अन्य रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया गया था। बताया जा रहा है कि खेत में पेस्टीसाइड युक्त सामग्री और रसायन मिश्रित पानी खुले में पड़ा हुआ था,इसी जहरीले पदार्थ का सेवन करने अथवा रसायन युक्त पानी पीने से गौवंशों की मौत हुई है।

घटना में किसान हेमराज पटेल, रुद्र बैगा, परवी बाई, राधा पटेल सहित अन्य ग्रामीणों के मवेशियों की मौत होने की बात सामने आई है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गौवंशों की मौत से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खेत में उपयोग किए जा रहे रसायनों का सुरक्षित निस्तारण किया जाता तो यह घटना टाली जा सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए, मृत गौवंशों को देखकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया, ग्रामीणों ने संबंधित किसान की लापरवाही को इस हादसे का जिम्मेदार बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। 

फिलहाल मामले की शिकायत सिंहपुर थाने में की गई है। पुलिस और संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गौवंशों की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। 

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