एकलव्य आवासीय विद्यालय में करोड़ों की खरीदी मामले में गुणवत्ता से खिलवाड़, गेंहू से कम दाम पर आटा की आपूर्ति 


उमरिया

जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पाली में सामग्री आपूर्ति के लिए आमंत्रित निविदा प्रक्रिया में जिस तरह से संबंधित निविदा कारो ने दर अंकित कर सस्ते दरो में आपूर्ति कर रहे हैं उससे खरीदी प्रक्रिया में संकट के बादल मंडराने लगे हैं। विदित होवे की जिस दर पर कृषक धान बेच कर उसे घाटे का सौदा मान रहा है उस दर पर निविदा कारो ने चावल आपूर्ति करने का अनुबंध करने जा रही है।

ध्यान देने योग्य है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में अध्ययन रत छात्र -छात्राओं को उत्तम सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त सामग्री क्रय करने के लिए विद्यालय के प्राचार्य ने अपने पत्र क्र /इ एम आर एस / निविदा/ 2025-26/809 पाली दिनांक 12-3-26 के माध्यम से निविदा प्रक्रिया आमंत्रित कर 01 अप्रैल 26 से 31 मार्च 27 तक सामग्री प्रदान करने के लिए निविदा बुलाई गई थी , जो नियमत‌: खोली जा चुकी है। निविदा खुलने के बाद आपूर्तिकर्ताओं ने प्रतिस्पर्धा में जो दर डालें है, उससे सप्लाई प्रक्रिया संदेश के दायरे में आ गयी है। जग जाहिर है कि मध्यप्रदेश सरकार के व्दारा मोटी धान का  समर्थन मूल्य 23.69 प्रति किलो रखा गया है और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में चावल की आपूर्ति 26.00 रूपये प्रति किलो में करने की तैयारी की गयी है। इसी तरह गेहूँ का समर्थन मूल्य किसान के लिए बोनस सहित 26.25 प्रति किलो रखा गया है तब 25.00 प्रति किलो में आटा की उपलब्धता कराना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है। इसी तरह अरहर दाल 58.00 प्रति किलो सप्लाई करने की तैयारी है। यह वस्तुऐं तो हांडी के दो दाने के समान है। बाजार मूल्य से कम दाम पर आपूर्ति निश्चित ही माप और गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने को आदर्श आवासीय विद्यालय में धूम मचाने को तैयार है।

उल्लेखनीय है कि जब बाजार में भारी वृद्धि की संभावनायें बनी हुई है, तब एक साल तक कम दर का सौदा करना कही न कहीं खरीदी प्रक्रिया को प्रभावित करने की ओर इशारा करती है। ऐसी स्थिति में विद्यालय के प्रबंध समिति को चाक चौबंद रहने की जरूरत है ।

भीषण अग्निकांड, पलभर में राख हुई पूरी गृहस्थी, मौत के मुहाने से लौटे पांच लोग, बर्तन तक पिघल गए


अनूपपुर

प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15, जमुना दादर गली नंबर 2 में दरम्यानी रात भीषण आगजनी की घटना सामने आई। इस हादसे में राजकुमारी बाई (उम्र 36 वर्ष), पिता गुलाब सिंह के कच्चे झोपड़ी मकान में अचानक आग लग गई, जिससे घर में रखा संपूर्ण गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत यह रही कि आग लगने के समय झोपड़ी के अंदर सो रहे पांचों लोग महिला, उसका 6 वर्षीय पुत्र, बहन, बहनोई और मौसी समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।

आग इतनी भीषण थी कि घर में रखे लोहे और एल्युमिनियम के बर्तन तक जलकर विकृत हो गए और उनकी आकृति बिगड़ गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और टीन की अलमारी, कपड़े, बिस्तर, चद्दर, कंबल, पलंग, रसोई के बर्तन, राशन, सोने-चांदी के आभूषण, गुल्लक में रखे करीब 6 हजार रुपए, विद्युत पंखा सहित अन्य सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई। इतना ही नहीं, बच्चे के स्कूल के दस्तावेज, आधार कार्ड, समग्र आईडी सहित सभी जरूरी कागजात भी आग की भेंट चढ़ गए।

सूचना मिलते ही नगर परिषद अमरकंटक की अग्निशमन टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। उल्लेखनीय है कि प्रभावित झोपड़ी के आसपास करीब 50-60 अन्य झोपड़ियां स्थित हैं। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।

पीड़िता राजकुमारी बाई, जो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती है और सोशल मीडिया पर रील बनाकर भी सक्रिय रहती थी, ने बताया कि आग की इस घटना में उसका सब कुछ तबाह हो गया है। उसके महंगे वस्त्र, मेकअप का सामान और मोबाइल से जुड़े संसाधन भी नष्ट हो गए। पीड़िता ने भावुक होकर बताया कि उसने पाई-पाई जोड़कर अपना घर और सामान तैयार किया था, जो एक ही रात में खत्म हो गया। थाना अमरकंटक पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

सीईओ ने 60 सरपंचो के खिलाफ वसूली के दिए आदेश, राशि जमा न करने पर निर्वाचन में 6 वर्ष की लगेगी रोक


उमरिया

जिला पंचायत उमरिया अंतगर्त जनपद पंचायत मानपुर, पाली, एवं करकेली के पंचायत पदाधिकारी सरपंच व्दारा शासन की विभिन्न योजनाओं की राशि गबन के प्रकरण न्यायालय विहित प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया मे मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89/92 के तहत पंजीबध्द कर 59 प्रकरणों में 60 सरपंचो के विरूध्द वसूली के आदेश पारित किए गए है। 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभय सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 एवं 92 के तहत कुल 59 प्रकरण दर्ज किये जाकर 60 सरपंचों को जिला पंचायत उमरिया के एकल खाता पंजाब नेशनल बैंक शाखा उमरिया, नामे मुख्य कार्यपालन अधिकारी. जिला पंचायत उमरिया में जमा करने के निर्देश दिये जाने के पश्चात भी राशि जमा नहीं की जा रही है । प्रकरण में अन्य अनावेदक पंचायत सचिव एवं प्राम रोजगार सहायकों के विरूद्ध पारित वसूली आदेश में वसूली योग्य राशि की कटौती नियमित रूप से उनके वेतन से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों द्वारा की जा रही है। 

उन्होने सरपंचों को 15 दिवस का अतिरिक्त अवसर देकर आदेशित किया है कि वसूली योग्य राशि शासकीय कोष में जमा कर पावती उपलब्ध करावें । राशि जमा नहीं करने की दशा में पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 (क) के तहत उनकी चल एवं अचल सम्पत्ति को सर्वजनिक रूप से नीलाम किया जाकर राशि की वसूली की जायेगी तथा उक्त सरपंचों को धारा 92 की सहायक धारा 5 के तहत कार्यवाही करते हुए 6 वर्ष की कलावधि के लिए किसी पंचायत से निर्वाचन के लिए आगामी 6 वर्ष के लिए निरर्हित किये जाने की कार्यवाही की जायेगी साथ ही मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के विहित प्रावधानों के तहत सिविल जेल की कार्यवाही की जावेगी।

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