पूर्व पार्षद के भय से लापता मूक-बधिर युवक, परिजनों का आरोप, दो माह बाद भी पुलिस की कार्रवाई शून्य
पूर्व पार्षद के भय से लापता मूक-बधिर युवक, परिजनों का आरोप, दो माह बाद भी पुलिस की कार्रवाई शून्य
*पुलिस अप्रिय घटना का कर रही है इंतजार*
अनूपपुर
नगर के वार्ड क्रमांक-6 निवासी 38 वर्षीय मूक-बधिर युवक दशरथ पाटस्कर पिछले लगभग दो महीनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। परिजनों का आरोप है कि मामले में पूर्व पार्षद एवं भाजपा कार्यकर्ता से पुलिस सख्ती से पूछताछ नहीं कर रही, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार दशरथ पाटस्कर पिछले करीब 25 वर्षों से बस स्टैंड स्थित एक होटल में कार्यरत था, जो पूर्व पार्षद अजय तोमर से जुड़ा बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि 9 फरवरी को होटल में मारपीट और अभद्रता की घटना के बाद दशरथ अचानक वहां से चला गया और उसी रात घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिवार ने थाना कोतमा में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
दशरथ के भाई अरुण पाटस्कर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका भाई मूक-बधिर होने के कारण अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर पाता था और लंबे समय से प्रताड़ना सह रहा था। उन्होंने बताया कि बेटे के वियोग में उनकी वृद्ध मां की मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है और परिवार गहरे सदमे में है।
परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई और जिस व्यक्ति के यहां दशरथ काम करता था, उससे कड़ाई से पूछताछ तक नहीं की जा रही। अरुण पाटस्कर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्या पुलिस किसी बड़ी अप्रिय घटना या मेरे भाई की लाश मिलने का इंतजार कर रही है? आखिर प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई से परहेज क्यों?”
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते गंभीरता से जांच होती तो शायद अब तक लापता युवक का पता चल सकता था। क्षेत्रवासियों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से मिलकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
इनका कहना है
पुलिस कार्यवाही पर लगी हुई है जैसे ही पता चलेगा परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
*रत्नाकर शुक्ल, थाना प्रभारी कोतमा*



