सात साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, पूर्व पार्षद के नाबालिग बेटे के हत्यारे को उम्रकैद की सजा


शहडोल

सराफा व्यापारी और शहडोल के पूर्व पार्षद के नाबालिग बेटे की हत्या के सात साल पुराने सनसनीखेज मामले में विशेष न्यायालय (अजा-जजा) शहडोल ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी धनराज समुद्रे उर्फ अप्पू को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए अलग-अलग उम्रकैद की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।

कोर्ट ने आरोपी को भादंवि की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड, धारा 364 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड, धारा 397 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 भादंवि एवं 25(1-बी) आयुध अधिनियम में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से उपनिदेशक अभियोजन एस.एल. कोष्टा ने पैरवी की।

मामला 30 दिसंबर 2019 का है, जब फरियादी अजय सोनी ने थाना कोतवाली में सूचना दी कि उनका 15 वर्षीय पुत्र अक्षत सोनी दोपहर में घर से मोबाइल लेकर निकला था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान गवाहों के बयान और संदेह के आधार पर आरोपी धनराज उर्फ अप्पू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अक्षत को मोटरसाइकिल से मुड़ना नदी कल्याणपुर ले गया, जहां सोने की चेन, मोबाइल और अन्य सामान लूटने के बाद धारदार चाकू से उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था।

आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शव बरामद किया था। पोस्टमॉर्टम में गले पर धारदार हथियार से गहरी चोट पाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, जब्त हथियार और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चालान न्यायालय में पेश किया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष द्वारा 21 साक्षियों और 40 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने मामले को जघन्य एवं गंभीर मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने की थी आत्महत्या, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल 

जिले के बुढ़ार थाना अंतर्गत चौकी केशवाही क्षेत्र में एक महिला को लगातार प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतिका ग्राम पंचायत बलबहरा में मोबिलाइजर के रूप में कार्यरत थी। घटना के बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत भवन बलबहरा में मोबिलाइजर सुनैना कुशवाहा (30) पत्नी सुरेन्द्र कुशवाहा निवासी बलबहरा ने पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, शव पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों व अन्य साक्षियों के बयान दर्ज किए।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गांव का ही निवासी मुरारीलाल सोनी उर्फ मुरारी (33) पिता अशोक कुमार सोनी बीते 7-8 महीनों से महिला को लगातार परेशान कर रहा था। आरोपी महिला को अपने साथ रखने की बात कहकर बदनाम करता था और अक्सर गाली-गलौज भी करता था। इतना ही नहीं, वह फोन के माध्यम से भी महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।

लगातार हो रही इस प्रताड़ना से महिला काफी मानसिक तनाव में थी। पुलिस के अनुसार इसी प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने 11 मार्च को ग्राम पंचायत भवन बलबहरा में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी मुरारीलाल सोनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। वही सुनैना के पति ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसने कहा कि 2025 में भी आरोपी के विरुद्ध हमने शिकायत दर्ज करवाई थी, कि वह उसकी पत्नी को परेशान करता है। लेकिन पुलिस ने कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की।

भारतीय किसान संघ राष्ट्रीय मार्ग पर करेंगा चक्का जाम, प्रशासन पर अनदेखी के आरोप 

*अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी*


उमरिया

जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर अब किसान शांत बैठने वाला नहीं है, बताया जाता है कि शासन प्रशासन से  बार बार आग्रह कर वह थक चुका है , और अब वह आर पार के लडाई का मन बना लिया है।बताया जाता है कि किसानों की जायज मांगों की उपेक्षा लगातार जिला प्रशासन के व्दारा किया जा रहा है।जिससे  किसानों में व्यापक जनक्रोष बढता जा रहा है और स्थित इतनी बिगड गयी है कि  भारतीय किसान संघ ने प्रशासन की इस अनदेखी से नाराज होकर आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। भारतीय किसान संघ ने अब साफ तौर पर उग्र आंदोलन छेडने की तैयारी कर ली है।भारतीय किसान संघ ने इसके लिए विधिवत आंदोलन छेडने की चेतावनी भी दे  दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान समय रहते  नहीं हुआ तो भारतीय किसान संघ अब बिना देर किये ही शहडोल -घुनघुटी हाईवे पर चक्का जाम आंदोलन कर अपने मांगों की लड़ाई लडेगा। 

भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि  कई बार भारतीय किसान संघ के व्दारा कलेक्टर उमरिया को विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है बाबजूद  इसके प्रशासन के व्दारा किसानों की सुविधाओं को लेकर ऐहतियाती कदम नहीं उठाये गये। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके बाद प्रथम स्मरण पत्र कलेक्टर को और द्वितीय स्मरण पत्र आयुक्त शहडोल संभाग को दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

संघ का आरोप है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार किसानों के हित में योजनाओं और घोषणाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उमरिया जिला प्रशासन इन समस्याओं से आंखें मूंदे बैठा है।

किसान संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन से चर्चा और बैठक के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे किसान आंदोलित होने को मजबूर हो गया है। 

भारतीय किसान संघ ने ऐलान किया है कि अब “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन के तहत शहडोल-घुनघुटी हाईवे को पूरी तरह बंद किया जाएगा। इस आंदोलन में 42 गांवों के किसान शामिल होंगे, जो सड़क पर ही रहकर खाना-पीना और डेरा डालेंगे। संघ ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं। आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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