अवैध उत्तखनन पर कार्यवाही करके लौट रही वन अमले पर हुआ हमला, खनन माफियाओं के हौसले बुलंद


शहडोल

शहडोल में कानून को खुली चुनौती, जंगल की हिफाजत करने निकली फॉरेस्ट टीम पर कोल माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। रेंजर सहित वन अमले को बंधक बनाकर मारपीट की गई। इस दौरान 30 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने अपनी दबंगई दिखाई। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक खनन माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहेंगे? क्या अब जंगल बचाने वाले ही असुरक्षित हो गए हैं।

दरअसल जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करना वन विभाग के लिए अब जानलेवा साबित होता जा रहा है। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र के बडखेरा अंतर्गत खितौली बीट सीमा स्थित सोन नदी का है, जहां अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर लौट रही वन टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया, हमले में शहडोल रेंजर राम नरेश विश्वकर्मा सहित वन अमले के कर्मचारियों को घेरकर बंधक बनाया गया और मारपीट की गई। 

बताया जा रहा है कि सोन नदी के किनारे कोल माफिया लंबे समय से अवैध उत्खनन कर कोयले का परिवहन कर रहे थे। वन विभाग को इसकी सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई के बाद जब अमला वापस लौट रहा था, तभी करीब 30 से अधिक लोगों ने संगठित होकर रास्ता रोक लिया और हमला बोल दिया। सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व भी माफियाओं ने रेंजर के साथ बदतमीजी करते हुए धमकी दी थी। घटना की शिकायत वन विभाग द्वारा सोहागपुर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।  

वन मंडलाधिकारी दक्षिण, श्रद्धा पंद्रे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन कर्मियों पर हमला बेहद गंभीर विषय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में सोहागपुर थाना प्भरी अरुण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की तरफ से एक शिकायत आई है , जिस पर मामलें की जांच करा उचित कार्रवाई की जाएगी।

प्रस्तुत होने वाले बजट में मिले विशेष पैकेज जनहित मे डॉ. सुनील चौरसिया ने मुख्यमंत्री को किया पत्राचार 


अनूपपुर

म.प्र.विधानसभा में आगामी 16 फरवरी से शुरू होकर 18 फरवरी को पेश होने वाले बजट में अनूपपुर जिले के जिला योजना समिति के सदस्य और नगर परिषद डूमरकछार के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार चौरसिया ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री को पत्राचार कर अनूपपुर जिले के कोयलॉंचल क्षेत्र की ज्वलंत जनसमस्याओं को प्रस्तुत होने वाले बजट में समुचित प्रावधान सहित शामिल किए जाने का आग्रह किया है।

जिले के कोयलांचल क्षेत्र एवं उससे जुड़े व्यापक कोयलांचल (कोयला खनन प्रभावित) क्षेत्र के नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का ध्यान उन गंभीर समस्याओं की ओर श्री चौरसिया ने आकृष्ट कराया है,जो वर्षों से लंबित होने के कारण अब जनजीवन,स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं।

कोयलांचल क्षेत्र जमुना -कोतमा,बिजुरी,रामनगर,राजनगर कालरी,डूमर कछार,आमाडांड,डोला एवं आसपास के समस्त क्षेत्र देश के महत्वपूर्ण कोयला उत्पादक क्षेत्रों में आते हैं,इस क्षेत्र ने दशकों से प्रदेश एवं राष्ट्र की ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है,किन्तु विडम्बना यह है कि ऊर्जा देने वाला यह क्षेत्र स्वयं बुनियादी सुविधाओं से आज भी वंचित है।

श्री चौरसिया ने प्रस्तुत होने वाले बजट में विशेष पैकेज प्रदाय करने की मांग सम्बंधित पत्राचार करते हुए क्षेत्र के लिए जनहितैषी निम्न कार्यो को बजट में शामिल करने का आग्रह किया है। कोयला उत्खनन के उपरांत कोयला खदानों के लगातार बंद होने से क्षेत्र में बेरोजगारी और पलायन की समस्या बढ़ रही है,बन्द कोयला खदानों के द्वारा अर्जित शेष भूभाग एवं शेष उपयोगी भूमि पर कल कारखाने,उद्योग धंधो की स्थापना की जाए,ताकि सेवानिवृत हो चुके श्रमिकों,उनके आश्रितों और क्षेत्र के नागरिकों रोजगार मिल सके और इन्हें क्षेत्र से पलायन ना करना पड़े साथ ही बेरोजगारी की समस्या से भी निजात मिल सके।

कोयला खदानों के बंद होने से लगातार पलायन जारी है,इस पलायन से हजारों की संख्या में विभिन्न क्षेत्रों में कोल इंडिया के आवासीय मकान खाली पड़े हुए हैं,इन मकानों को राज्य सरकार अपने अधिपत्य में लेकर सेवानिवृत हो चुके कोल इंडिया के कर्मचारियों,आंशिक सुधार कराकर मुख्यमंत्री आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद हितग्राहियों को प्रदाय किया जाए,ताकि जरूरतमंद नागरिकों का अपना घर होने का सपना साकार हो सके।

हाथी ने तोड़ा दीवाल, मलवा में दबने से वृद्ध घायल, खांडा के जंगल में तीसरे दिन ठहरा एक हाथी, दहशत में ग्रामीण


अनूपपुर

बुधवार एवं गुरुवार की मध्य रात जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर में एक आदिवासी के घर अचानक पहुंचे एक हाथी ने घर की दीवाल तोड़ी जिस दौरान घर के अंदर जमीन में सो रहे 70 वर्षीय वृद्ध दीवाल के मलवे में दबने से घायल हो गये जिसे उपचार हेतु जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है रात भर बरबसपुर इलाके में विचरण करते हुए खेतों में लगे फसलों एवं घरों में तोड़फोड़ करते सुबह होने पर यह हाथी आज तीसरे दिन खांड़ा गांव से लगे जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है।

बुधवार को दूसरे दिन एक दांत वाला नर हाथी वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील अनूपपुर के ग्राम पंचायत खांड़ा के गांव से लगे जंगल में दूसरे दिन बिताते शाम होने पर खांड़ा बांध से खांड़ा के मौहारटोला निवासी मझलू पिता गोरे साहू के घर की दीवार तोड़ते हुए पोंरी के जंगल से देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर जिला मुख्यालय अनूपपुर से 3 किलोमीटर दूर पर स्थित ग्राम पंचायत एवं ग्राम बरबसपुर के वार्ड क्रमांक 5 कपिलधारा कॉलोनी के पीछे घर के पास अचानक पहुंचकर दीवार तोडा जिस पर घर के अंदर जमीन पर सो रहे 70 वर्षीय वृद्ध विशाल भैना दीवार के गिरने से मलवा में दब गए जिसे परिजनों ने बाहर निकाला इस दौरान आधे घंटे से अधिक समय तक हाथी घर के पास रह कर घर के अंदर रखे धान की बोरी को बाहर निकाल कर धान को खाया,फैलाया ग्रामीणों के इकट्ठा होने एवं भगाए जाने पर यह हाथी रामसहाय कोल के घर के पास झाड़ियो में छिपा कर अचानक नारायण सिंह पिता बाबू सिंह के खेत में पहुंचकर खेत में लगे गेहूं की फसल को देर रात तक खाता रहा ग्रामीणों के भगाए जाने पर फिर से रामसहाय कोल के घर पहुंच कर घर की दीवार में तोड़फोड़ कर रामप्रसाद पाठक के खेत में लगे गेहूं एवं टमाटर की फसल को खाते हुए गुरुवार की सुबह पोड़ी गांव के बांधा के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग पारकर गुरुवार के तीसरे दिन पोंड़ी एवं खांड़ा गांव के बीच के स्थित सिद्धबाबा पहाड़ी जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है।

जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर इलाके में हाथियों द्वारा दिन के समय जंगल में बिताने बाद रात होते ही जंगल से निकल कर अनेको ग्रामीण अंचलों के ग्रामीणो के घर,खेत बाडियों में पहुंचकर संपत्तियों के नुकसान करने से ग्रामीण जन भयभीत एवं दहशत की स्थिति में जीवन व्यतीत करने को बाध्य हो रहे है यह हाथी रात के समय अचानक छिपते हुए कितने भी समय अचानक घरों में पहुंचकर तोड़फोड़ कर अनाज की तलाश करता है।

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