हाई कोर्ट ने सीएमओ जारी किया अवमानना नोटिस, 1 माह में मांगा जबाब


अनूपपुर

जिले की नगर पालिका अनूपपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रदीप कुमार झरिया को उद्यान की भूमि पर पालिका भवन निर्माण पर उच्च न्यायालय जबलपुर ने अवमानना का नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जबाब मांगा हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे ने बताया कि याचिकाकर्ता ने नगरपालिका अनूपपुर द्वारा उद्यान की भूमि पर नए भवन को लेकर उच्च न्यायालय जबलपुर में 28 अप्रैल 2025 को याचिका दायर की थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने 90 दिनों के अंदर नियमानुसार स्पीकिंग ऑर्डर जारी करने का आदेश दिया था, परन्तु याचिकाकर्ता के आवेदन पर बिना कोई निर्णय लिए भूमि पर नए भवन का गम दिनों उद्घाटन कर दिया गया। जिससे व्यथित होकर याचिकाकर्ता ने पुनः उच्च न्यायालय जबलपुर में अवमानना याचिका प्रस्तुत की थी, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रदीप कुमार झरिया को नोटिस जारी किया हैं।

संत दादा गुरु महाराज के सानिध्य में अमरकंटक में विराट हिंदू सम्मेलन सम्पन्न

*जहां विज्ञान का अंत होता है, वहीं से धर्म, अध्यात्म व सनातन संस्कृति की शुरुआत*


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक के रामघाट तट पर गुरुवार 5 फरवरी 2026 को नर्मदा पुत्र परिक्रमावासी संत दादा गुरु महाराज के सानिध्य में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश-प्रदेश से आए संतों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य (गुजरात) भरत सिंह परमार रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिंदुस्तान का भविष्य उज्ज्वल है, किंतु आने वाले समय में चुनौतियाँ भी होंगी, जिनका सामना जाति-पात से ऊपर उठकर एकजुट होकर करना होगा। उन्होंने सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु सर्वस्व समर्पण का आह्वान किया। सनातन समाज पर पाँच बिंदुओं पर आत्ममंथन करने का संदेश दिया गया। पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आग्रह किया तथा कहा कि राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति, भाषा और ध्वज से होती है।

अपने ओजस्वी उद्बोधन में परम तपस्वी संत दादा गुरु महाराज ने कहा कि भारत भूमि वह पावन धरा है जहाँ दिव्य शक्तियों का प्राकट्य हुआ है। गंगा और नर्मदा हमारे लिए मात्र नदियाँ नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष भगवती शक्ति हैं। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा को साधना और संस्कृति का जीवंत स्वरूप बताते हुए कहा कि यह परंपरा हमें अपनों के साथ जीना सिखाती है।

विराट हिंदू सम्मेलन धार्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक चेतना का सशक्त संगम बनकर अमरकंटक की पावन धरा पर एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्मरणीय रहा। उल्लेखनीय है कि मां नर्मदा के अनन्य भक्त नर्मदा पुत्र संत दादा गुरु महाराज के साथ हजारों श्रद्धालु परिक्रमा कर रहे हैं।

मां नर्मदा जी के अनन्य भक्त, नर्मदा पुत्र खंडवा के दादा धूनी वाले महाराज परंपरा के भैया जी सरकार, परम तपस्वी संत दादा गुरु महाराज ने आज प्रातः हजारों समर्थकों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों के साथ पवित्र नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा जी का विधिवत पूजन-अर्चन कर तट परिवर्तन एवं जल परिवर्तन की पावन धार्मिक परंपरा का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया। उत्तर तट स्थित रामघाट में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन एवं महाआरती संपन्न की। तत्पश्चात उन्होंने मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर में दर्शन कर उद्गम कुंड में विशेष पूजन किया।

टाइगर रिजर्व के बाघिन की दस्तक, दहशत का माहौल, वन विभाग ने सतर्क रहने के दिए निर्देश

*सड़क पार करने का वीडियो हुआ वायरल*


अमरकंटक।

पवित्र नगरी अमरकंटक में बाघिन की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। वन परिक्षेत्र अमरकंटक की अमरकंटक बीट अंतर्गत पीएफ कक्ष क्रमांक 235–236 के मध्य अमरकंटक–जालेश्वर–शहडोल मुख्य मार्ग के जंगलों में बीते कुछ दिनों से मादा बाघिन देखे जाने की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं।

गुरुवार, 5 फरवरी 2026 की रात्रि लगभग 8:30 बजे अमरकंटक–जालेश्वर मार्ग पर सड़क पार करती मादा बाघिन को मार्ग से गुजर रहे लोगों ने देखा। राजेंद्रग्राम निवासी गुप्ता परिवार ने वाहन रोककर बाघिन को फेंसिंग तार पार करने का प्रयास करते हुए देखा। बताया गया कि पहले प्रयास में बाघिन तार पार नहीं कर सकी, किंतु कुछ देर बाद उसने छलांग लगाकर फेंसिंग पार की और दुर्गाधारा जंगल की ओर चली गई। इस दौरान बाघिन के आसपास एक सियार भी घूमता दिखाई दिया।

बाघ के देखे जाने की सूचना गुप्ता परिवार द्वारा तत्काल अपने परिचित नगर परिषद पार्षद देवानंद खत्री को दी गई। पार्षद खत्री ने बिना विलंब किए इस संबंध में वन विभाग के परिक्षेत्राधिकारी को जानकारी दी। अमरकंटक वन क्षेत्र में बाघिन की मौजूदगी की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भय और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं। इसी दौरान पेंड्रा से अमरकंटक की ओर आ रहे पेंड्रा निवासी एक शिक्षक दंपति ने भी अपनी कार रोककर बाघिन का वीडियो रिकॉर्ड किया। 

वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि बाघिन जंगल की ओर जाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सड़क किनारे वन विभाग द्वारा लगाए गए कांटेदार तार के कारण वह कुछ समय तक इधर-उधर चहलकदमी करती रही। बाद में बाघिन ने छलांग लगाकर तार पार किया और जंगल की ओर चली गई। छह माह पूर्व इसी क्षेत्र में एक मादा बाघिन द्वारा कई मवेशियों का शिकार किए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना था।

मादा बाघिन अचानकमार टाइगर रिजर्व से भटककर इस क्षेत्र में पहुंची है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा मुनादी कराकर ग्रामीणों और यात्रियों को सतर्क किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक बाघिन द्वारा किसी पशु का शिकार नहीं किया गया है और संभावना है कि वह दिन के समय किसी झाड़ी या घने वन क्षेत्र में छिपी रहती हो। शुक्रवार सुबह निरीक्षण के दौरान पीएफ कक्ष क्रमांक 235–236 के मध्य बाघ के पैरों के निशान भी पाए गए हैं। वन विभाग ने नागरिकों से विशेष रूप से रात्रि के समय अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget