टाइगर रिजर्व के बाघिन की दस्तक, दहशत का माहौल, वन विभाग ने सतर्क रहने के दिए निर्देश
*सड़क पार करने का वीडियो हुआ वायरल*
अमरकंटक।
पवित्र नगरी अमरकंटक में बाघिन की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। वन परिक्षेत्र अमरकंटक की अमरकंटक बीट अंतर्गत पीएफ कक्ष क्रमांक 235–236 के मध्य अमरकंटक–जालेश्वर–शहडोल मुख्य मार्ग के जंगलों में बीते कुछ दिनों से मादा बाघिन देखे जाने की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं।
गुरुवार, 5 फरवरी 2026 की रात्रि लगभग 8:30 बजे अमरकंटक–जालेश्वर मार्ग पर सड़क पार करती मादा बाघिन को मार्ग से गुजर रहे लोगों ने देखा। राजेंद्रग्राम निवासी गुप्ता परिवार ने वाहन रोककर बाघिन को फेंसिंग तार पार करने का प्रयास करते हुए देखा। बताया गया कि पहले प्रयास में बाघिन तार पार नहीं कर सकी, किंतु कुछ देर बाद उसने छलांग लगाकर फेंसिंग पार की और दुर्गाधारा जंगल की ओर चली गई। इस दौरान बाघिन के आसपास एक सियार भी घूमता दिखाई दिया।
बाघ के देखे जाने की सूचना गुप्ता परिवार द्वारा तत्काल अपने परिचित नगर परिषद पार्षद देवानंद खत्री को दी गई। पार्षद खत्री ने बिना विलंब किए इस संबंध में वन विभाग के परिक्षेत्राधिकारी को जानकारी दी। अमरकंटक वन क्षेत्र में बाघिन की मौजूदगी की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भय और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं। इसी दौरान पेंड्रा से अमरकंटक की ओर आ रहे पेंड्रा निवासी एक शिक्षक दंपति ने भी अपनी कार रोककर बाघिन का वीडियो रिकॉर्ड किया।
वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि बाघिन जंगल की ओर जाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सड़क किनारे वन विभाग द्वारा लगाए गए कांटेदार तार के कारण वह कुछ समय तक इधर-उधर चहलकदमी करती रही। बाद में बाघिन ने छलांग लगाकर तार पार किया और जंगल की ओर चली गई। छह माह पूर्व इसी क्षेत्र में एक मादा बाघिन द्वारा कई मवेशियों का शिकार किए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना था।
मादा बाघिन अचानकमार टाइगर रिजर्व से भटककर इस क्षेत्र में पहुंची है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा मुनादी कराकर ग्रामीणों और यात्रियों को सतर्क किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक बाघिन द्वारा किसी पशु का शिकार नहीं किया गया है और संभावना है कि वह दिन के समय किसी झाड़ी या घने वन क्षेत्र में छिपी रहती हो। शुक्रवार सुबह निरीक्षण के दौरान पीएफ कक्ष क्रमांक 235–236 के मध्य बाघ के पैरों के निशान भी पाए गए हैं। वन विभाग ने नागरिकों से विशेष रूप से रात्रि के समय अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है।
