मजदूरों से भरा मालवाहक वाहन अनियंत्रित होकर पलटा, 10 लोग गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती


शहडोल

शहडोल कोतवाली थाना क्षेत्र के शाहपुर-मालाचुआ मार्ग पर सुबह मजदूरों से भरा मालवाहक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में जा घुसा। हादसे में वाहन में सवार दस ग्रामीणों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जबकि पांच अन्य को मामूली चोट आने पर उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले के अंतिम छोर के ग्राम पड़मनिया खुर्द और ग्राम कुंई से ग्रामीणों को मालवाहक वाहन के जरिए शहर मजदूरी कराने के लिए लाया जा रहा था। सुबह करीब 10 बजे शाहपुर और मालाचुआ के बीच अचानक वाहन का स्टेरिंग जाम हो गया, जिससे तेज रफ्तार मालवाहक संतुलन खो बैठा और सीधे नाले में जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को जिला चिकित्सालय शहडोल लाया गया।

अगरिया बैगा (18), राजकली बैगा (18), दिल्ला बाई सिंह (48), अंगूर बाई सिंह (35), प्यारा बाई यादव (36), शांति बाई सिंह (35), रामेश सिंह (42), चमेली सिंह (15), कलावती सिंह (22) और अनीता सिंह (20) शामिल हैं। वहीं भुंगिया बाई, द्रोपति बाई, सुनीता सिंह, सविता बाई सहित दो-तीन अन्य को मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। जिले में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है। माल वाहक वाहनों में दर्जनों लोगों को बैठाया जा रहा है, सवारियां ढोई जा रही है, लेकिन यातायात विभाग इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। जिससे लगातार हादसो में इजाफा हो रहा है।

दो बाइक की जबरदस्त भिड़ंत, दो युवकों की हुई मौत, मेले से लौटते समय हुआ हादसा


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गांधिया में देवीदाई मंदिर के पास रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लापरी मेला देखकर लौट रही और मेले की ओर जा रही दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में दोनों बाइकों के चालकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों बाइकों पर सवार चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब विनय सिंह (24) लापरी मेला देखकर बाइक से अपने घर लौट रहा था। उसके साथ उसकी दो बहनें भारती सिंह (19) और उमा सिंह (25) भी सवार थीं। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रही दूसरी बाइक से उसकी आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक चालक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दूसरी बाइक पर सवार युवक लवकुश अहिरवार (21), निवासी ग्राम दुआरी, थाना जयसिंहनगर, अपने एक दोस्त और चचेरे भाई के साथ लापरी मेला जा रहा था। हादसे में लवकुश की भी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार सरमन और मायाराम बैगा गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जयसिंहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से चारों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर बताया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई आस्था की  डुबकी, भक्तों ने किया पूजन, आअर्चना व दर्शन, मांगी मन्नत


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में माघ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। पतित-पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के तटों पर तड़के भोर से ही भक्तों की भीड़  उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने रामघाट, कोटि तीर्थ घाट कुंड एवं आरंडी संगम पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य स्नान किया तथा मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन, पूजन एवं अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

माघी पूर्णिमा के पावन पर्व पर देश के विभिन्न दूरस्थ अंचलों से आए नर्मदा भक्त, तीर्थयात्री, दर्शनार्थी एवं नर्मदा परिक्रमा वासी बड़ी संख्या में अमरकंटक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के उपरांत मां नर्मदा मैया एवं भगवान भोलेनाथ से सर्व मंगल, शांति, सुख-समृद्धि, अमन-चैन एवं परिवार तथा समाज के कल्याण की कामना की। नर्मदा तटों पर हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान-ध्यान एवं पूजन-अर्चन का क्रम प्रातः लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान नर्मदा नदी के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ बनी रही। वहीं मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। इसके साथ ही पवित्र नगरी अमरकंटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही दिनभर बनी रही, जिससे नगर में विशेष रौनक देखने को मिली।

माघ पूर्णिमा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिला पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान, एसडीओपी राजेंद्र ग्राम, नगर निरीक्षक नवीन तिवारी एवं लाल बहादुर तिवारी के नेतृत्व में नर्मदा घाटों, संगम स्थलों एवं नर्मदा मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस बल द्वारा निरंतर निगरानी रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित वातावरण में स्नान, ध्यान एवं दर्शन का लाभ प्राप्त किया।

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